Wednesday, January 22nd, 2020

बेबुनियाद और झूठे इल्जाम लगाने से परहेज करें सरने भाई

आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, सरना भाइयों की तरफ से आज एक प्रेस कांफ्रेंस करके दिल्ली कमेटी के महासचिव स. मनजिंदर सिंह सिरसा पर लगभग 85 लाख रुपए के तंबू , कम्बल, तारपालें इत्यादि खरीद करने के आधारहीन इल्जाम लगाए गए जिसके बारे स. मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपनी प्रेस रिलीज़ द्वारा बताया कि जिस कंपनी के बिलों  की बात सरने कर रहे है उस सामान की खरीद करने के लिए बने ऑफिस नोट पर सस्पेंडेड जनरल मैनेजर स. हरजीत सिंह सूबेदार के दस्तखतों के बाद मंजूरी के लिए स. मंजीत सिंह जी.के. और स. अमरजीत सिंह पप्पू के दस्तखत है जबकि इंडेंट पर केवल मंजीत सिंह जी.के. के दस्तखत हैं। अदायिगी के लिए दिये गए चैक न. 221637, 221638, 221639, 221640 और 221641 पर  मंजीत सिंह जी.के. और अमरजीत सिंह पप्पू के दस्तखत हैं जो कुल बनती रकम 84,02,625/- रुपए के है। स. सिरसा ने कहा कि वह पहले भी इस बारे में दफ्तर की पत्रिका न. 17085/2-1  दिनांक 29-12-2018 के द्वारा कमेटी से ससपेंड चल रहे जनरल मैनेजर हरजीत सिंह सूबेदार से स्पष्टीकरण मांग चुके है परन्तु उनकी तरफ से कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला, उल्टा आश्चर्य की बात यह है कि इस सामान को जब खरीदा गया उस समय मैं यहाँ मौजूद ही नहीं था फिर मुझ पर यह सरने किस गबन का बेबुन्याद दोष लगा रहे है। स. सिरसा ने यह भी कहा कि उनकी इस करवाई से पता लगता है कि वे बौखलाए हुए हैं तथा झूठ को सच साबित करने के लिए हवा में हाथ - पैर चला रहे हैं।  वे कार्यकारणी के चुनाव को टालने के लिए साजिशे रचते हुए बेवजह अड़ंगा डाल रहे हैं । उनके द्वारा लगाए जा रहे बेबुनिआद इल्जामों की पड़ताल के लिए हमनें उन्हें कई बार निमंत्रण दिया कि वे अपने बचे खुचे  2 - 3 मेम्बरों को भेज कर कागजों की जाँच पड़ताल कर लें परन्तु वे आज भी अपनी कपटी चालों से बाज नहीं आ रहे हैं तथा मुझे यह भी पता है कि वह आने वाले समय में भी इसी  प्रकार के बेबुनियाद और आधारहीन इलज़ाम लगाते रहेंगे। स. सिरसा ने दावा करते हुए कहा कि सरना भाइयों की तरफ से मीडिया को गुमराह करते हुए कुल 11 बिलों की फोटो कॉपी मुहैया करवाई गयी थी जिसमें से 6 कापियां कुल बनते 5 बिलों की डुप्लीकेट थी, क्या सरने मीडिया को इस बात का जवाब दे सकते हैं कि वे कर क्या रहे हैं ? क्या फोटोकॉपियो पर मेरे हस्ताक्षर दिखाने से वे झूठ को सच साबित कर लेंगे।  यदि वे भविष्य में भी इसी प्रकार के बेबुनिआद और झूठे इल्जाम लगाने से बाज नहीं आये तो मैं उनके खिलाफ कोर्ट में क़ानूनी करवाई करते हुए उन पर आपराधिक तथा मान - हानि के केस डालने से परहेज नहीं करूँगा और उनके द्वारा लगाए जा रहे समस्त दोषों का इसी प्रकार डट कर जवाब देता रहूँगा।



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