Friday, November 15th, 2019
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बेईमान शरद अरविन्द बोबड़े को मुख्य न्यायाधीश बनााये जाने का व्यापक स्तर पर विरोध होगा :  हिन्दू संगठन

आई एन वी सी न्यूज़
नई दिल्ली,

 
आई टी ओ पर आयोजित पत्रकार वार्ता में धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन,राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी ओम जी ने खुलासा किया कि सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के जज प्रदूषण के नाम पर न केवल हिन्दू आस्था ओं से खिलवाड़ कर रहे है बल्कि पटाखों और पराली के प्रदूषण के नाम पर सी आई ए की साजिश के तहत देश की अर्थ व्यवस्था को भी चैkपट कर रहे हैं।

पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि मैं आई आई टी रूड़की से धातुकर्म इंजीनियर हूं। ईंघन के जलने और सड़ने से कौन-कौन सी गैस निकलती है, इसे भली भांती जानता हूं। हमने पाया कि दीवाली 2018 और 2019 को पटाखें छुडाये जाने के बाद वायु की गुणवत्ता अगले दिन भी वो ही रही जो पहले दिन थी। किन्तु सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री शरद अरविन्द बोबड़े की बेईमानी की इंतहा देखिये की बिना किसी साक्ष्य सबूत के दीवाली के पटाखों पर प्रतिबन्ध लगाकर पटाखों की दुकानों ओर फैक्ट्रियों को बन्द कराकर सी आई ए की साजिश में शामिल होकर भारत की अर्थ व्यवस्था को न केवल 20 हजार करोड़ की चपत लगायी बल्कि पटाखा उद्योग के 8 लाख लोगों को बेरोजगार भी कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय के बेईमानी देखिये कि पटाखों के समर्थन में हमारे द्वारा लगायी याचिका संख्या 37900/ और हरित अधिकरण में 1003/2019 में इन बेईमान जजों ने आजतक सुनवाई नहीं की।

पराली जलाने के नाम पर किसानों को मुआवजा देना अर्थ व्यवस्था की चैपट स्थिति के कारण सम्भव न बताये जाने पर पर सर्वोच्च न्यायालय के जज अरूण मिश्रा द्वारा पजांब सरकार के मुख्य सचिव को निलम्बित करने की धमकी देना भी इन जजों की अर्थ व्यवस्था को चैपट करने की मंशा का खुलासा करता है कि अब सर्वोच्च न्यायालयके जज देश में अनाज का संकट पैदा करके  यहां अकाल फैलाने की सी आई ए की साजिश को अन्जाम देने में जुटे हैं।

श्री मुकेश जैन  ने बताया कि जजों की नियुक्ति मामले में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित सारे न्यायाधीश संविधान के अनुच्छेद 124क 124.2 और 124.3 का उल्लंघन करकें संविधान के प्रति ली सत्य आस्था की शपथ को तोड़ रहे हैं। धारा 370 में संसद द्वारा किये संशोघन में महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा मोहर लगाने के बाद भी जिस प्रकार से सर्वोच्च न्यायालय के जज इस मामले में सुनवाई कर रहे हैं जबकि संविधान के अनुच्छेद 122 और 131क के तहत इन्हे संसद की कार्यवाही और बनायी गई विधियों की संवैधानिक वैधता पर प्रश्न न उठाने का और सुनवाई न करने का  संवैधानिक आदेश दिया गया है। विद्धान वकीलों ने कहा कि संविधान के प्रति सत्य आस्था की शपथ रस्म अदायगी नहीं हैं बल्कि न्यायाधीशों सहित प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति का इस शपथ को पालन करने और पालन न करने वालों से त्याग पत्र लेने की संवैधानिक जिम्मेदारी भी है।  

पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए बिग बाॅस के सुपर हीरो और हिन्दू संन्यासी स्वामी ओम जी राष्ट्रीय हरित अधिकरण में बैठे सर्वोच्च न्यायलय के जज आदर्श कुमार गोयल की बेईमानी का खुलासा करते हुए बताया कि ये जज साहेब हमारा फैसला चोरों की तरह बन्द कमरे में लिखकर नेट पर डालते हैं जबकि महामहिम राष्ट्रपति जी के आदेश फैसला खुली अदालत में ही सुनाने के आदेश हैं अन्यथा नहीं। स्वामी ओम जी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश हिजबुल मुजाहिदीन के मास्टर माइंड खंूखार नक्सली आतंकवादी गौतम नवलखा को पिछले 1 साल से लगातार जमानत देकर पुलिस की गिरफ्त से लगातार छुड़ा रहे है। जबकि यह सी आई ए का ऐजेन्ट हमारे भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहा था। इससे और गौतम नवलखा मामले में 5-5 न्यायाधीशों का सुनवाई से अलग होना साफ जाहिर करता है कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश देशद्रोही है और नक्सली आतंकवादियों के पेरोल पर काम कर रहे हैंै। इन न्यायाधीशों में से किसी को भी भारत का मुख्य न्यायाधीश बनाना देश की सुरक्षा के लिये गम्भीर खतरा है।ं स्वामी ओम जी तत्काल प्रभाव से शरद अरविन्द बोबड़े को मुख्य न्यायाधीश बनाने का अधिपत्र खारिज करने की मांग सरकार से और महामहिम राष्ट्रपति जी से की।

 पत्रकार वार्ता में दारा सेना के अध्यक्ष  श्री मुकेश जैन ने ऐलान किया संविधान का उल्लंघन करके शरद अरविन्द बोबड़े को मुख्य न्यायाधीश बनााये जाने का व्यापक स्तर पर विरोध होगा। पुतले फूंके जायेगे। सड़को पर भी प्रदर्शन होगा।

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