Sunday, December 8th, 2019

बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के लिए 1500 करोड़ का ऋण मंजूर

आई एन वी सी न्यूज़
लखनऊ,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां लाल बहादुर शास्त्री भवन में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सुदृढ़ आर्थिक विकास में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के लिए बैंक आॅफ बड़ौदा द्वारा 1500 करोड़ रुपए के ऋण की मंजूरी के लिए बैंक को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की मदद से उत्तर प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। 

मुख्यमंत्री जी ने बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में संस्थागत वित्त विभाग तथा बैंक आॅफ बड़ौदा के समन्वित प्रयासों से 01 लाख किसान क्रेडिट कार्ड वितरित करने हेतु ई-लाॅन्चिंग की। उन्होंने इसमें और अधिक गति लाते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि प्रदेश के अधिकांश किसानों को इससे आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 25 लाख किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लक्ष्य को शीघ्र हासिल किया जाए। प्रदेश में 05 हजार से अधिक आबादी वाले सभी गांवों में वर्तमान में बैंकिंग आउटलेट स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे लोगों को बैंकिंग सुविधाएं मिलने में आसानी होगी। उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में और अधिक बैंक शाखाएं स्थापित किए जाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत खोले गए खाते, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बैंकों से अपेक्षा की कि वे अधिकाधिक व्यक्तियों को इन योजनाओं से लाभान्वित करें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, जेवर एयरपोर्ट, डिफेंस काॅरिडोर, पावर सेक्टर, अन्तर्देशीय जलमार्ग जैसी योजनाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। इनमें बैंकर्स द्वारा निवेश की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं, जिससे भविष्य में प्रदेश के ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री जी ने बैंकर्स से किसानों को कृषि मशीनरी एवं कृषि यंत्रों के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण देने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों को बढ़ाते हुए प्रदेश की विकास दर को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यदि ऐसा हो सका तो राज्य के विकास के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश के स्तर पर ऋण जमा अनुपात 78 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश का ऋण जमा अनुपात मात्र 57 प्रतिशत है। उन्होंने इसे बढ़ाकर देश के ऋण जमा अनुपात के स्तर तक लाने की बैंकर्स से अपेक्षा की। उन्होंने इसके लिए बैंकर्स से क्रेडिट कैम्पों का आयोजन करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शहरी 
तथा ग्रामीण योजना के तहत उत्तर प्रदेश, देश में पहले स्थान पर है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एम0एस0एम0ई0 सेक्टर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त माध्यम है। इसमें विस्तार की अपार सम्भावनाएं व्याप्त हैं। साथ ही, प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप स्कीम ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना भी संचालित की जा रही है। इस योजना को सफल बनाने के लिए पूर्व में बैंकों द्वारा 01 हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऋण वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बैंकों से इसमें और अधिक गतिशीलता लाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकास के मूल
मंत्र ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ पर चलते हुए उसे मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की प्रगति को एक नये शिखर पर ले जाने के लिए कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

प्रयागराज कुम्भ-2019 के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह वर्ष राज्य के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण रहा है। शासन-प्रशासन के सम्मिलित प्रयासों से कुम्भ का प्रभावशाली आयोजन सम्भव हुआ। इस आयोजन को नई ऊंचाइयां मिलीं। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इसे एक नई पहचान मिली। कुम्भ-2019 में 24 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। यह कुम्भ अपनी स्वच्छता के लिए भी जाना जाएगा। कुम्भ को सफल बनाने के लिए प्रयागराज में बड़े पैमाने पर स्थायी अवस्थापना सुविधाओं के कार्य किए गए। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत 02 वर्षों में पूरे प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बनाया गया है, जिसके चलते अब निवेशक प्रदेश का रुख कर रहे हैं। कुम्भ के सफल आयोजन से राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिल रही है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा फरवरी, 2018 को आयोजित ‘इन्वेस्टर्स समिट’ में 04 लाख 28 हजार करोड़ रुपए के एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित हुए थे। प्रधानमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रथम ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान लगभग 62 हजार करोड़ रुपए की धनराशि के प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया था, जिसमें से अधिकांश मामलों में कार्य प्रारम्भ हो चुका है एवं हाल ही में 28 जुलाई, 2019 को गृह मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी-2 के उद्घाटन सत्र के दौरान 65 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 250 से अधिक परियोजनाओं का शुभारम्भ किया गया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने में निवेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत की वर्ष 2024 तक 05 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनने में उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2024 तक उत्तर प्रदेश 01 ट्रिलियन डाॅलर की इकोनाॅमी के साथ देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। उद्यमियों व निवेशकों की सहभागिता से प्रदेश में विकास की सम्भावनाओं के नये द्वार खुलेंगे। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उद्योगों की स्थापना से लेकर संचालन तक तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान में पारदर्शिता के मामले में भी उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश सूक्ष्म, मध्यम और लघु उद्योगों की स्थापना में पहले स्थान पर है। उत्तर प्रदेश ईज़ आॅफ डुइंग बिजनेस के मामले में अचीवर स्टेट की सूची में शामिल हो गया है। प्रदेश लगातार उपलब्धियों के नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भविष्य में उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक रीढ़ बनकर उभरेगा। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने हेतु राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कृृषकों हेतु सरकार द्वारा शुरू की गई पहल ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल (किसान पाठशाला)’ के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस संकल्पना के तहत किसानों को तकनीक के माध्यम से कृषि विश्वविद्यालयों व अन्य सम्बन्धित संस्थानों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें उद्यान, मत्स्य पालन, पशुपालन, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण व अन्य कृषि योजनाओं की नवीनतम जानकारी प्राप्त हो सके। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। अतः बजट में आगामी वर्ष के लिए पर्याप्त प्राविधान किए गए हैं। राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए कटिबद्ध है। वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के दृष्टिगत कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और सहकारिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि उत्पादन में वृद्धि पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कई लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को विगत 02 वर्षों के अंदर पूरा कराया है। उन्होंने कहा कि इनमें से कई योजनाएं तीन-चार दशकों से लम्बित हैं। उन्होंने कहा कि बाण सागर परियोजना की शुरुआत 70 के दशक में हुई थी, जिसे राज्य सरकार द्वारा पूर्ण कराकर 01 लाख 70 हजार किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसी प्रकार वर्षों पुराने गन्ना मूल्य का भुगतान भी राज्य सरकार ने करना सुनिश्चित किया है। विगत दो वर्षों के अंदर 71 हजार करोड़ रुपए के लम्बित गन्ना मूल्य का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया गया है। इथनाॅल के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। 

भविष्य में गन्ना किसानों को इससे काफी फायदा होगा। राज्य सरकार एम0एस0पी0 के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध करा रही है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने केन्द्र व राज्य द्वारा प्रायोजित योजनाओं की ‘सफलता की कहानी’ पुस्तिका का विमोचन किया। इससे पूर्व, बैठक को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, बैंक आॅफ बड़ौदा के प्रबन्ध निदेशक तथा सी0ई0ओ0 श्री पी0एस0 जय कुमार ने भी सम्बोधित किया। 

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव खादी एवं एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्री मनोज सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।



 

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