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Wednesday, October 21st, 2020

बुंदेलखंड को विशेष पैकेज

downloadआई एन वी सी, भोपाल, मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा ने आज बुंदेलखण्ड विशेष पैकेज के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। मध्यप्रदेश के छह जिले में जल संसाधन, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्यानिकी, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,पशुपालन, मत्स्य-पालन, कौशल विकास आदि विभाग द्वारा पैकेज के कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश को प्राप्त होने वाली विशेष केन्द्रीय सहायता की लगभग पूर्ण राशि विमुक्त की जा चुकी है। दूसरे चरण में वित्त वर्ष 2013-14 की अधिकांश राशि भी विमुक्त हो चुकी है। मुख्य सचिव ने आवंटित राशि का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि विशेष केन्द्रीय सहायता की राशि 1953.20 करोड़ रुपए में से प्रदेश को 1942.36 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इसमें से 1704.14 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जा चुकी है। इस तरह कुल 87.74 प्रतिशत राशि व्यय की उपलब्धि प्राप्त की गई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी और सदस्य सचिव राज्य योजना आयोग श्रीमती अजीता वाजपेयी पाण्डे एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने बैठक में पैकेज के अंतर्गत अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता, सेन्ट्रल सेक्टर और केन्द्र प्रवर्तित योजना में किए गए कार्यों की विभागवार समीक्षा की। मुख्य सचिव श्री डिसा ने कृषि क्षेत्र में कार्यो की गति बढ़ाने की आवश्यकता बताई। कृषि विभाग की ओर से निर्मित वेयरहाउस में भंडारण के साथ-साथ रख-रखाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसका अवलोकन फरवरी माह में केन्द्रीय योजना आयोग के सचिव ने भी किया है। मध्यप्रदेश में बुंदेलखण्ड पैकेज के अंतर्गत विशेष रुप से मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों से जल स्तर में वृद्धि और सिंचाई सुविधाएँ बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। जिसके फलस्वरुप कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार का लक्ष्य पूरा हो रहा है। जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन, नलकूप रिचार्जिंग, अधोसंरचनात्मक विकास के लिए कृषि और उद्यानिकी क्षेत्रों में निरंतर कार्य चल रहे हैं। सघन वनीकरण के साथ-साथ पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया है। दुग्ध संकलन की मात्रा में 5 गुना इजाफा हुआ है। अभिसरण से बेहतर नतीजे प्राप्त हो रहे हैं। कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। बुंदेलखण्ड पैकेज में विभागवार उपलब्धि देखें तो इसमें वन विभाग प्रथम स्थान पर है जिसने 100 प्रतिशत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 95.53 प्रतिशत राशि खर्च की है। पशुपालन विभाग ने 94.51 और जल संसाधन विभाग ने 90.62 प्रतिशत राशि व्यय की है। इसी तरह सेंट्रल सेक्टर और केंद्र प्रवर्तित योजना के प्रथम चरण में उद्यानिकी विभाग अव्वल रहा है जिसने 100 करोड़ रुपए के आवंटन के मुकाबले 102.02 करोड़ की राशि खर्च की है। समीक्षा में यह जानकारी भी दी गई कि मध्यप्रदेश ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की तुलना में बुंदेलखण्ड विशेष पैकेज में पुन: बेहतर कार्य किए हैं। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभाग प्रमुखों ने पूर्ण कार्यों का विवरण दिया। मुख्य सचिव ने आगामी 30 जून तक संपन्न किये जाने वाले कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि सचिव योजना आयोग भारत सरकार की ओर से नई दिल्ली में साधिकार समिति की बैठक आयोजन के पूर्व मध्यप्रदेश सरकार बुंदेलखंड विशेष पैकेज के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा कर रही है।

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