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Sunday, October 25th, 2020

बिहार विशेष राज्य के दर्जा के मानक पर खड़ा उतरता है, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना ही चाहिए - नितीश कुमार

आई.एन.वी.सी,, पटना,, बिहार विशेष राज्य के दर्जा के मानक पर खड़ा उतरता है, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना ही चाहिए। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज जनता के दरबार मे ं मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद पत्रकारो ं से मुलाकात कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मॉग से जुड़ी तमाम बिंदुओ ं पर विचार करने के लिए योजना आयोग के सदस्य सचिव सुधा पिल्लई की अध्यक्षता मे ं अंतर-मंत्रालयीय समूह गठित किए जाने की कार्रवाई पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे इसे सकारात्मक रूप मे ं देख रहे हैं। उन्होनं े कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाए जाने की मॉग लगातार की जाती रही है। पूर्व मे ं भी इस मॉग के समर्थन मे ं उनके द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखे गए हैं, ज्ञापन दिए गए हैं। जदयू के प्रदश्े ा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर एक करोड़ 30 लाख से अधिक लोगो ं के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को सौंपा है। वित मंत्रालय के सचिव (व्यय) सुमित बोस को अंतर-मंत्रालीय समूह के सदस्य सचिव बनाए गए हैं। राज्य सरकार से बातचीत इस समूह की होनी चाहिए। दिए गए मेमोरेन्डम के हर बिंदु पर विस्तार से अंतर-मंत्रालीय समूह विचार करे। उन्होनं े कहा कि बिहार मे ं प्रति व्यक्ति आमदनी दिल्ली राज्य के प्रति व्यक्ति आमदनी की तुलना मे ं बहुत कम यानी 1/7 ह।ै बिहार विकास के सभी मानक मे ं पीछे रहा ह।ै सभी दृष्टिकोण से बिहार पीछे है। इसे बराबरी मे ं लाने के लिए विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की पहल करनी होगी। विशेष राज्य का दर्जा मिलने से निजी निवेश आरै सार्वजनिक निवेश बढ़गे ा। केंद्रीय उत्पाद, आयकर सहित कुछ अन्य करो ं मे ं छूट मिलेगी, जिससे राज्य मे ं निवेश की संभावना बढ़गे ी। पिछड़पे न को दूर करने के लिए कई विशेष योजनाए ं शुरू होगं ी। मुख्यमंत्री ने एक प्रश्न के उतर मे ं बताया कि मध्यप्रदश्े ा एवं उतर प्रदश्े ा मे ं अत्यधिक वषाz के कारण सोन नदी मे ं जलस्राव काफी बढ़ा ह।ै जिस कारण सोन नदी के तटवर्ती क्षेत्र मे ं बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुयी ह।ै वाणसागर से छूटा पानी अभी नहीं पहुंचा है। इस पानी के पहुंचने पर सोन आरै गंगा नदी पर प्रभाव पडे़गा। गंगा नदी के तटवर्ती स्थानो ं पर पानी बढ़ रहे हैं। गंगा तटवर्ती क्षेत्र के लोगो ं को संभावित बाढ़ से आगाह कर दिया गया ह।ै सोन नदी के टिलो ं मे ं जगह-जगह पर फंसे लोगो ं को निकाल लिया गया ह ै आरै जो कुछ लोग अभी भी फंसे हुए हैं, उन्हें एन0डी0आर0एफ0 की टीम नाव के सहारे निकाल लेगी। उन्होनं े कहा कि स्थिति नियंत्रण मे ं ह।ै बचाव एवं राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एक प्रश्न के उतर मे ं कहा कि वे सांप्रदायिक हिंसा के वे सख्त खिलाफ ह।ैंं उन्होनं े कहा कि राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक मे ं नहीं जाने का कारण पूर्व से निर्धारित कायों z मे ं व्यस्त रहना था। उन्होनं े कहा कि इस बैठक मे ं जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार  चौधरी ने भाग लिया और राज्य के पक्ष को रखा। उन्होनं े सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित केंद्र द्वारा लाए जा रहे विधेयक से सबं ंधी एक प्रश्न के उतर मे ं कहा कि कानून के राज आरै सुशासन से ही सांप्रदायिक हिंसा को रोका जा सकता है। पिछले छह वषों z मे ं इसे करके बिहार ने दिखाया ह।ै प्रस्तावित सांप्रदायिक हिंसा विधेयक मे ं आंतरिक अशांति की स्थिति मे ं संविधान की धारा- 355 लगाने की बात की गई ह।ै यह राज्य के अधिकार मे ं हस्तक्षेप का प्रयास ह।ै उन्होनं े कहा कि विधेयक लाने के पीछे छुपी यह धारणा भी गलत ह ै कि प्रशासनिक निर्णय लेन े मे ं राज्य मे ं गड़बड़ियॉ होती ह।ै केंद्र सरकार से भी कई मामलो ं मे ं गंभीर चूक होती रही है, जिसका ज्वलंत उदाहरण पिछले केंद्रीय सर्तकता आयुक्त की नियुक्ति मे ं देखा जा सकता ह।ै एक प्रश्न के उतर मे ं मुख्यमंत्री ने लोक सेवक को परिभाषित किया आरै कहा कि जिस भी लोक सेवक के विरूद्ध भ्रष्टाचार या भ्रष्टाचार से अर्जित संपति का मामला आएगा, उस पर कार्रवाई होगी। उन्होनं े कहा कि बिहार मे ं भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान छेड़ा गया ह।ै देश मे ं यह पहली बार ऐसा हुआ ह ै कि भ्रष्टाचार से अर्जित की गई संपति को जब्त किया गया ह ै आरै उसका उपयोग बेहतर कार्य शिक्षा मे ं गण्ु ावता के लिए लाया जा रहा ह।ै उन्होनं े कहा कि शिक्षा मे ं गुणवता के लक्षय को प्राप्त किया जाएगा। राज्य के सभी लोक सेवको ं की संपति का ब्योरा बेवसाइट पर ऑनलाइन रखा गया है। इस ब्योरा को हर साल अद्यतन किए जाने का निदेश भी दिया गया है। एक प्रश्न के उतर मे ं मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक party को शांतिपूर्ण संवैधानिक तरीके से अभियान चलाने की आजादी संविधान ने दी ह।ै राज्य मे ं खाद की कमी से संबंधी एक प्रश्न के उतर मे ं मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद की किल्लत के लिए केंद्र जिम्मेदार ह।ै बिहार के खाद के कोटा को महाराष्ट्र, उतर प्रदश्े ा एवं अन्य राज्यो ं की ओर डायर्वट कर दिया गया। उन्होनं े कहा कि बिहार के सांसदो ं ने इस मामले को संसद मे ं उठाया। बिहार के साथ किसी तरह की नाइन्साफ़ी नहीं होने दी जाएगी। नालंदा महाविहार के कुलपति की नियुक्ति से संबंधित एक प्रश्न के उतर मे ं उन्होनं े कहा कि यह मामला राज्य से संबंधित नहीं ह,ै नियुक्ति केंद्र को करनी ह।ै राज्य का रॉल सीमित है। राज्य अपने दायित्वो ं का निर्वाह कर रहा है और नालंदा महाविद्यालय की स्थापना के लिए हर सहयोग प्रदान कर रहा है। आज के जनता के दरबार मे ं मुख्यमंत्री ने 774 मामलो ं की बारी-बारी से सुनवाई की आरै समुचित आदेश संबंधित विभाग के अधिकारियो ं को दी। ज्ञातव्य ह ै कि आज के जनता दरबार मे ं शिक्षा, तकनिकी शिक्षा, कल्याण, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संबं ंधित मामलो ं की सुनवाई की गई। इस अवसर पर कल्याण मंत्री श्री जीतन राम मॉझी, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती परवीन अमानुल्लाह, मानव संसाधन विकास मंत्री श्री पी0के0 शाही, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री हरि प्रसाद साह एवं संबंधित विभाग के प्रधान सचिव एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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