NARENDRAMODIBIHARआई एन वी सी न्यूज़ सासाराम / औरंगाबाद, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुरुवार को बिहार के सासाराम और औरंगाबाद की चुनावी सभा में उमड़े विशाल जन-समुदाय को सम्बोधित किया और राज्य की जनता से विकास का बटन दबाकर, भाजपा को प्रचंड बहुमत देकर भारतीय जनता पार्टी की अगुआई में दो-तिहाई बहुमत की राजग सरकार बनाने की अपील की। स्थानीय भाषा में अपने भाषण की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सभा में उमड़े जन-सैलाब से हवा के रुख का पता चलता है और बिहार की जनता ने इस बार राज्य में भाजपा के नेतृत्व में विकसराज लाने का का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि बिहार में 60 वर्षों के शासनकाल में महास्वार्थबंधन की सरकारों ने राज्य को बर्बाद करके रख दिया है, यह चुनाव ऐसे लोगों और ऐसी सरकारों को सजा देने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि इस बार का बिहार चुनाव बिहार का भविष्य तय करने का चुनाव है उन्होंने कहा कि जनता हिन्दुस्तान की सर्वोच्च अदालत है और बिहार की न्यायाधीश भी। श्री मोदी ने जनता से कहा कि अब गुनाहगारों को सजा देने का फैसला आपके हाथ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार के बिहार विधान सभा चुनाव में एक और तो महास्वार्थबंधन है, वहीं दूसरी तरफ विकासराज का राजग गठबंधन। उन्होंने कहा कि महास्वार्थबंधन के तीन सहयोगी हैं - एक कांग्रेस, दूसरे लालू जी और तीसरे श्री नीतीश कुमार। महास्वार्थबंधन के नेताओं पर निशाना साधते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने एक को नेता बनाया तो 400 से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करनेवाली कांग्रेस 44 पर सिमट कर रह गयी, लालू जी को तो भारतीय संविधान और न्यायतंत्र ने ही बिहार की राजनीति से बेदखल कर दिया है और तीसरे का अहंकार ही उसे ले डूबा है। श्री लालू यादव पर तंज करते हुए श्री मोदी ने जनता से कहा, तनिक आप लालू जी से पूछो तो कि आपने ऐसा क्या किया कि न्यायलय ने आपको बिहार की राजनीति से बाहर कर दिया, क्यों आप इस बार की चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं? उन्होंने आगे कहा कि लालू जी रिमोट कंट्रोल से बिहार को चलाना चाहते हैं, वह कहते हैं - मैं बिग बॉस हूँ और अपने इशारे पर सब को नचाऊँगा। उन्होंने जनता से पूछा कि क्या आपको ऐसी सरकार चाहिए जो बिग बॉस के इशारे पर काम करती हो? श्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए श्री मोदी ने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने एक दलित के बेटे के साथ विश्वासघात करने का पाप किया है और बिहार की जनता इसका माकूल जवाब देगी। श्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इससे बड़ी हास्यास्पद स्थिति क्या हो सकती है कि बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाने की लड़ाई लड़ने के बाद आज फिर से वह बिहार में जंगलराज लाने की वापसी का रास्ता बनाने में लगे हैं। किसी भी राज्य के विकास के लिए 60 साल को एक लंबा वक्त बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी चुनाव में सरकारों को अपने कामकाज का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में 60 वर्षों तक महास्वार्थबंधन के घटक दलों ने शासन किया - 35 साल कांग्रेस ने और 25 साल तक बड़े भाई और छोटे भाई ने मिलकर बिहार की सत्ता का सुख भोगा। श्री मोदी ने कहा कि इन तीनों ने हर हमेशा एक-दूसरे के खिलाफ लड़ाई की है, एक-दूसरे के खिलाफ जहर उगला है, आजतक ये बिहार के किसी भी मुद्दे को लेकर एक नहीं हुए और इन्होंने कभी भी बिहार के विकास के लिए एक साथ आवाज बुलंद नहीं की। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये तीनों बिहार की भलाई और विकास के लिए नहीं वरन राज्य की सत्ता के लिए एक हुए हैं, यह कुर्सी की खातिर किया गया स्वार्थबंधन है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तब जबकि महास्वार्थबंधन के नेताओं को अपने 60 साल के कारनामों का हिसाब देना चाहिए, वह मोदी को कोसने में लगे हैं। श्री मोदी ने कहा कि ये लोग 24 घंटे केवल राजनीति करने में लगे रहते हैं, बिहार के विकास से इनका कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, “बिहार के स्कूलों में शिक्षक जाने से डरते हैं, नौजवानों का पलायन हो रहा है, कारखाने बंद हो गए हैं, अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है, घरों में शौचालय नहीं है, मत्स्य उद्योग की स्थिति काफी बदतर हो गई है। महागठबंधन के नेताओं को इसका हिसाब देना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने कहा कि महास्वार्थबंधन की सरकारों ने यहाँ की दो ताकतों का अनदेखा किया है, पहली ताकत बिहार का पानी और दूसरी ताकत बिहार की जवानी। उन्होंने कहा कि ये दोनों ताकतें बिहार का भाग्य बदल देगी, बस जरूरत है इनके सही सदुपयोग की। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में भारत का भाग्य बदलने की ताकत है और इस बार बिहार का भाग्य बदलने की जिम्मेदारी बिहार के युवाओं ने ली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रैली में मौजूद लोगों से महागठबंधन के नेताओं से पिछले 60 सालों के काम-काज का हिसाब मांगने को कहा। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि जिसने बिहार के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया, उन्हें कोई मौक़ा नहीं देना चाहिए। उन्होंने जनता से आह्वान करते हुए कहा कि आज फिर से हमें बिहार से जंगलराज और भ्रष्टाचार को ख़त्म कर राज्य में विकास राज्य लाने का संकल्प लेना है। श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यदि बिहार को जंगलराज से बचाना है तो राज्य में विकासराज चाहिए। प्रधानमंत्री ने लोगों को जंगलराज की याद दिलाते हुए कहा कि जंगलराज के दौरान अपहरण, फिरौती और जमीनों पर कब्जा करना ही मुख्य उद्योग था, महिलाएं शाम को घर से बाहर नहीं निकल पाती थीं। उन्होंने कहा कि बिहार में फिर से जंगलराज दस्तक दे रहा है। उन्होंने गुरूवार रात पटना में हुई वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि सरेआम राज्य की राजधानी में एक पुलिस अधिकारी को गोली मार दी जाती है, जब राज्य के रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो सामान्य मानवीय जीवन की सुरक्षा कैसे हो सकती है? प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में राजग सरकार गरीबों को कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने केंद्र द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में बात करते हुए कहा कि कांग्रेस के देश में 60 वर्षों तक शासन करने के बाद भी देश के 60 करोड़ लोगों के पास बैंक खाते तक नहीं थे, जन धन योजना की वजह से आज गरीब बैंक जाने की स्थिति में पहुंचा है, 1 साल में ही 15 करोड़ से अधिक परिवारों के खाते खुल गये। बीमा योजनाओं की बात करते हुए कहा कि 1 रुपये महीने अर्थात 12 रुपये सालाना के हिसाब से जीवन सुरक्षा बीमा और प्रतिदिन 1 रुपये से भी कम यानी मात्र 330 रुपये के हिसाब से जीवन ज्योति बीमा की शुरुआत हुई है जो केवल देश के गरीब लोगों के कल्याण के लिए बनाई गई है और आज देश के गरीब इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने छोटे-मोटे गरीब लोगों के रोजगार के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुद्रा बैंक योजना की शुरुआत की है और अकेले बिहार में ही 3 लाख से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो चुके हैं, 26 हजार करोड़ से अधिक का लोन इस योजना के तहत पूरे देश में वितरित किया जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी तक 95 लाख शौचालय बनाए जा चुके हैं और इनका निर्माण अब भी जारी है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के विकास के लिए समर्पित है और गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। श्री नीतीश कुमार कुमार पर करारा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2010 में वोट मांगते समय जो वादे किये गए थे, उन्हें पूरा किए बिना 2015 में फिर से वोट मांगने आ गए, बिजली का वादा किया गया था लेकिन बिजली नहीं आई पर वह वोट मांगने फिर से आ गये और जवाब भी नहीं दे रहे। श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमने बिहार के विकास के लिए एक लाख 65 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया। बिहार की वर्तमान स्थिति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे प्रति व्यक्ति आय का मामला हो या राज्य में शिक्षा की स्थिति पर बात हो या बिहार में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत की बात हो या शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराने का मामला हो, हर मापदंड पर राज्य की स्थिति काफी बदतर है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में केवल अपराध, अपहरण और फिरौती का उद्योग फला-फूला है। उन्होंने आगे कहा कि मैं महास्वार्थबंधन के 60 सालों के बदले आपसे केवल 60 महीने मांगने आया हूँ और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि बिहार में विकास का परिवर्तन लाकर राज्य के गरीबों और पिछड़ों के कल्याण के लिए काम होगा। उन्होंने कहा कि मेरा यह सपना है कि 2022 में जब देश आजादी की 75वीं सालगिरह मना रहा होगा तो हर गरीब के पास अपना घर हो, घर में बिजली हो, शुद्ध पीने का पानी हो, शौचालय हो और पास में ही अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था हो और हमारी सरकार इसके लिए कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने आम जनता को साधुवाद देते हुए कहा कि आपके प्यार और आशीर्वाद से ही 30 सालों के बाद देश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी और इसी के कारण आज दुनिया भर में भारत का डंका बज रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया ने भी सर्वसम्मति से मान लिया है कि भारत विश्व में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश है और यह धारणा पिछले 15 महीनों में बदली है। श्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि राज्य में अंतर्राष्ट्रीय सतर की सड़कें लानी है, रेल परियोजनाएं लानी है, उद्योग और कल-कारखाने लानी है, रोजगार का बृहद पैमाने पर सृजन करना है, राज्य से पलायन रोकना है, बिहार को विकास के पथ पर गतिशील करना है तो राज्य में भाजपा की अगुआई में दो-तिहाई की बहुमत से राजग की सरकार बनाइये। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सारी समस्याओं का समाधान विकास से ही संभव है।