जयपुर. राजस्थान महामारी अध्यादेश-2020 (Rajasthan Epidemic Ordinance -2020) लागू करने के साथ ही गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना  (Notification) जारी कर दी है. राज्य सरकार ने महामारी घोषित कोरोना (COVID-19) के संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा निर्देश की पालना नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान किया है. गृह विभाग ने राज्यपाल की स्वीकृति के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. गृह विभाग के आदेश के मुताबिक सार्वजनिक स्थान और कार्यस्थल पर मास्क नहीं लगाने पर ₹200 का जुर्माना देना पड़ेगा. इसी प्रकार बिना मास्क लगाए किसी ग्राहक को सामान बेचा तो दुकानदार से ₹500 जुर्माना वसूला जाएगा.

जुर्माने के प्रावधान तय
इसके तहत सार्वजनिक स्थान और कार्यस्थल पर मास्क नहीं लगाने पर 200 रुपए जुर्माना लगेगा. बिना मास्क लगाए ग्राहक को सामान बेचने पर दुकानदार पर 500 रुपए जुर्माना लगेगा. सार्वजनिक स्थान और पान-तंबाकू-गुटखा थूकने पर 200 रुपए जुर्माना देना होगा. पान, गुटखा, तंबाकू बेचने पर 1000 रुपए जुर्माना लगेगा. सार्वजनिक स्थल पर एक-दूसरे से 6 फीट से ज्यादा दूरी नहीं रखने पर 100 रुपए जुर्माना देना पड़ेगा. बिना अनुमति के विवाह समारोह या अन्य भीड़ वाले कार्यक्रम करने पर 5000 रुपए जुर्माना लगेगा. विवाह समारोह में 50 से अधिक व्यक्तियों के शामिल होने पर 10 हजार जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

ग्राहक ने फेस मास्क नहीं पहना तो सामान भी नहीं मिलेगा
गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कोई भी दुकानदार ऐसे व्यक्ति को जिसने फेस मास्क नहीं पहना है उसे वस्तु विक्रय नहीं करेगा. अंतिम संस्कार में 20 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकते. खेल मनोरंजन और धार्मिक समारोह के आयोजन करने पर प्रतिबंध रहेगा.

हेड कांस्टेबल को भी बनाया गया प्राधिकृत अधिकारी
महामारी अध्यादेश के प्रावधानों के उल्लंघन पर अब हैड कांस्टेबल भी कार्रवाई कर सकेगा. हैड कांस्टेबल और उससे ऊपर के सभी पुलिसकर्मियों को प्राधिकृत अधिकारी बनाया गया है. महामारी अध्यादेश की धारा-9 के तहत इन्हें प्राधिकृत अधिकारी बनाया गया है.  उल्लेखनीय है  कि गहलोत सरकार राजस्थान संक्रामक रोग अधिनियम-1957 के स्थान पर राजस्थान महामारी अध्यादेश-2020 लाई है. PLC.

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