ashok gehlotआई एन वी सी,
जयपुर,
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने रविवार को ख्वाजा मोइनुदीन चिश्ती और सूफियाएं किराम की तालीमात को आम करने के लिए नागौर बासनी में आयोजित ऑल इण्डिया तालीमी कान्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कहा कि इस कान्फ्रेंस का उद्देश्य ही सबसे बड़ा संदेश है। उन्होंने कान्फ्रेंस में कहा कि बिना तालिम के कौम कभी आगे नहीं बढ़ सकती। सच्चर कमेटी के निर्णय ने कौम के लोगों की आंखे खोली है। उन्होंने कहा कि इस कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर हमने इतनी स्कीमें बनाई जिसमें हर क्षेत्र का ध्यान रखा गया। मगर इसमें क्रियान्वयन की महत्ती आवश्यकता है। उन्होंने योजना आयोग का शुक्रिया अदा किया और कहा कि आयोग ने अल्पसंख्यकों के लिए सिद्घातंत: हमारे सुझावों को स्वीकारा जिससे इसका लाभ जिलों और ब्लॉक स्तर को मिल सकेगा। अल्पसंख्यकों की छात्राएं आईटी क्षेत्र में आगे आई तथा साढे तीन हजार से ज्यादा मदरसे रजिस्ट्रर्ड हो गये हैं तथा ढ़ाई लाख छात्र-छात्राए दीनी के साथ दुनियावी तालीम ले रहे है। उन्होंने कहा कि योजना आयोग ने दिए गए सुझाव के आधार पर डिमांड बेस्ज्ड स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि जयपुर में गल्र्स हॉस्टल बनना शुरू हो गया है तथा अन्य सभ्ंाागीय मुख्यालयों पर भी बनने जा रहे है। गहलोत ने कहा कि 38 हजार करोड़ की रिफाईनरी का फैसला अति महत्वाकांक्षी है तथा आई.टी.आई. के बच्चों को इससे भरपूर रोजगार मिलेगा। उन्होंने आह्वान किया कि सभी कार्यों के साथ मानव मात्र को आगे बढऩे के लिए लिए तालीम जरूरी होगी तो सभी कौमें स्वत: ही आगे बढ़ेंगी और किसी के रहमोकरम की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि 150 करोड़ से ज्यादा आवासीय विद्यालय बनाने के फैसले किए गए है और 200 करोड़ रुपये से अल्पसंख्यक विकास कोष बनाने का निर्णय लिया ताकि इससे बहुआयामी विकास कार्य हो सके । इसके तहत हज हाऊस सहित विभिन्न विकास कार्य करवाये जा रहे है। राज्य के सभी वक्फ संपतियों के लिए फैसले किए गए है जिनके क्रियान्वयन के लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने अनेक घोषणाएं की है और इसके पीछे सरकार की नीति व नियत एक ही हैं। उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड को आधुनिक मदरसों के लिए 25 करोड़ रुपये बजट में रखें गये है। आज तमाम छात्रों को 10वीं व 12वीं में 10 हजार तक की मेरिट में आने पर लेपटॉप दिए जा रहे है इसके अलावा भी पी.सी. लेपटॉप बच्चों को दिए जा रहे है। उन्होंने बताया कि नागौर की हर पंचायत समिति हैडक्वाटर पर राजीव गांधी सेवा केन्द्र बन चुके है। जिससे अब शहरों की सेवाएं गांवो में ही मिलने लगेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मकसद पूरा तभी होगा जब किसी भी बिरादरी का बच्चा तालीम से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में आई.आई.टी., एम्स, निफ्ट, एफ.डी.डी.आई., एन.एल.यू. सहित 33 विश्वविद्यालय व सभी उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में आ गये है। मुख्यमंत्री ने जननी शिशु सुरक्षा योजना, नि:शुल्क दवा तथा आने वाले 7 अप्रेल से नि:शुल्क जांच योजना शुरू होने की भी चर्चा की तथा कहा कि यह देश में अपनी तरह की नई अभिनव योजना है। उन्होंने कहा कि हमने बी.पी.एल. के लिए 1 रुपये किलो अनाज का फैसला किया। उन्होंने कहा कि प्लानिंग कमीशन ने ‘राईट टू शैल्टर‘ के अधिकार को हमारे दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव के आधार पर स्वीकार कर लिया हैं। उन्होंने बताया कि इस बजट में 70 हजार रुपये की राशि टॉयलेट निर्माण के लिए दी जायेगी। इसी तरह 8वीं पास बच्चों को ढाई लाख साइकिंले, 70 प्रतिशत नम्बर लाने वाली बालिका को स्कूटी देने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि पांचवी पास नौजवानों को डेढ़-सौ करोड़ रूपये खर्च कर स्किल्ड डवलपमेन्ट के सेन्टर भी खोले जा रहे है ताकि उन्हें मजदूरी नहीं करनी पड़े। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि नागौर में शिक्षण संस्थाओं के विकास के लिए जो भी मांग व सुझाव रखे जायेंगे। उन्हें हरसंभव सहायता के साथ पुरा किया जायेगा। नागौर में मीठे पानी की स्कीमें भी लागू करने की पूरी कोशिशे जारी रहेगी। केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री श्री के. रहमान ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि हमारे मुल्क में मदरसों का अहम रोल रहा है। अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाने वाले मदरसे ही थे। इंसानियत का पैगाम, भाईचारे से रहना सिखाया तथा आज सारे हिन्दुस्तान में हिन्दू मुस्लिम भाई-भाई के रूप में जीवन बसर कर रहे है। सूफी लोग इस्लाम के साथ भाई चारे का पैगाम देते रहे हंै। मदरसों में दीनी तालीम लेते है तथा देश की तरक्की में भी उनका उतना ही योगदान होना चाहिए। आज शिद्दत से ज्यादा जरूरत है कि मदरसों में दुनियावी तालीम दी जाये ताकि आत्म विश्वास बढ़ सके । उन्होंने बताया कि यहां बी.एड. कॉलेज, आई.टी.आई, नर्सिंग कॉलेज आदि की वाजिब मांगे रखी गई है जिसके लिए हम पूरा सहयोग करेंगे। राज्य मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना फजले हक ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज के तालिमों को आगे बढ़ाना इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य है। इस धरती पर बड़े-बड़े सूरमाओं ने जन्म लिया मगर ख्वाजा साहब की तालीमें आज भी उतनी ही गहराई के साथ दिलों में मौजूद है। नागौर की धरती हिन्दू-मुस्लिम एकता के साथ अम्नो-शांति से समृद्घ है। नागौर सांसद डॉ ज्योति मिर्धा ने कहा कि ऐसे मॉडल मदरसे होने चाहिए ताकि उनमे पढक़र प्रतिस्पर्धा के मुताबिक बच्चे तैयार हो सके। उन्होंने बताया कि हॉस्टल निर्माण के लिए हरसंभव प्रयास जारी है। महाराष्ट्र के टेक्सटाईल मंत्री श्री आरिफ नसीम ने कहा कि अगर बच्चे तालीम लेंगे तो गुमराह नहीं होंगे तथा बेहतर तरीके से अपने को हर – हाल में ढालने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अल्पसंख्यकों को तालीम के लिए पर्याप्त से ज्यादा सहायता दी है। उन्होंने कहा कि फिरक्कापरस्तों के लिए इस मुल्क में कहीं भी स्थान नहीं होना चाहिए। समारोह में ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री एमामुद्दीन अहमद दुर्रूमियां, शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती नसीम अख्तर एवं महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती मंजू मेघवाल, राजसमन्द के सांसद श्री गोपालसिंह ईड़वा तथा विभिन्न आयोगों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा गणमान्य व्यक्तियों के अलावा सैंकड़ों की तादाद में नागरिक उपस्थित थे।

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