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Sunday, January 17th, 2021

बिगड़ते पर्यावरण से समाज के अस्तित्व पर खतरा

आई  एन वी सी न्यूज़
भोपाल,
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिगड़ते पर्यावरण से समाज के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। सौर ऊर्जा सहित अक्षय ऊर्जा के अन्य साधनों का उपयोग हमें इस खतरे से बचा सकता है। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करके दिखायेगा। वर्ष 2010 में मध्यप्रदेश में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग बनाया गया। वर्ष 2012 में 400 मेगावॉट के सौर ऊर्जा उत्पादन के बाद वर्तमान में नवकरणीय ऊर्जा से 5000 मेगावॉट उत्पादन तक हम पहुँच चुके हैं। वर्ष 2022 तक 10 हजार मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मिन्टो हाल सभाकक्ष में एनर्जी स्वराज यात्रा प्रारंभ होने के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सौर ऊर्जा को अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाने के प्रयास किये जायेंगे। मध्यप्रदेश के युवा प्रो. चेतन सोलंकी जन-जागृति के लिये परिवार से दूर रहकर 11 वर्ष की एनर्जी स्वराज यात्रा पर निकले हैं। उनका इस राष्ट्र कल्याण के महत्वपूर्ण कार्य के लिये अभिनन्दन करते हुए उन्हें मध्यप्रदेश का ब्रॉण्ड एम्बेसडर बनाया जा रहा है। प्रो. चेतन सोलंकी के प्रयासों में हमें भागीदार बनना होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी कहा है कि सोलर एनर्जी प्योर, श्योर और सेक्योर है। इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं है। प्रत्येक नागरिक को प्रो. सोलंकी का हृदय से अभिनन्दन करना चाहिये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह विचारणीय है कि हम कैसी धरती चाहते हैं। मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग की शुरूआत नीमच में 135 मेगावाट के संयंत्र से हुई। बाद में रीवा में 750-750 मेगावॉट के संयंत्र शुरू हुए। इसे निरन्तर बढ़ाया जायेगा। अनेक जिलों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का क्रियान्वयन होगा। सस्ती बिजली का लाभ नागरिकों को पाप्त होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गुजरात में पानी पर सोलर पैनल बिछाने का कार्य करवाया है। मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर प्लाट पैनल स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सौर ऊर्जा का उपयोग घरों तक बढ़ाया जायेगा। श्री चौहान ने प्रो. सोलंकी द्वारा विकसित ऐसे घर को उपयोगी बताते हुए इसे बिजली पर दी जाने वाली करोड़ों रुपये की सब्सिडी की बचत का माध्यम भी बताया।


प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मिन्टो हॉल परिसर में सोलर एनर्जी हाउस का अवलोकन किया और प्रो. चेतन सोलंकी से इसकी कार्य पद्धति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम के पश्चात एनर्जी स्वराज यात्रा का वाहन रवाना किया। उन्होंने प्रतीक स्वरूप इस वाहन में मिन्टो हॉल से राजभवन तिराहे तक प्रो. चेतन सोलंकी के साथ यात्रा भी की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रो. चेतन सोलंकी की टीम और परिजन को भी बधाई दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्कृत विश्वविद्यालय के डॉ. कालिका प्रसाद शुक्ल और उनके साथियों ने सूर्य मंत्र का समूह गान किया।

प्रो. चेतन सोलंकी के किसान पिता श्री विक्रम सिंह सोलंकी ने बताया कि उन्हें बेटे पर गर्व है। चेतन आर्थिक परेशानियों के बीच चिमनी की रोशनी में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद बेलजियम गये। पीएच.डी. भी की और राष्ट्र के कल्याण का सोच रखते हुए वर्षों लम्बी यात्रा के लिये परिवार में अपना विचार रखा। हमारे परिवार ने चेतन को इसकी अनुमति प्रदान कर दी है। परिवार से इतने साल दूर रहकर चेतन यह यात्रा देशभर में करेंगे। श्री विक्रम सिंह ने कहा कि उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण का स्वामी न बनकर उसका संरक्षक बनना चाहिये।

कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग, विधायक श्री प्रहलाद सिंह लोधी भी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रमुख सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री संजय दुबे ने दिया।

 

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