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Wednesday, April 21st, 2021

बाल विवाह रुकवाए मिडिया

बाल विवाहआई एन वी सी,
जयपुर, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधीश श्री अजय रस्तोगी ने मीडिया से आव्हान् किया कि बाल विवाह को रोकने के लिए समाज को जागरूक करने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।
        श्री रस्तोगी बुधवार को राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर के मीडियेशन सेन्टर में बाल विवाह रोकने के सम्बन्ध में प्रेस को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक अभिशाप है और उस पर पूरी तरह से रोक लगाई जाये। उन्होंने कहा कि राज्य में आखातीज एवं पीपल पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में बाल विवाह आयोजित होते हैं। राज्य के 33 जिलों में से 16 में बाल विवाह होने का अनुपात ज्यादा है।
        उन्होंने कहा कि केवल सरकार ही नहीं बल्कि हम सब की जिम्मेदारी है कि इस कुरीति को समाप्त कर समाज को एक बहुत बड़ा दान दे सकें, इसके लिए मीडिया अपनी प्रभावी भूमिका अदा करें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 2 मई एवं 14 मई को बाल विवाह बड़ी संख्या में होने की संभावना है, इसे देखते हुए सरकार ने भी सभी जिला कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है।
श्री रस्तोगी ने कहा कि विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी रोकथाम के लिए जिला, तालुका, पंचायत समिति,ग्राम पंचायत क्षेत्रों में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सेे सम्बन्धित प्रावधानों की जानकारी आम जन को कराई जाने के लिए विशेष विधिक साक्षरता अभियान 27 मार्च से 5 मई, 2014 तक चलाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मेगा लोक अदालत का आयोजन 7 से 12 अप्रेल 2014 तक होगा। 28 फरवरी तक 2 लाख 3 हजार 615 मुकदमें चिन्हित किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मेगा लोक अदालत के माध्यम से लम्बित मुकदमों में से 10.76 प्रतिशत मुकदमों का अन्तिम निस्तारण किया गया।
श्री रस्तोगी ने इस अवसर पर ‘‘वैकल्पिक विवाद निस्तारण में रैफरल जज की भूमिका’’ पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री के.बी. कट्टा, उपसचिव श्री अमर वर्मा, श्री दुष्यन्त दत्त एवं श्री हेमन्त सिंह सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

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