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Thursday, January 21st, 2021

बालू घाटों की नीलामी एक विभागीय प्रक्रिया

raghuvar das invc news news delhiआई एन वी सी न्यूज़ राँची, मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा है कि राज्य के विभिन्न जिलों में जितने भी बालू घाट हैं, उनकी नीलामी जल्द से जल्द पूरी की जाय। वे आज प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने सभा कक्ष में खनन एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बालू घाटों की नीलामी में अनावश्यक विलम्ब किया जा रहा है। राज्य के विकासात्मक कार्यों यथा सड़क, भवन इत्यादि निर्माण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अतःराज्यहित में यह आवष्यक है की बालू घाटों की नीलामी शीघ्रता से हो। नीलामी नहीं होने के कारण अन्य राज्यों से बालू को मंगाया जा रहा है अथवा बालू का अवैध उठाव हो रहा है। दोनों ही स्थिति राज्य के लिए अहिततकर है। खनन एवं भूतत्व विभाग द्वारा मुख्यमंत्री को जानकारी दी गयी कि रांची जिला में नीलामी हेतु निविदा निकाली जा चुकी है तथा धनबाद में 13, सरायकेला में 11 तथा जमशेदपुर में 24 बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इन जिलों में नीलामी हो सकती हैं तो अन्य जिलों में क्यों नहींघ् उन्होंने कहा कि बालू घाटों की नीलामी एक विभागीय प्रक्रिया है, जिसे जिला स्तर से कराए जाने हैं, इनके लिए अलग से निर्देश देने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने विभाग को निदेष दिया कि सभी जिला के उपायुक्त एवं जिला खनन पदाधिकारियों के साथ अविलम्ब बैठक कर नीलामी प्रक्रिया को तेज करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें परिणाम चाहिए। अब अलग से किसी निदेश की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। अधिकारीगण स्वयं अपनी जिम्मेवारी को समझें और कार्य करें। उन्होंने निदेश दिया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बदलने में कोई हिचकिचाहट न करें। मुख्यमंत्री ने माईनिंग प्लान के संबंध में जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि माईनिंग प्लान सुनिश्चित करें एवं समय-समय पर इसकी समीक्षा भी करें। विभाग के सचिव जिला स्तर के खनन पदाधिकारियों के साथ नियमित रूप से बैठक करें एवं समय सीमा निर्धारित करते हुए लक्ष्य सुनिश्चित करने का निदेश दें। फोरेस्ट क्लीयरेंस के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता हो तो फोरेस्ट क्लीयरेंस हेतु प्राप्त आवदनों की समीक्षा के लिए प्रत्येक सप्ताह बैठक आयोजित किए जाएं। आवेदनों के निष्पादन हेतु समय सीमा निर्धारित किए जाएं। निष्पादन का मतलब मात्र आपत्ति लगाना न हो बल्कि नियमानुसार आवेदनों का निष्पादन हो। आवेदन में यदि कुछ वांछित हो तो इस संबंध में आवेदनकर्ता को शीघ्र स्पष्ट जानकारी दी जाए। बैठक के दौरान राज्य में चल रहे क्रशर्स के सम्बंध में भी समीक्षा की गई। राज्य के 2851 क्रशर्स में से 1076 क्रशर्स बंद पड़े हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अनापत्ति प्रमाण नहीं दिये जाने के कारण में यह क्रशर्स बंद पड़े हैं। निदेशक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जानकारी दी गई कि अप्रैल माह से ऑनलाईन एप्लीकेशन लिए जा रहे हैं। इस संबंध में कार्रवाई अभी बाकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य में पारदर्शिता  के लिए ऑनलाईन आवदेन की व्यवस्था अच्छी है, परन्तु पूर्व में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा अवश्य की जाए एवं प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में विलम्ब न हो। अनावश्यक रूप से किसी भी आवेदन को लम्बित न रखें। जाएं। उन्होंने कहा कि नियम जनता को लाभ एवं सुविधाएं देने के लिए है न कि उलझाने के लिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन एवं पर्यावरण विभाग, खनन एवं भूतत्व विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण के अधिकारीगण प्रत्येक माह एक बैठक अवश्य करें और आवेदनों के निष्पादन में आ रही अड़चनों का निदान करें। सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करें और झारखण्ड के विकास को गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्य माईंस की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। लीज  नवीकरण एवं लीज के एक्सटेंशन की भी विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री राजीव गौबा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील वर्णवाल, प्रधान सचिव खान एवं भूतत्व विभाग डॉ0 डी0के0तिवारी, खान निदेशक, निदेशक प्रदूषण नियंत्रण समेत वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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