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Tuesday, April 20th, 2021

बारदानों की समस्या के अलावा भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूँ उठाव में आनाकानी भी बहुत बड़ी समस्या है - शिवराज सिंह चौहान

आई.एन.वी.सी,,

दिल्ली,,

                   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री प्रो0 के0वी0 थामस से भेंट कर मध्यप्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक मात्रा में और नियमित रूप से समय पर बारदाने उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने प्रदेश में उपार्जित गेहूँ का प्रति सप्ताह एक लाख मीट्रिक टन गेहूँ उठाव कराने की व्यवस्था भारतीय खाद्य निगम से करवाने पर भी बल दिया। केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो0 थामस ने टैक्सटाईल मंत्री से बात करने और समय पर वांछित मात्रा में बारदाने की आपूर्ति का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री एंथनी डिसा भी मौजूद थे।

    श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 15 मार्च से अभी तक करीब 36 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हो चुका है। आगामी 20 मई तक कुल करीब 80 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन होने की सम्भावना है।

   श्री चौहान ने कहा कि गेहूँ की मात्रा को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा समय चक्र अनुसार बारदाने उपलब्ध नहीं करवाने से गेहूँ उपार्जन व्यवस्था में अनावश्यक व्यवधान हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों को घोषित समर्थन मूल्य के अतिरिक्त प्रति क्विंटल एक सौ रूपये बोनस भी दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने गेहूँ उपार्जन की सारी प्रक्रिया, किसान पंजीयन से लेकर खरीदी के बाद बैंक खातों में राशि जमा करवाने तक, सभी कार्यों का 'ई-उपार्जन' व्यवस्था में कम्प्यूटरीकरण किया है।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि उत्तम उपार्जन व्यवस्था के कारण खरीदी का दैनिक औसत एक लाख 60 हजार टन तक पहुँच गया था। अब करीबन एक लाख टन प्रतिदिन हो रहा है। राज्य सरकार ने संभावित उपार्जन को ध्यान में रखते हुए डी.जी.एस.एण्ड.डी. को समय-समय पर 5 अरब 65 करोड़ 24 लाख रुपये की राशि 3 लाख 19 हजार 150 बारदाना गठानों के लिये प्रदान की है। किन्तु समय पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना गठानें प्राप्त नहीं हो रही हैं।

   श्री चौहान ने कहा कि समय पर पर्याप्त मात्रा में बारदाने प्राप्त नहीं होने पर केन्द्र सरकार से एक बार उपयोग में लाये गये बारदानों को पुनः उपयोग करने और जूट बारदानों की अनुपलब्धता के कारण एच.डी.पी.ई. प्लास्टिक बैग का उपयोग करने की अनुमति चाही गई थी। यह अनुमतियाँ भी अभी तक प्राप्त नहीं हुई हैं।

   श्री चौहान ने कहा कि बारदानों की समस्या के अलावा भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूँ उठाव में आनाकानी भी बहुत बड़ी समस्या है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मानसून जल्दी शुरू हो जाता है, अतः 20 मई तक गेहूँ का उपार्जन एवं उठाव कार्य पूर्ण होना चाहिये। प्रति सप्ताह एक लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उठाव भारतीय खाद्य निगम को करना चाहिये लेकिन अभी मात्र एक लाख मीट्रिक टन प्रतिमाह का उठाव किया जा रहा है। जबकि अन्य राज्यों से कई गुना ज्यादा का उठाव किया जा रहा है। इस तरह मध्यप्रदेश से अन्याय हो रहा है।

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