Wednesday, August 12th, 2020

बाबा साहेब ने धारा 370 का विरोध किया था

आई एन वी सी न्यूज़  
लखनऊ,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को डॉ. आंबेडकर प्रिय योगी आदित्यनाथ सम्मान से सम्मानित किया गया। डॉ. आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में यह सम्मान बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट द्वारा उन्हें प्रदान किया गया है। इस अवसर पर उन्हें डॉ. आंबेडकर की 3 फिट उंची प्रतिमा भी भेंट की गई। उक्त सम्मान देते हुए आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी कार्यालयों, सरकारी विद्यालयों में आंबेडकर की तस्वीर लगाने के आदेश दिए थे। इससे पूरा प्रदेश आंबेडकर मय हो गया। डॉ. आंबेडकर और कमजोर वर्गों के प्रति मुख्यमंत्री के विशेष लगाव को देखते हुए ही उन्हें आंबेडकर प्रिय सम्मान से सम्मानित किया गया है।

 

डॉ. आंबेडकर महासभा के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में घोषणा की कि डॉ. आंबेडकर अस्थि कलश भवन को भव्य समारक के रूप में बनाया जाएगा, जिसमें ऑडिटोरियम, पुस्तकालय समेत अन्य कई सुविधाएं होंगीं। उन्होंने इसकी कार्ययोजना तैयार करने की बात कही है।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संविधान सभा में बाबा साहेब ने धारा 370 का विरोध किया था, क्यों कि उनका मानना था कि यह भारत के लिए विभाजनकारी होगा और अलगाववादी सोच पैदा होगी। किंतु कांग्रेस ने इसे अनसुना कर दिया। डॉ. आंबेडकर के सपनों को साकार करने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है। यह सच्ची श्रद्धांजलि है। संविधान दिवस के रुप में 70 वर्ष के बाद बाबा साहेब की स्मृतियों को ताजा करने के लिए विधानसभा में विशेष सत्र का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान में डॉ. आंबेडकर की आत्मा बसती है। उन्हें सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाए जाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के जीवन में खुशहाली लाने के लिए तथा सामाजिक राजनैतिक भेदभाव समाप्त करने का काम प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।

 

पूरा देश स्वीकार किया है कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया है। उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 28 लाख गरीबों को आवास, 2 करोड़ 61 लाख शौचालय, 1 करोड़ 16 लाख बिजली कनेक्शन, 1 करोड़ 46 लाख रसोई गैस कनेक्शन और 7 करोड़ आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य बीमा वंचित वर्ग के लोगों को उपलब्ध करवाया गया है। यह बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने यह भी कहा कि मुसहर, थारू, बसफोर, समाज के लोगों को आवास की सुविधा दी गई। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स द्वारा सरकारी जमीनों पर से कब्जे हटवाए गए और उन जमीनों पर गरीबों को पट्टा देने का काम किया गया।

 

उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने डॉ. आंबेडकर की अस्थि कलश पर पुष्प अर्पित किया और परिनिर्वाण दिवस पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे बाबा साहेब के पवित्र अस्थियों को नमन करने आई हैं। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता आंबेडकर ही हैं और वे संविधान निर्माता के साथ ही महान अर्थ शास्त्री, राजनीतिज्ञ और दर्शनशास्त्री थे। शिक्षा को उन्होंने प्राथमिकता दी और शिक्षा के माध्यम से तरक्की हासिल की। उनका प्रमुख नारा था शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करो। राज्यपाल ने कहा कि यदि मैं शिक्षित न होती तो राज्यपाल न बन पाती। उन्होंने बाबा साहेब के पंच तीर्थों के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने बाबा साहेब आंबेडकर को संविधान शिल्पी बताते हुए कहा कि आंबेडकर ने एक मजबूत संविधान देकर पूरे देश की सेवा की है। और उस संविधान की विशेषता है कि देश किसी भी परिस्थिति में एक रहता और उसकी एकता अक्षुण रहती है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया और बृजेश पाठक भी मौजूद रहे।

 

आंबेडकर परिनिर्वाण कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान आंबेडकर महासभा की पदाधिकारी बीना मौर्या, अमरनाथ प्रजापति, डॉ. सत्या दोहरे, वीरेंद्र विक्रम सुमन, सर्वेश पाटील, प्रमोद सरोज, जय शंकर सहाय, रविशंकर हवेलकर, भग्गूलाल बाल्मीकी ने भी अपने विचार रखे।

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