Saturday, February 29th, 2020

बादल सरकार दिलवाएगी यू पी ए से कृषि पंपों पर 80 की सब्सिडी

downloadआई एन वी सी, पंजाब, पंजाब के मुख्य मंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निजी हस्ताक्षेप की मांग करते हुए विनती की है कि वह भारत सरकार के नवीन तथा रिन्यूएबल उर्जा मत्रालय को कृषि के लिए सौर पंप के कार्यक्रम को पुन: बहाल करने को कहें। स. बादल ने इसकी सब्सिडी को पुन: 80 प्रतिशत बहाल करने पर बल दिया ताकि पंप लगाने के लिए आवश्यक शेष 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 10 प्रतिशत लाभपात्री द्वारा दी जा सके। प्रधानमंत्री को एक पत्र में स. बादल ने उनको अवगत् करवाया कि हमें 2000-01 से 2003-04 के समय दौरान मंत्रालय द्वारा सौर वॉटर पंप लगाने के लिए उसकी कुल कीमत पर 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती थी जिससे पंजाब के इसके उच्चतम लक्ष्य प्राप्त करते हुए 1850 सौलर पंप लगाये थे परंतु 2004-05 में भारत सरकार द्वारा यह सब्सिडी घटाकर पंप लगाने की कुल कीमत का 30 प्रतिशत कर दिए जाने से किसानों को शेष रहती 70 प्रतिशत राशि जोकि बहुत अधिक है, खर्च करनी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब में 10 लाख कृषि पंप सैट हैं। जिस कारण इस सैक्टर के लिए आवश्यक बिज़ली पंजाब की कुल खपत का 25 प्रतिशत बनता है। इसके लिए कृषि क्षेत्र के लिए सौर उर्जा की विकेंद्रित पैदावार और प्रयोग ही रिन्यूएबल उर्जा को उत्साहित करने का सबसे बढिय़ा माध्यम है जिससे उर्जा के बेहतर प्रयोग और विकास के लिए लंबे समय तक फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कृषि पंप सैट को औसतन 5 किलोवाट कैपेस्टी का सौलर फोटोवोलटिक आवश्यक है और किसान के पास इन्वर्टर लगाकर डी सी मोटर या मौजूदा ए सी मोटर लगाने की सुविधा प्राप्त होती है। स. बादल ने आगे कहा कि जब सिंचाई के लिए लोड की मांग नही होती है तो किसान इसको अपने फार्म हाउस के कुछ लोड की जरूरत पूरा करने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा िकइस प्रणाली को लगाने की अनुमानित कीमत 4.50 लाख रुपये है और सब्सिडी की मौजूदा 30 प्रतिशत की दर से किसान का बकाया 70 प्रतिशत कीमत जोकि 3 लाख रुपये से अधिक बनता है, को पूरा करने में असमर्थ है जिस कारण वह इसको लगवाने से बचता है। स. बादल ने कहा कि सौर उर्जा के बेहतर प्रयोग ना केवल अक्षय उर्जा को और उत्साहित करेगी बल्कि इससे बहुमूल्य भू-जल के और बेहतर प्रयोग को यकीनी बनाया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सौर उर्जा कार्यक्रम की क्षमता बहुत अधिक है क्योंकि इसको विकेंद्रित ढंग से इस्तेमाल करके कृषि पंपों को चलाने के लिए बेहतर ढंग से अमल में लाया जा सकता है। यहां यह जिक्रयोग्य है कि स. बादल ने पहले भी यह मसला केंद्रीय रिन्यूएबल उर्जा मंत्री डॉ. फारूख अब्बदूला के पास उठाया था जब वह मुख्यमंत्री को उनके निवास पर मिलने आये थे।

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