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Tuesday, September 22nd, 2020

बाजवा और दूलो ने पीठ में छूरा घोंपा


पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ ने मंगलवार को कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को दो राज्यसभा सांसदों प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दुलो द्वारा की गई गंभीर अनुशासनहीनता के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों सांसदों ने अपनी सरकार पर हमला किया है। जाखड़ ने उन लोगों के परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई, जिन्होंने भयावह घटना में अपनी जान गंवा दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी त्रासदी किसी भी व्यक्ति को अनुशासनहीनता का लाइसेंस नहीं देती है।

उन्होंने कहा कि यह समय स्थिति से निपटने और कांग्रेस पार्टी को बाजवा और दूलो जैसे नेताओं की घटिया चालों से बचाने का है, जिन्होंने उसी थाली में छेद किया, जिस थाली में उन्होंने खाया। जाखड़ ने दोनों सासंदों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।कांग्रेस प्रधान ने कहा कि बाजवा और दूलो की कार्यवारी को और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बाजवा और दूलो जैसे लोग, जिनमें चुनाव का सामना करने की भी हिम्मत नहीं है, पार्टी के लिए बेमानी हो चुके हैं।
जाखड़ ने यह भी कहा कि पार्टी की पीठ में छूरा घोंपने वाले ऐसे सदस्यों को कोई और बड़ा नुकसान पहुंचाने से पहले बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बस, अब बहुत हो गया और वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान से इनके खिलाफ गंभीर कार्यवाही करने की स्पष्ट तौर पर मांग करने जा रहे हैं। जाखड़ ने दोनों सांसदों की ओर से गत दिवस जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच सीबीआई और इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) से करवाने की मांग को लेकर राज्यपाल से मिलने की कार्यवाही को, किसी भी हाल में सत्ता की कुर्सी हथियाने की निराश कोशिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार के समय बेअदबी मामलों की सीबीआई जांच (जो उस समय पंजाब पुलिस द्वारा अपने हाथ में ले ली गई थी) या नशों पर ईडी की जांच में तेजी लाने के लिए कितनी बार आवाज उठाई थी?
कैप्टन के दोबारा चुनाव लड़ने की घोषणा से बागी हुए नेता!
जाखड़ ने कहा कि बाजवा और दूलों कुछ समय से पंजाब में कांग्रेस सरकार और अपनी पार्टी को निशाना बना के ऐसी पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साल 2022 के चुनाव लड़ने का ऐलान किया, उसके बाद इन नेताओं ने अपने हमले तेज कर दिए हैं।

दोनों सांसदों के भाजपा के संपर्क में होने की अफवाहों का जिक्र करते हुए साल 2022 के चुनाव इन्हें सत्ता के गलियारे की सीढ़ियां चढ़ने की आखिरी उम्मीद दिखाई दे रही थी लेकिन दोनों की उम्मीदों पर पानी फिर गया और निराशा के आलम में डूबे यह नेता सत्ता की चोटी तक पहुंचने के लिए हरसंभव दरवाजा खटखटा रहे हैं।

पायलट पर कार्रवाई हुई होती तो राजस्थान में मौजूदा हालत न बनते
जाखड़ ने दोनों सासंदों द्वारा अपनी ही सरकार पर किए हमले को कापी-पेस्ट नौकरी बताया क्योंकि राजस्थान में ऐसा ही हुआ था जब 107 बच्चों की मौत होने पर सचिन पायलट ने अपनी सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि अगर उस समय पायलट के खिलाफ कार्रवाई की गई होती तो कांग्रेस राजस्थान में पैदा हुई मौजूदा स्थिति से बच सकती थी।

जाखड़ ने कहा कि बाजवा और दूलों द्वारा पार्टी और सरकार की बजाए लोगों में अपनी नाराजगी जाहिर करने की निंदनीय कार्रवाई को सोनिया गांधी के ध्यान में लाएंगे। पीएलसी।PLC.

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