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Sunday, October 24th, 2021

बसपा ने प्रदेश में साढ़े चार साल में उधार की बिजली लेकर कर्ज चढ़ाया है - सपा

आई.एन.वी.सी,, लखनऊ,, समाजवादी पार्टी  के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने समझ रखा है कि झूठ और लूट के सहारे वे प्रदेश की जनता को बरगलाने में समर्थ हो जाएगी। आज मुख्यमंत्री ने जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया है, वह भ्रमजाल की पराकाश्ठा है। हकीकत यह है कि ये सभी परियोजनाएं उस समय की हैंं जब श्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में यूपी में सरकार चल रही थी। बसपा सरकार ने नया कुछ नहीं किया है, पुराने बिजली घरों पर अपने नाम का पट्टा लगा दिया है। यह पूर्णतया अनैतिक कार्य है। मुख्यमंत्री ने आनपरा सी परियोजना की 1200 मेगावाट विद्युत इकाई का लोकार्पण किया है। यहां 600-600 की दो इकाईयों को श्री मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में  2005 ई0 में ही स्थापित कर दिया गया था। हरदुआगंज में 250 मेगावाट और ओबरा में 200 मेगावाट की इकाइयों का लोकार्पण भी तथ्यों को झुठलाता है। हरदुआगंज में  250 मेगावाट की भी पुरानी योजना है जबकि ओबरा की इकाई 32 वशz पुरानी है। जिनका मुख्यमंत्री लोकार्पण कर रही है वस्तुत: वह जीणोzद्धार है। 600 मेगावाट की रोजा (शाहजहॉपुर) में स्थापित इकाई पहले बिड़ला ग्रुप के पास थी। अक्टूबर,2005 में श्री मुलायम सिंह यादव ने इसे रिलायंस को दिला दिया था क्योंकि तब तक उस योजना को समय से पूरा नहीं किया गया था। पारीक्षा (झॉसी) में 210-210 मेगावाट की योजनाएं भी 2005 की है। अक्टूबर,2005 में श्रीनगर में 330 मेगावाट की विद्युत  इकाई स्थापित हुई थी। इसे हैदराबाद की कंंपनी ने स्थपित किया था। ये सभी पुरानी परियोजनाएं है। इन्हें भी श्री मुलायम सिंह यादव के ही स्थापित किया गया  था। बसपा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में साढ़े चार साल में उधार की बिजली लेकर कर्ज चढ़ाया है। करोड़ों रूपए बाहर से बिजली खरीद में फूंके हैं। उनके कार्यकाल में एक भी नया बिजलीघर नहीं लगा है। नए बिजलीघर लगाने के नाम पर जिन पूंजीघरानों से उनकी सरकार के समझौते हुए हैं वे सब भी दिखावटी हैं जिनके पूरे होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। अब अपनी सरकार की लाज बचाने के लिए पुरानी विद्युत इकाईयों पर नया रंंग रोगन पोतकर लोकार्पण के बोर्ड लटकाने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने संविधान को धता बता रखा है और  लोकतंत्र को ताक पर रख दिया है। उन्हें उचित अनुचित का कोई ज्ञान नहीं है। वे बस अपनी वाहवाही के लिए ही यह सब नाटक-नौंटकी कर रही है। प्रदेश को विकास की पटरी से उतार दिया गया है।  मुख्यमंत्री  सिर्फ पत्थरों के महल खड़े किए हैं और मोटा कमीशन वसूला है। प्रदेश को यही उनकी देन है।

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