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Friday, January 22nd, 2021

बढ़ने लगी ठंड - कश्मीर से राजस्थान तक गिरने लगा पारा


राजस्थान के एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया है। मौसम विभाग ने इसकी जानकारी दी। राज्य के बाकी इलाकों में भी अच्छी खासी सर्दी पड़ रही है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले दो दिन में राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। विभाग के अनुसार, बीती रविवार माउंट आबू में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मैदानी इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान चुरू में 5.8 डिग्री, भीलवाड़ा में 7.0 डिग्री, पिलानी में 7.1 डिग्री, सीकर में 7.4 डिग्री, डबोक में 7.3 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 7.6 डिग्री, अजमेर में 9.2 डिग्री, गंगानगर में 9.4 डिग्री व सवाई माधोपुर में 10.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बीच, अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने का अनुमान है।

सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक आरएस शर्मा के अनुसार, वर्तमान परिस्थिति के अनुसार 24-25 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, नागौर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू तथा आसपास के क्षेत्रों में 24 नवंबर को आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 25 नवंबर को इन जिलों में मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। उनके अनुसार, राज्य के अन्य स्थानों पर हल्के बादल व मौसम मुख्यतः शुष्क रहने तथा न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

उत्तराखंड में बारिश और ठंड बढ़ने की संभावना
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के साथ ही देहरादून में अगले कुछ दिन तक बारिश और ठंड बढ़ने की संभावना है। हालांकि 27 नवंबर के बाद मौसम फिर शुष्क रहने का अनुमान है। मगर, इससे पहले पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड में भी बढ़ोतरी हो सकती है। सोमवार को प्रदेश के पर्वतीय जिलों के साथ ही देहरादून में बादलों के छाने से ठंड का अहसास रहा। हल्की बूंदाबांदी के कारण दून शहर और मसूरी में दोपहर के समय ठंडक रही। अलगे तीन दिन तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। वहीं तीन हजार मीटर और उससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, 24 नवंबर को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं विशेषकर ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। जबकि प्रदेश के शेष जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।  वहीं 25 नवंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली जिलों में अनेक स्थानों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कुछ जगह, देहरादून, पौड़ी और टिहरी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। जबकि प्रदेश में शेष जगह मौसम शुष्क रहेगा। 26 नवंबर को देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में कहीं-कहीं, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। जबकि शेष जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मगर, पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी से अन्य जिलों में ठंडक बढ़ने की भी संभावना है। जबकि 27 नवंबर से मौसम एक बार फिर शुष्क रहने की संभावना है।

कश्मीर में मौसम की पहली बर्फबारी
कश्मीर के ज्यादातर मैदानी इलाकों में सोमवार को मौसम की पहली बर्फबारी हुई। घाटी के ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बर्फबारी हुई, जिसके चलते घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाला श्रीनगर-लेह मार्ग बंद हो गया। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और श्रीनगर-लेह मार्ग के सोनमर्ग-जोजिला अक्ष के ऊंचाई पर स्थित इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जिसमें प्रशासन और लोगों से सतर्कता बरतने और तैयार रहने को कहा गया है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू और सोनमर्ग-द्रास अक्ष पर कुछ स्थानों पर कश्मीर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई तथा कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी हुई। उत्तर कश्मीर के गुलमर्ग में रात के दौरान चार इंच तक बर्फ गिरी, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में दस सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि ऊंचाई पर स्थित इलाकों में बर्फबारी अंतिम रिपोर्ट आने तक हो रही थी। घाटी में कई स्थानों पर बारिश भी हुई। बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह मार्ग के साथ-साथ घाटी को जम्मू क्षेत्र से जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग मुगल रोड भी बंद हो गया। जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में ताजा हिमपात एवं भूस्खलन के बाद जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए सोमवार को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि राजमार्ग बंद होने से इस पर 300 से अधिक वाहन फंस गए हैं। रामबन जिले में भूस्खलन के बाद यह सड़क अवरुद्ध हो गई। देश के शेष हिस्से से कश्मीर को जोड़ने वाला यह राजमार्ग सभी मौसम के अनुकूल है। उन्होंने बताया कि जवाहर सुरंग के पास हिमपात होने के बाद यातायात बंद कर दिया गया और यातायात के लिये सुचारू बनाने के उद्देश्य से काम जारी है। यातायात पुलिस के परामर्श में कहा गया है कि राजमार्ग की स्थिति के बारे में जानकारी लेने के बाद ही लोग यात्रा शुरू करें ।

हिमाचल में बर्फबारी और हिमस्खलन की चेतावनी जारी
हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान स्थापना, मनाली के अनुसार चम्बा जिला प्रशासन ने भी पांगी और भरमौर के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन होने की चेतावनी को देखते हुए लोगों को पूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है। ताजा पश्चिमी विक्षोग के सक्रिय होने से अगले चार दिनों तक उंचे पहाड़ों पर हिमपात और मध्यवतीर्य इलाकों में बारिश होने की सम्भावना है। राजधानी शिमला में सुबह धूप खिलने के बाद इसके आसपास के क्षेत्रों पर बादल छा गए हैं। अगले चार दिन तक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चम्बा में बारिश होगी, जबकि उच्च पर्वतीय क्षेत्रों किन्नौर और लाहुल-स्पीति में बर्फबारी होगी। मैदानी इलाकों में मौसम साफ रहेगा। लाहौल स्पीति के केलांग मुख्यालय में बीती रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 6.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। PLC.

 

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