Tuesday, November 19th, 2019
Close X

बच्चे उत्तम गुणों को अपने आचरण में समाहित करें : बलरामजी दास टंडन

balram ji tondonआई एन वी सी न्यूज़ रायपुर, राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन आज यहां एक प्राईवेट स्कूल कांगेर वैली ऐकेडमी के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने समारोह को सम्बोधित करते हुए बच्चों से कहा कि उन्हें जीवन में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए उत्तम गुणों को अपने आचरण में समाहित करना चाहिए। और देशहित में काम करना चाहिए। बच्चे हमारे देश एवं समाज के कर्णधार हैं। उनकी देखभाल, उनका पालन-पोषण एवं संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से यह आग्रह किया कि वे बच्चों में छिपे आंतरिक गुणों को पहचाने एवं उसे प्रोत्साहित करें।
श्री टंडन ने कहा कि बाल्यावस्था जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। स्कूल के परिवेश में बच्चे अपने शिक्षकों का जैसा आचरण एवं व्यवहार देखते हैं, उसे ही अपना लेते हैं, इसलिए शिक्षकों का उच्च आचरण होना चाहिए जिससे बच्चों को प्रेरणा मिल सके। बच्चों को हमारी सांस्कृतिक धरोहर से भी परिचित होना चाहिए। हमें उन्हें सक्षम बनाने की आवश्यकता है ताकि वे व्यवहार में जीवन की सच्चाई का सामना करते हुए जीवन रूपी परीक्षा में सफल हो सकें। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने सृष्टि की रचना करते समय मनुष्य एवं पशुओं में ज्ञान, बुद्धि एवं सोच का अंतर रखा। हमें हमेशा समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्कूल में स्थापित मेडिटेशन सेंटर की भी सराहना की।
महानदी एजुकेशन सोसायटी के चेयरमेन श्री स्वरूपचंद जैन ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि हमें अपने बच्चों में नैतिक मूल्यों को रोपित करते हुए उन्हें मानवीयता एवं प्रेम से परिपूर्ण बनाने की जरूरत है। उन्होंने स्कूल द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आगे भी उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने की दिशा में संस्थान हर संभव कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के कार्यकारी संचालक श्री के. मोहंती ने वार्षिक प्रतिवेदन का वाचन किया। इस अवसर पर खेल, वाद-विवाद, निबंध, चित्रकला, सुलेख, हिंदी एवं अंग्रेजी कविता लेखन एवं नाटक सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

Comments

CAPTCHA code

Users Comment