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देहरादून,
औद्योगिक विकास मंत्री डा0 इंदिरा हृदयेश ने कहा है कि प्रदेश में अधिक से अधिक उद्यमी आयें इसके लिये प्रभावी पहल की जायेगी। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही उनकी कठिनाइयों को दूर किया जायेगा। उद्योगों में प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार प्राप्त हो इसके लिये भी कारगर प्रयास किये जायेंगे। प्रदेश से उद्योगों के पलायन रोकना हमारी प्राथमिकता है बुधवार को सिडकुल भवन में आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकतानुसार दक्ष युवा उपलब्ध हो इसके लिये आईटीआई चिन्हित की गई है जहां पर इनके प्रशिक्षण की व्यवस्था औद्योगिक संस्थानों द्वारा भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों को सभी आवश्यक सुविधायें मुहैया करायी जायेगी, ताकि अधिक से अधिक उद्योगपति यहां आयंे। उन्होंने उद्योगपतियों से भी राज्य हित में सहयोग की उपेक्षा की है।

सिडकुल की गतिविधियों एवं क्रियाकलापों तथा प्रगति की समीक्षा के सम्बन्ध में औद्योगिक विकास मंत्री डा. इंदिरा हृद्येश अध्यक्षता में सिडकुल मुख्यालय, 29 आई.आई.ई. (आई.टी. पार्क), देहरादून में बैठक आहूत की गयी। प्रबन्ध निदेशक,सिडकुल द्वारा सिडकुल के क्रियाकलापों का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस दौरान समस्त औद्योगिक आस्थानों में कुल उपलब्ध भूखण्डों, विभिन्न औद्योगिक इकाईयों को आवंटित भूखण्ड तथा रिक्त भूखण्डों के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया गया। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए मुख्य इकाईयों द्वारा स्थापित उद्योगों का भी ब्यौरा दिया गया। राज्य के विभिन्न औद्योगिक आस्थानों में अवस्थापना एवं विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की गयी।

औद्योगिक विकास मंत्री डा. इंदिरा हृद्येश द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के वर्तमान विस्तार पर असंतोष व्यक्त करते हुये कहा गया कि बंगलौर व हैदराबाद के तर्ज पर सूचना प्रौद्योगिकी आधारित कम्पनियों को आमंत्रित किया जायें। राज्य में औद्योगिक विकास की ऐसी अवधारणा रखी जाये कि विभिन्न औद्योगिक समूह राज्य में निवेश करने हेतु आकर्षित हों। काशीपुर में टैक्सटाईल पार्क विकसित किये जाने हेतु प्रयास किये जायें ताकि जसपुर तथा काशीपुर में अवस्थित स्थानीय बुनकर समूहों को रोजगार के उचित अवसर दिये जा सकें एवं उनकी क्षमताओं का विकास हो सके। सिडकुल प्रबन्धन को यह भी निर्देश दिये गये कि स्थानीय उद्योग समूहों को औद्योगिक भूखण्ड आवंटित करने में प्राथमिकता दें ताकि रोजगार के अवसर सृजित हो सकें एवं उत्तराखण्ड के स्थानीय बेरोजगारों को अधिकाधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हों। इस सम्बन्ध में स्थानीय औद्योगिक इकाईयों को वर्तमान में आवंटित भूखण्डों की सूचना पृथक से उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये।

औद्योगिक विकास मंत्री डा. इंदिरा हृद्येश ने कहा कि बड़े औद्योगिक घरानों को राज्य में अपने उद्योगों को स्थापित करने हेतु आकर्षित किया जाये। यदि इस सम्बन्ध में कोई बाधा उत्पन्न हो रही हो तो उसका समाधान शीर्ष प्राथमिकता पर किया जाये। यदि राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास हेतु किसी रियायत की आवश्कता प्रतीत हो रही हो, तो उसका औचित्य सहित प्रस्ताव शासन को शीघ्र प्रस्तुत किया जाए।

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