Monday, August 10th, 2020

फ्लोर टेस्ट पर असमंजस बरकरार

भोपाल । सियासी घमासान के बीच सोमवार को मप्र का बजट सत्र शुरू होगा। सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित लगभग सभी मंत्रियों का दावा है कि सरकार बहुमत साबित कर लेगी। लेकिन विश्वभर में जिस तरह कोरोना वायरस का कहर मचा हुआ है उसको देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति राज्यपाल के अभिभाषण के बाद बजट सत्र स्थगित कर सकते हैं।
प्रदेश में सत्ता संघर्ष के बीच रविवार को भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल मची हुई है। रविवार को जयपुर में ठहरे कांग्रेस के 85 विधायकों के भोपाल पहुंचने पर सियासी हलचल और तेज हो गई। कांग्रेस भोपाल में तो भाजपा दिल्ली में रणनीति बनाने में जुटी रही। प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की बैठक की और कर्मचारियों का सौगात बांटी, वहीं शाम को सीएम हाउस में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी हुई। उधर, विधानसभा अध्यक्ष ने बेंगलुरु में मौजूद विधायकों को लेकर चिंता जाहिर की।


-रणनीति बनाने में भाजपा पर भारी रहे कमलनाथ
मप्र में 13 दिनों से चल रहे सियासी घमासान का आकलन करें तो यह तथ्य देखने को मिल रहा है कि शह मात के इस खेल में मुख्यमंत्री कमलनाथ की रणनीति भाजपा पर भारी पड़ रही है। प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा के नेताओं ने दिल्ली से लेकर भोपाल तक जो भी रणनीति बनाई है, उसका कमलनाथ ने जोरदार तरीके से जवाब दिया है।


-विधानसभा में कोरोना से बचाव के होंगे इंतजाम
मौजूदा सियासी घटनाक्रम पर स्पीकर एनपी प्रजापति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। फ्लोर टेस्ट के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये काल्पनिक बात है। जब उनसे इस बारे में मीडिया ने लगातार सवाल किए तो उन्होंने कहा- आपको सोमवार को ही इस बारे में पता चलेगा। फैसला लेने से पहले मैं आप लोगों को नहीं बताऊंगा। हालांकि, कोरोनावायरस के बारे में उन्होंने कहा कि किसी भी चीज से ज्यादा जरूरी है सेहत। सभी को इसकी चिंता है। विधानसभा में भी हम इसके इंतजाम दिखेंगे। सेहत से ज्यादा जरूरी कोई दूसरी चीज नहीं है।


विधायक मुझसे सीधे संपर्क नहीं कर रहे: प्रजापति
प्रजापति ने कहा- मैं लोकतंत्र का संरक्षक हूं। ये आप तय कीजिए कि क्या चल रहा है। और जो लोग लोकतंत्र के संरक्षक हैं, उन्हें भी चिंता करनी चाहिए। कहा- मैं विधायकों को लेकर चिंतित हूं। विभिन्न माध्यमों से उनके बारे में जानकारी मिल रही है। लेकिन वे मुझसे सीधे संपर्क नहीं कर रहे।


बजट सत्र नहीं टलेगा: सिंघार
पांच दिन जयपुर में रहने के बाद कांग्रेस के 86 में से 85 विधायक रविवार को भोपाल लौट आए। एक विधायक दो दिन पहले ही भोपाल पहुंच गए थे। सभी विधायकों को अब होटल मैरियट में ठहराया गया है। दोपहर में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कैबिनेट मीटिंग की। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में मंत्रियों ने कमलनाथ से कहा कि फ्लोर टेस्ट कराने के बारे में वे ही फैसला करें।  इस बीच, कमलनाथ सरकार में मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा, हमारे पास बहुमत है। फ्लोर टेस्ट हो ये जरूरी नहीं। अभी तो कोरोना चल रहा है। वहीं, एक अन्य मंत्री उमंग सिंघार ने कहा- बजट सत्र नहीं टाला जाएगा। कोरोनावायरस तो भाजपा में है। विधायकों के साथ जयपुर से भोपाल आए उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा- हम फ्लोर टेस्ट नहीं टालना चाहते।

 
-राज्यपाल से हाथ उठाकर मत विभाजन की मांग की है
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, भाजपा विधायक दल के सचेतक नरोत्तम मिश्रा ने राज्यपाल लालजी टंडन से राजभवन में मुलाकात की। राज्यपाल से मिलकर लौटे नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने कहा कि राज्यपाल ने विधानसभा में विश्वास मत के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग कराने कहा है। लेकिन, हमें विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि विधानसभा में यह सिस्टम अभी काम करने की स्थिति में नहीं है। ऐसी स्थिति में हमने राज्यपाल से हाथ उठाकर मत विभाजन कराने की मांग राज्यपाल से की है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है। अब कुछ मंत्री कोरोना का हवाला देकर इसे टालने की बात कह रहे हैं। जब संसद चल सकती है तो विधानसभा की कार्यवाही क्यों नहीं हो सकती। कांग्रेस विधायकों की संख्या काफी अंतर है इसलिए सरकार तो गिरेगी। बजट सत्र को चलने दें, कोरोना का बहाना नहीं चलेगा। सरकार कुछ दिन और अपने को बचाना चाहती है।


-फ्लोर टेस्ट स्पीकर नहीं तो फिर कोर्ट कराएगा: नरोत्तम
भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा, बेंगलुरु में मौजूद विधायकों को सुरक्षा मिलनी चाहिए। सरकार को फ्लोर टेस्ट तो कराना ही होगा। अगर ये स्पीकर नहीं कराएंगे तो फिर कोर्ट कराएगा।


-भाजपा ने दिल्ली में बनाई रणनीति
फ्लोर टेस्ट को लेकर भाजपा भी दिल्ली में तैयारियों में जुटी रही। मुख्यमंत्री कमलनाथ को सोमवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना है। दिल्ली में भाजपा नेताओं के बीच बैठकों के कई दौर हुए। सुबह केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आवास पर ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह और धर्मेंद्र प्रधान ने फ्लोर टेस्ट की रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद चारों नेता सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से मिलने पहुंचे। बाद में रात को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निवास पर बैठक हुई।


-भाजपा विधायकों से मिले शिवराज
उधर, शिवराज सिंह 105 भाजपा विधायकों से मिलने गुडग़ांव के आईटीसी ग्रैंड होटल भी गए। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इन विधायकों को सोमवार सुबह तक भोपाल ला सकती है। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भोपाल लौटने पर सोमवार सुबह बेंगलुरु में ठहरे उनके खेमे के 22 विधायक भोपाल पहुंच सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि विधायकों को फ्लोर टेस्ट के लिए बेंगलुरु से सीधे विधानसभा लाया जा सकता है। सिंधिया समर्थक विधायकों ने भोपाल आने से पहले जान को खतरा बताते हुए सीआरपीएफ से सुरक्षा मांगी है। दूसरी ओर, भाजपा ने फ्लोर टेस्ट से पहले अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है।


-फ्लोर टेस्ट से पहले कोरोना टेस्ट
पांच दिन जयपुर में रहने के बाद कांग्रेस के 86 में से 85 विधायक रविवार को भोपाल लौट आए। एक विधायक दो दिन पहले ही भोपाल पहुंच गए थे। सभी विधायकों को अब होटल मैरियट में ठहराया गया है। सोमवार को फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, इस पर सस्पेंस है। लेकिन रविवार शाम को डॉक्टरों की एक टीम ने कोराना टेस्ट के लिए इन विधायकों के सैम्पल लिए।


- बागी विधायकों ने वीडियो जारी कर मांगी सुरक्षा
बेंगलुरु में ठहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने रविवार सुबह एक नया वीडियो जारी कर जान को खतरा बताया है। विधायकों ने वीडियो में कहा कि उन्होंने अपने इस्तीफा दे दिए हैं। सभी भोपाल आना चाहते हैं, इसके लिए उन्हें सीआरपीएफ की सुरक्षा दी जाए। सभी ने कांग्रेस सरकार से खुद को खतरा बताया है। विधायकों का तर्क है कि जब सिंधियाजी पर भोपाल में हमला किया जा सकता है तो हमें भी खतरा है।


-विधायकों से जबरदस्ती वीडियो बनवाए जा रहे
इधर, कांग्रेस के प्रवक्ता जफर ने वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल किए हैं। उन्होंने इमरती देवी का एक वीडियो जारी किया है। इसमें फुसफुसाने की आवाज आ रही है। कांग्रेस का कहना है कि ये वीडियो विधायकों से जबरदस्ती बनवाए जा रहे हैं। पीएलसी।PL.

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