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Thursday, November 26th, 2020

फोन पर बात कर दिल्ली लौटे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी

नई दिल्ली । नागरिकता संशोधन कानून  के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात के लिए मंगलवार को मेरठ जा रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने जिले की सीमा में घुसने से पहले ही रोक दिया। जिला प्रशासन और पुलिस ने उन्हें जिले में धारा 144 लगे होने का हवाला देते हुए जिले की सीमा से बाहर ही रोक दिया। कांग्रेस का कहना है कि यूपी पुलिस ने आज मेरठ के बाहर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को रोक दिया है। राहुल गांधी की ओर से यह अनुरोध करने के बाद भी कि हम केवल ३ लोग ही जाएंगे पुलिस ने उन्हें मेरठ में घुसने की अनुमति नहीं दे रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात करने के लिए मेरठ जा रहे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में कांग्रेस द्वारा सोमवार को राजघाट पर आयोजित 'सफल' विरोध प्रदर्शन के लिए छात्रों, युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सैकड़ों पार्टी समर्थकों के साथ महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर 'संविधान में प्रतिष्ठापित अधिकारों की रक्षा की मांग' करने के साथ-साथ सीएए के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था।


राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘भारत के छात्रों, युवाओं और कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को मोदी-शाह द्वारा देश को विभाजित करने के विरोध में राजघाट पर आयोजित एकता सत्याग्रह को सफल बनाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता सोमवार को राजघाट पर इकट्ठे हुए थे। पार्टी ने अपनी प्रदेश इकाइयों को भी सभी राज्यों में शांति जुलूस आयोजित करने के लिए कहा था। पार्टी ने कहा कि महात्मा गांधी ने भी ब्रिटिश शासकों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ ऐसा ही विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने अब बी.आर.आंबेडकर के संविधान को बचाने के लिए कमर कस ली है। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश के मेरठ सहित अनेक शहरों में भारी हिंसा देखने को मिली थी। इस हिंसा में जहां कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, वहीं कई पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। PLC

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