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Wednesday, June 16th, 2021

फसलों की उत्पादकता बढ़ाना आवश्यक

आई एन वी सी न्यूज़
रायपुर,
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना सहित किसानों और वनवासियों के हित में निजी क्षेत्र द्वारा की जाने वाली हर पहल को राज्य सरकार हर संभव मदद देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि निजी क्षेत्र के उद्यमियों ने छत्तीसगढ़ में साग-सब्जियों और फलों के प्रसंस्करण सम्भावनाओं को परखा है और वे खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपनी भागीदारी तेजी से बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि किसानों को उनके उत्पाद की सही कीमत मिल सके। इसके लिए उपज की सुरक्षा, भण्डारण और प्रसंस्करण के लिए फूड पार्क की एक व्यापक श्रृंखला की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 110 फूड पार्क स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जमीनों का चिन्हांकन किया जा चुका है। प्रदेश के प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम एक फूड पार्क की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सभी तरह के फल और सब्जियों का भरपूर उत्पादन होता है। कई बार किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नही मिल पाता। प्रदेश में वनोपजों का भी भरपूर उत्पादन होता है। लेकिन वनोपजों के संग्रहण और प्रसंस्करण की सुव्यवस्थित प्रणाली नहीं होने के कारण कई अवसरों पर संग्राहकों को समुचित आर्थिक लाभ नहीं मिल पाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और वनवासियों को उनके उत्पादों का सही मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने इन उत्पादों को क्षेत्रवार चिन्हित करके उनके प्रसंस्करण का कार्य शुरू किया है। वनोपजों को संग्रहण करने वाले स्व सहायता समूहों के माध्यम से उनके प्रसंस्करण के लिए वन-धन केन्द्रों की स्थापना की गई है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा है कि आज इस बात की आवश्यकता है कि किसानों की फसलों की उत्पादकता बढ़े, कृषि और उद्यानिकी फसलों का प्रसंस्करण हो और किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले। इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की योजनाएं का  लाभ लेने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका का निर्वाह करे।

केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना लागू की गई है। छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में फूड पार्कों की स्थापना के लिए निजी क्षेत्र को भूमि आबंटन के साथ अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।

    रायपुर जिले के ग्राम बेमता-सरोरा में केन्द्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना और मेगा फूड पार्क योजना के अंतर्गत विकसित किए गए इंडस बेस्ट मेगा फूड पार्क में फलों और सब्जियों के गूदे और टमाटर, आम, ब्लूबेरी, पपीता, अमरूद, आंवला और लौकी, करेले के गूदे, जूस तैयार करने की अंतर्राष्ट्रीय मानक की प्रसंस्करण और पैकेजिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा मटर, आम के स्लाइस, पपीते के स्लाइस, पत्तेदार सब्जियों के लिए फूड पार्क में 6650 मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज व 22 हजार मीट्रिक टन ड्राई वेयरहाउस की सुविधा भी उपलब्ध है। उत्पादों की गुणवत्ता परीक्षण के लिए फूड पार्क में अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। फूड पार्क में छोटी इकाईयों और प्रोसेसर के लिए 150 वर्ग गज के प्लग एंड प्ले शेड बनाए गए हैं। फूड पार्क में चावल, दूध, मक्का, तेल, टमाटर आधारित प्रसंस्करण इकाईयों के लिए 0.5 एकड़ से एक एकड़ के 30 औद्योगिक भूखण्ड भी हैं।

वर्चुअल कार्यक्रम में केन्द्रीय सचिव श्रीमती पुष्पा सुब्रमणियम, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव उद्योग श्री मनोज कुमार पिंगुआ, इंडस बेस्ट मेगा फूड पार्क के चेयरमेन श्री रूद्र सेन सिंधु, निदेशक श्री सत्यपाल सिंधु, दैनिक हरिभूमि के प्रधान सम्पादक श्री हिमांशु द्विवेदी भी शामिल हुए।

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