Sunday, February 23rd, 2020

प्रेम लता शर्मा की ग़ज़ल

बेवफ़ाई की अदा यूँ न दिखाओ यारो, अपने खंज़र को भी अब सामने लाओ यारो. पत्थरों को है छुपाया तुम्ही ने कश्ती में, डूब जाते हैं चलो मुंह न छुपाओ यारो. एक चेहरे पे लगा रखे है कितने चेहरे दिल की दुनिया में अब जी के दिखाओ यारो. बर्क गिरती हो गिरे या कि धूँआ उठ्ठे कही दूर से देखो उसे पास न जाओ यारो. भेस बदले है हवस नित नए लिबासों में उसको पहचान के फिर खुद को बचाओ यारो. रोशनी प्यार की होने दो अपने सीने में, बाद मंदिर में कोई दीप जलाओ यारो. राहजन था वो जिसे प्रेम तू समझी दिलवर अपने लोगों से भी दामन को बचाओ यारो. Top of Form प्रेम लता शर्मा आईबीएम ग्लोबल सर्विसिज में कार्यरत Colorado Springs, Colorado में रहते हैं ____________________________Prem Lata Sharma

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Moni gopal 'Tapish', says on July 27, 2016, 12:21 PM

Bahut bahut badhai shaandaar Ghazal dheron daad

Harsha Shah, says on July 22, 2015, 12:44 PM

As always I say u r awesome didi.