Thursday, July 2nd, 2020

प्रवासी मजदूरों को लेकर जुबानी जंग जारी - जानिए क्या हैं हालात 

प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन चलाने के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार आमने-सामने हैं. एक ओर जहां मजदूर अपने गृह राज्य जाने के लिए रेल के भरोसे बैठे हैं तो वहीं महाराष्ट्र और केंद्र की सरकार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. राज्य सरकार जहां कहती है कि प्रवासी मजदूरों के लिए रेलवे उन्हें (महाराष्ट्र सरकार) पर्याप्त ट्रेनें नहीं उपलब्ध करा रही तो वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल महाराष्ट्र सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं.

दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक बयान से होती है. उद्धव ठाकरे रविवार को कहते हैं कि मजदूरों के लिए रेलवे महाराष्ट्र सरकार को पर्याप्त ट्रेन नहीं उपलब्ध करा रही है. उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि उनकी सरकार प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए 80 ट्रेनों की मांग कर रही है, लेकिन केंद्र हर रोज सिर्फ 30 से 40 ट्रेनें ही उपलब्ध करा रहा है.
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद रेल पीयूष गोयल ने ट्वीट किया. उन्होंने कहा कि रविवार रात कहा कि हम महाराष्ट्र को 125 श्रमिक विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं. चूंकि आपने कहा कि आपके पास एक सूची तैयार है इसलिए मैं आपसे सभी सूचनाएं अगले घंटे में मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को उपलब्ध कराने का आग्रह करता हूं जैसे कि ट्रेन कहां से चलेगी, ट्रेनों के मुताबिक यात्रियों की सूची, उनका चिकित्सीय प्रमाण-पत्र और ट्रेन कहां जाएगी आदि ताकि हम ट्रेनों के समय की योजना बना पाएं.

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कसा तंज

अब पीयूष गोयल के बयान के बाद पूरे मामले में शिवसेना के सांसद संजय राउत दखल देते हैं. शिवसेना नेता ने ट्वीट किया कि महाराष्ट्र सरकार ने आपको श्रमिकों की सूची सौंपी है, जो घर जाना चाहते हैं. आपसे केवल यह अनुरोध है कि ट्रेनें पूर्व में की गई घोषणा के मुताबिक स्टेशन पहुंच जाएं. शिवसेना सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि गोरखपुर जाने वाली ट्रेन ओडिशा पहुंच गई थी. उन्होंने पीयूष गोयल से यह भी पूछा कि क्या रेल मंत्रालय ने 14 मई को नागपुर-उधमपुर प्रवासी ट्रेन चलाने के दौरान भी ऐसी सूची बनाई थी.
 

रेलवे ने क्या कहा

अब इसके बाद रेलवे ने कहा कि महाराष्ट्र से श्रमिकों को निकालने के लिए 125 ट्रेनों की पेशकश की गई थी, लेकिन राज्य सरकार 25 मई को सुबह 2 बजे तक 41 ट्रेनों को ही स्वीकृति दे पाई.

रेलवे ने जारी बयान में कहा कि इन 41 ट्रेनों में से भी केवल 39 ही चल सकीं क्योंकि स्थानीय प्रशासन यात्रियों को स्टेशन तक नहीं पहुंचा सका, और बाद में दो ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा. रेलवे ने कहा कि 26 तारीख को महाराष्ट्र के लिए 145 श्रमिक ट्रेनों को तैयार किया. ये ट्रेन 26 मई को महाराष्ट्र से चलनी थीं. दोपहर 12 बजे तक, महाराष्ट्र से 25 ट्रेनों को चलाने की योजना थी, लेकिन यात्रियों की कमी के चलते कोई ट्रेन रवाना नहीं हुई. पहली ट्रेन दोपहर 12.30 बजे छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से रवाना हो सकी.

महाराष्ट्र सरकार का कहना है प्रवासी मजदूरों को भेजने के लिए जो केंद्र ने प्रोटोकॉल बनाया था. दोनों राज्यों के नोडल ऑफिसर की अनुमति के बाद ही मजदूरों को भेजने का हम उसका पालन कर रहे हैं. रेलवे ने मजदूरों की संख्या के मुकाबले कम ट्रेन मुहैया कराई हैं.

रेल मंत्री ने राज्य सरकार पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

उधर, इस पूरे विवाद पर मंगलवार शाम को रेल मंत्री ने बयान दिया. पीयूष गोयल ने ट्वीट किया कि रेलवे ने मंगलवार को 145 ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई थी. रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात 11 बजे तक 140 ट्रेनें तैयार थीं, लेकिन यात्रियों की कमी की वजह से इसमें से 62 ट्रेनें ही प्रस्थान कर पाईं. पीयूष गोयल ने आगे कहा कि रेलवे कर्मचारी दिनरात एक करके लोगों को गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं. ट्रेनों को सात से नौ दिन लगते हैं, ये आरोप पूरी तरह से निराधार हैं.

रेल मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने झूठ बोला है कि उन्होंने 80 ट्रेनों की मांग की थी, लेकिन 30-40 ट्रेनें ही मिलीं. हमने उन्हें 125 ट्रेनों का ऑफर दिया. वे ट्रेनों की डीटेल नहीं दे पाए. उन्होंने केवल 41 ट्रेनों की डीटेल दी है.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री का रेल मंत्री पर हमला

रेल मंत्री के इस बयान के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि रेल मंत्री पीयूष गोयल लोगों को गुमराह कर रहे हैं. सबको पता है 22 मई को बंगाल में अम्फान तूफान आया था. बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने 22 मई को रेलवे को पत्र लिखा और बताया कि वह 26 मई तक प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन नहीं चाहते हैं. पीयूष गोयल गंदी राजनीति कर रहे हैं. वह बंगाल के मजदूरों के लिए 34 ट्रेन महाराष्ट्र भेजते हैं. मुख्य सचिव के लेटर के बाद भी पीयूष गोयल बंगाल के मजदूरों के लिए महाराष्ट्र में ट्रेन भेज रहे हैं.
अनिल देशमुख ने कहा कि अब पीयूष गोयल कह रहे हैं कि रेलवे ने महाराष्ट्र में ट्रेनें भेजी थी, लेकिन महाराष्ट्र सरकार उन ट्रेन से मजदूरों को नहीं भेज पाई. कोरोना महामारी के दौर में भी राजनीति हो रही है. अनिल देशमुख ने कहा कि मैं रेल मंत्री को सलाह देता हूं कि वह गंदी राजनीति नहीं करें. PLC.

 

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