नई दिल्ली: केंद्र की एनडीए सरकार ने लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश कर दिया है. विपक्ष सहित दूसरे अन्य दलों के सांसद इसका विरोध कर रहे हैं. सपा सांसद आजम खान तो दो कदम आगे बढ़ गए. उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर कुरान की राय को ही मानेंगे. सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आजम खान ने साफ कहा कि यह हमारा व्यक्तिगत मामला है. इसमें कुरान से हटकर कोई बात स्वीकार नहीं की जाएगी.

रामपुर से सांसद आजम खान ने कहा, 'कोई एक तलाक मानता है, माने. कोई दो मानता है, माने. कोई तीन तलाक मानता है, माने. नहीं मानता है मत माने. मैं कहता हूं कि यह हमारा व्यक्तिगत मामला है, इस पर कुरान जो फैसला देता है. उस राय से हटकर कोई बात कबूल नहीं की जाएगी.'

हिन्दुस्तान एक बेहतरीन इंसान है और इसे बेहतरीन इंसान बने रहना चाहिए : आजम खान
आजम खान ने सोमवार को देश की तुलना ‘‘एक बेहतरीन इंसान’’ करते हुए कहा कि इसे ‘‘बेहतरीन इंसान’’ बने रहना चाहिए । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बहुत बड़ी जिम्मेदवारी है और ऐसे में जो कहा जाए, उसे पूरा भी किया जाना चाहिए. लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषाण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए आजम खान ने कहा कि हमारी व्यवस्था ऐसी है जिसमें राष्ट्रपति को लिखा हुआ पढ़ना होता है। ऐसे में जिन बुनियादी सवालों के जवाब इसमें होने चाहिए थे, वे इसमें नहीं थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुल्क में दूसरी सबसे बड़ी आबादी के साथ जो सलूक किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है.

खान ने कहा कि इस सदन में कहा गया कि जो बंदे मातरम नहीं बोलेगा, उसे देश में रहने का अधिकार नहीं है. ‘‘हमें यह समझना होगा कि आज भी हिन्दू, मुस्लिम एक ही मोहल्ले में साथ साथ रहते हैं लेकिन इस तानेबाने को खराब करने का प्रयास हो रहा है जो ठीक नहीं है.’ उन्होंने कहा कि आज बात 1947 की होती है और आजादी के बाद पिछले 70 वर्षो का जिक्र भी होता है. ऐसा बताने का प्रयास होता कि जो भी विकास का काम हुआ, वह पिछले पांच वर्षो में ही हुआ. सपा नेता ने कहा, ‘‘हिन्दुस्तान एक बेहतरीन इंसान है और इसे बेहतरीन इंसान बने रहना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनावी जीत पर बधाई दी और कहा कि उन पर बहुत बड़ी जिम्मेदवारी है. ऐसे में जो कहा जाए, वह किया भी जाना चाहिए. आजम खान ने कहा कि संविधान सर्वोपरि है और हमें संविधान को मानना चाहिए. PLC