Monday, October 14th, 2019
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प्रधानमंत्री ने पूर्वसैनिकों से किया वादा निभाया : भाजपा अध्यक्ष

AMITSHAH,amitshahinvcnewsआई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र की राजग सरकार द्वारा ‘वन रैंक, वन पेंशन’ सिद्धांत को स्वीकार करने के निर्णय का स्वागत किया है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वसैनिकों से किया अपना वादा निभाते हुए यह ऐतिहासिक फैसला किया है और इससे देश के पूर्वसैनिकों को लाभ होगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज भारत सरकार ने 40 वर्ष पुरानी पूर्व सैनिकों की ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की माँग को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा की ओर से देश के सेवानिवृत्त जवानों को ह्रदय से बधाई देता हूँ और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए अभिनन्दन करता हूँ। श्री शाह ने आगे कहा, “सन 1973 में तात्कालिक कांग्रेस सरकार ने सेना के रिटायर्ड जवानों के पेंशन को 70% से घटाकर 50% कर दिया था, तभी से ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की माँग उठी थी। लम्बे समय तक सेना के जवानों ने इस अधिकार के लिए संघर्ष किया। जब 2014 के लोक सभा चुनाव में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी और वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी ने पूर्व सैनिकों को आश्वस्त किया था कि जैसे ही हमारी सरकार केंद्र में बनती है, हम उनपर त्वरित निर्णय लेंगें और उसको लागू करेंगें और जैसे ही केंद्र में भाजपा की सरकार बनी, हमने इसपर कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा सैनिकों को तथा जो सैनिक आज हमारे बीच नहीं हैं उनकी पत्नी को और शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों को होगा। उन्होंने कहा कि पूर्वसैनिकों की विधवाओं को एक ही किश्त में ओआरओपी का पूरा एरियर मिलेगा। श्री शाह ने कहा, "ओआरओपी योजना को लागू कर मोदी सरकार ने आखिरकार चार दशक पुरानी समस्या हल कर दी है जिसे पूर्ववर्ती सरकारें टालती आ रही थीं। पूर्वसैनिकों के लिए आज खुशी का दिन है क्योंकि उनकी मांगे मान ली गईं हैं। सहज कार्यान्वयन के लिए सरकार एक समीक्षा समिति का भी गठन कर रही है।" श्री शाह ने कहा कि 1973 से 2010 तक लगभग चार दशकों तक किसी भी सरकार ने ओआरओपी की ओर ध्यान नहीं दिया। पूर्वसैनिकों ने 2010 में जब ‘वन रैंक वन पेंशन’ (जिसका अर्थ है कि समान अवधि तक सेवा के उपरांत समान रैंक से सेवानिवृत्त होने वाले व्यक्ति के बराबर पेंशन) की मांग पुन: उठाई तो संप्रग सरकार ने 2014 के लोक सभा चुनाव से ठीक कुछ समय पूर्व तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 17 फरवरी 2014 के बजट में वित्त वर्ष 2014-15 के लिए मात्र 500 करोड़ रुपये का प्रावधान कर दिया जो कि एक मजाक की तरह था। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से भी ओआरओपी को सिद्धांततः लागू करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने मात्र 15 महीने के कार्यकाल में ही चार दशक पुरानी पूर्वसैनिकों की मांग को स्वीकार कर लिया है जो सराहनीय है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के इस नीतिगत निर्णय से पूर्व सैनिकों को एक आर्थिक सुरक्षा चक्र प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत इस पेंशन योजना से सेना के सेवानिवृत्त जवानों को 9 से 10 हजार करोड़ का अतिरिक्त फायदा होगा। उन्होंने कहा, “हम सब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आभारी हैं कि उन्होंने आज ऐतिहासिक निर्णय करके भारतीय सैनिकों के प्रति अपनी भावनाओं को प्रदर्शित किया है। लालकिले से किये वायदे को पूरा करने के लिए माननीय नरेन्द्र मोदी जी को बहुत-बहुत बधाई।“  भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं देश के रक्षामंत्री और सेना के रिटायर्ड जवानों को एक बार पुनः ‘वन रैंक, वन पेंशन’ लागू होने पर बधाई देता हूँ।

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