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जयपुर,
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि प्रदेशवासियों के संबल से ही राजस्थान देश के अग्रणी प्रदेशों में शामिल हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में दो वर्षों में सर्वांगीण विकास की परिकल्पना को धरातल पर लाने के प्रयासों के साथ उपलब्धियों की जानकारी दी और जनकल्याण से जुड़ी अनेक घोषणाएं की।
श्रीमती राजे रविवार को जयपुर के जनपथ पर ‘विकास संकल्प समारोह‘ को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने सात करोड़ राजस्थानियों के आगे शीश नवाते हुए कहा कि आपने ही मुझे शक्ति, संबल और आशीर्वाद देकर मेरा साथ दिया। यह साथ और विश्वास इसी तरह मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि यह वही पवित्र जनपथ है, जहां आपने ऐतिहासिक जनादेश देकर आज से दो साल पहले 13 दिसम्बर, 2013 को मुझे प्रदेश की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब एक तरफ जनता की अपेक्षाएं थीं तो दूसरी तरफ गंभीर आर्थिक संकट था लेकिन सरकार ने राजस्थान के स्वाभिमान के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया और हर चुनौती को स्वीकार किया। कड़ी मेहनत, लगन और निष्ठा से हम हालातों को सुधारने में लगे रहे और लगे हुए हैं। स्थितियां निश्चित तौर पर सुधर रही हैं।
बीमारू श्रेणी से बाहर निकल रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपने पिछले कार्यकाल में राजस्थान को ‘बीमारू‘ राज्यों की श्रेणी से बाहर निकाल दिया था। अफसोस है कि पूर्ववर्ती सरकार के समय राजस्थान वापस ‘बीमारू‘ श्रेणी में शामिल हो गया, जो आज हमारे प्रयासों से फिर इससे बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने कार्यकाल और अपनी पार्टी का हिसाब देने की बजाय हमसे हिसाब मांगते हैं ताकि वे अपनी खामियों को ढंक सकें। मैं उनमें से नहीं जो कहते कुछ और सोचते कुछ हैं, करते कुछ और दिखाते कुछ और हैं। उन्होंने आंकड़ों के साथ विकास की  सच्चाई सबके सामने रखी।
6 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा
श्रीमती राजे ने राज्य की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि जिस प्रदेश में रोजगार के अवसर न पाकर युवा हताश और उदासीन हो गए थे वही आज कौशल विकास में देश में प्रथम स्थान पर है। हम पांच वर्षों में 15 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे। इस लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पिछले दो वर्र्षांे में 6 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।
सौर उर्जा में भी हमारा परचम
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान को रिर्जव बैंक ने निवेश के लिए देश में तीसरा स्थान दिया है, विश्व बैंक ने ईज ऑफ डूंईग बिजनेस में देश में छठी रैंक दी है। राज्य बेस्ट होली-डे डेस्टीनेशन के रूप में एशिया में छठे स्थान पर है। वहीं सौर उर्जा के क्षेत्र में हम देश में अव्वल हैं। राजस्थान खानों की ई-नीलामी में देश में प्रथम पायदान पर है। हमारा प्रदेश 5 हजार राशन की दुकानों को विकसित करने वाला देश का पहला राज्य है। यह ‘टीम राजस्थान‘ के 7 करोड़ राजस्थानियों के प्रयासों का ही नतीजा है।
श्रीमती राजे ने कहा कि अनिल अग्रवाल हो, चाहे साइरस मिस्त्री हो, चाहे आदित्य बिड़ला हो या फिर  आनन्द महिन्द्रा हों, सभी ने न केवल निवेश व औद्योगीकरण के वातावरण की सराहना की बल्कि शहर की स्वच्छता एवं सौंदर्य की भी भरपूर प्रशंसा की।
प्रशासनिक सुधार के लिए बढ़े कदम
उन्होंने प्रशासनिक सुधार के लिए उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि ‘न्याय आपके द्वार‘ कार्यक्रम में वर्षों से लम्बित 21 लाख 43 हजार मामले निपटाते हुए 61 ग्राम पंचायतों को राजस्व वाद से मुक्त किया गया जो एक रिकॉर्ड है। जिला स्तर पर भी प्रशासनिक सुधार और योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए ‘आपका जिला-आपकी सरकार‘ कार्यक्रम शुरू किया। ‘राजस्थान संपर्क पोर्टल और हैल्प लाइन से घर बैठे समस्याओं का समाधान हो रहा है। श्रीमती राजे ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों मेें रोजमर्रा का सामान एकसाथ एक ही छत के नीचे नहीं मिल पाता है। इसके लिए पांच हजार उचित मूल्य की दुकानों को ‘अन्नपूर्णा भण्डारों‘ के रूप में जून, 2016 तक विकसित करने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
बदल दिया बिजली का परिदृश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विकास की प्रमुख धुरी है। पिछले दो वर्षों में हमने विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से उत्पादन क्षमता में 4282.5 मेगावाट वृद्घि की है जबकि पिछली सरकार के दो साल में यह वृद्घि केवल 2293.75 मेगावाट थी। राज्य सरकार बिजली कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये के कर्ज से उभारने के लिए गत दो वर्षाें में 23 हजार 637 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी है, जबकि पिछली सरकार ने मात्र 4765 करोड़ रुपये की सहायता दी थी। राज्य में सौर उर्जा नीति घोषित की गई, जिससे 42 हजार मेगावाट से ज्यादा के सोलर पाक्र्स और सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैंं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2022 तक एक लाख मेगावाट सौर उर्जा उत्पादन के लक्ष्य के लिए राजस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है। गांवों में भी 20-24 घण्टे बिजली मिल रही है। करीब 80 हजार 668 कृषि कनेक्शन दिए जा चुके हैंं। करीब 12 लाख किसानों को विद्युत उपलब्ध कराने के लिए एक वर्ष में 5976 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया है। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिए 2 हजार 819.40 करोड़ रूपये की स्वीकृति जारी की गई है।
पेयजल संकट से राहत के लिए रिवर बेसिन ऑथोरिटी बनाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदियों को जोडऩे के सपने को राजस्थान में साकार करने के लिए ‘राजस्थान रिवर बेसिन ऑथोरिटी‘ का गठन कर दिया गया है। सिंचाई एवं पेयजल की समस्याओं का समाधान करने के लिए 27 जनवरी, 2016 से प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान‘ एक जन आंदोलन के रूप में शुरू किया जाएगा। तीन वर्ष पूरे होने पर लगभग 9 हजार पेयजल संकट से ग्रस्त गांवों को इससे राहत मिल सकेगी।
श्रीमती राजे ने कृषि क्षेत्र में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि बीकानेर के लूणकरणसर में जैतून रिफायनरी से वाणिज्यिक उत्पादन हो रहा है। नागौर में नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना की गई है।
‘आरोग्य राजस्थान‘ से निरोगी होगा प्रदेश
श्रीमती राजे ने इस अवसर पर प्रदेश में निजी एवं सरकारी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना‘ शुरू करते हुए कहा कि इससे साधारण बीमारी के लिए 30 हजार और गंभीर बीमारी के लिए 3 लाख रुपये तक का बीमा होगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री बीपीएल जीवन रक्षा‘ कोष से 68 लाख से अधिक रोगियों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई। राजस्थान में अंग प्रत्यारोपण की भी सफल शुरूआत की गई है। प्रदेश में ‘आरोग्य राजस्थान‘ अभियान की शुरूआत की गई है जिसके तहत पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ की जांच करवायी जाएगी। इसे भामाशाह कार्ड से जोडक़र प्रत्येक व्यक्ति का ‘हैल्थ कार्ड‘ बनाया जाएगा। राज्य में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए पे माइनस पेंशन के आधार पर चिकित्सकों को नियुक्ति देने के साथ ही चूरू, डूंगरपूर, भीलवाड़ा, बाड़मेर व पाली में 5 नए मेडिकल कॉलेजों की नींव रख दी है।
महिलाओं को सम्मान से जीने का अधिकार
मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति को सम्मान के साथ अधिकार दिलाने के लिए शुरू की गई ‘भामाशाह‘ योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे समाज में महिलाओं का सशक्तीकरण होगा। उन्होंने बताया कि योजना में 3 करोड़ 40 लाख लोगों का नामांकन हो चुका है तथा 80 लाख 60 हजार लोगों के खातों में 604 करोड़ रुपये सीधे ही जमा करवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमने तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती एक ही परीक्षा रीट के माध्यम से कराने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। हर पंचायत में आदर्श विद्यालय की स्थापना की जा रही है और 16 नए सरकारी कॉलेज शुरू किए गए हैं। इसके अलावा तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने प्रदेश में पर्यटन विकास के साथ ही राज्य में सभी लोकदेवताओं के स्मारकों पर किए जा रहे कार्यों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाकर विकास किया जा रहा है।
‘स्वच्छ भारत‘ को बना रहे सफल
मुख्यमंत्री ने नगरीय विकास के क्षेत्र में उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत‘ अभियान को पूरे प्रदेश में सफल बनाया जा रहा है। वर्ष 2018 तक राजस्थान को खुले में शौच से मुक्त करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में यूनेस्को ने जयपुर को लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में क्रियेटिव सिटीज के नेटवर्क में शामिल किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, गांव, कस्बे और शहर को साफ-सुथरा रखें ताकि हमारे शहरों और कस्बों में प्रवेश करते व्यक्त लोगों को साफ-सफाई, सौंदर्यकरण और विकास दिखाई दे।
समारोह में केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो. सांवरलाल जाट, कर्नल राज्यवद्र्घन राठौड़, श्री निहालचन्द, गृह मंत्री श्री गुलाब चन्द कटारिया, सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री यूनुस खान, जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी सहित राज्य मंत्री परिषद के सदस्य स्थानीय निकायों, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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