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Friday, January 21st, 2022

प्रगतिशील किसान, पत्रकार-लेखक जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भागदारी निभाएं : अशोक गहलोत

आई.एन.वी.सी,,
जयपुर,,
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रगतिशील किसानों, पत्रकारों एवं लेखकों का आह्वान किया है कि वे राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव, ग्रामीण, किसान, मजदूर आदि तक पहुंचाने में अपनी भागीदारी सक्रिय निभायें। श्री गहलोत आज यहां पिंकसिटी प्रेस क्लब में ’हलधर टाइम्स’ समाचार पत्र के सातवें वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि पद से बोल रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हलधर शिरोमणि-2012, हलधर रत्न-2012 तथा हलधर रत्न के लिए 33 जिलों से चयनित किसानों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री हरजीराम बुरडक भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं, सडक़ों आदि योजनाएं सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचे, इसमें जनसहभागिता जरूरी है। श्री गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में राजस्थान देश में नम्बर एक पर हो गया है। इसी प्रकार पशुओं को भी नि:शुल्क दवा देने का पहला प्रयोग राजस्थान में हुआ है। उन्होंने कहा है कि पशुओं के उपचार के लिए तहसील स्तर पर भी एक-एक मोबाइल, वेटर्नरी युनिट की स्थापना की जायेगी। श्री गहलोत ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार ने कृषि को प्राथमिकता दी है क्योंकि कृषि आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बिन्दु है। सरकार ने किसानों का समर्थन मूल्य बढ़ाया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से शीतलहर एवं पाले को भी अन्य प्राकृतिक आपदाओं की सूची में शामिल किया है ताकि किसानों को मुआवजा मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों की भलाई को देखते हुए ही एफ.डी.आई. का निर्णय लिया है। इससे किसानों को उत्पादन का उचित मूल्य मिलेगा और उन्हें दलालों और बिचौलियों से भी मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को शहरों की तरह गांवों में सुविधा मिले। इसके लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। किसान आयोग का गठन किया गया, किसान सेवा केन्द्र एवं विलेज नॉलेज सेन्टर स्थापित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इण्डो-इजराइल कार्य योजना के तहत कृषि की उन्नत तकनीक को कृषकों के बीच पहुंचाने के लिए इजराईल सरकार केे तकनीकी सहयोग से जैसलमेर, कोटा और जयपुर में 3 सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस बनवाये जा रहे हैं। किसानों के लिए 5 वर्ष तक बिजली की दरें नहीं बढ़ाने का ऐतिहासिक फैसला लिया ताकि किसानों पर विद्युत दर का भार नहीं पड़े। हमने सत्ता सभालते ही किसानों की बिजली नहीं बढाने का फैसला लिया। इस पेटे अब तक 13-14 हजार करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा विद्युत कम्पनियों को चुकाए जा चुके है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसानों को बिना मांगें लगभग 780 करोड़ रुपये बतौर ’कृषि आदान अनुदान’ दिया गया है। इससे किसानो को बहुत बड़ी मदद मिली है। श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार फसलोत्तर प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए भरतपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से राज्य स्तरीय एग्रो फूड प्रोसेसिंग सेन्टर की स्थापना के लिए प्रयत्नशील है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विषय पर अखबार निकालना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने हलधर टाइम्स परिवार को इस विषय पर अखबार निकालने तथा कृषि क्षेत्र् में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने हलधर शिरोमणि पुरस्कार गुजरात के श्री गेनाराम दरघाभाई पटेल को दिया। इस पुरस्कार में शॉल, प्रशस्ति पत्र एवं एक लाख रुपये नकद प्रदान किये जाते हैं। हलधर रत्न श्रेष्ठ कृषि पत्रकार, कृषि/पशुपालन लेखन पुरस्कार राजस्थान पत्रिका झुंझुनूं के संवाददाता श्री भगवान सहाय यादव, काजरी जोधपुर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. डी. कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र, भीलवाड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक (पशुपालन) डॉ. सी.एम. यादव तथा उद्यान निदेशालय, जयपुर के उपनिदेशक कृषि श्री राजेन्द्र सिंह खीचड़ को यह पुरस्कार प्रदान किये गये। इसके अलावा हर जिले से चयनित 33 किसानों को हलधर रत्न पुरस्कार से नवाजा गया। कृषि मंत्री श्री हरजीराम बुरडक ने कहा कि राजस्थान  सरकार के अलावा किसी अन्य राज्य ने किसानों को सम्मानित करने की योजना नहीं बनायी है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष राज्य सरकार द्वारा 496 किसानों को सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार के रूप में किसानों को 10 से 50 हजार तक की राशि दी जाती है। प्रारम्भ में हलधर टाइम्स के संपादक श्री शरद शर्मा ने सभी का स्वागत करते हुये बताया की निजी क्षेत्र में हलधर शिरोमणि पुरस्कार कृषि क्षेत्र में सबसे बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने बताया समाचार पत्र द्वारा प्रत्येक जिले के चयनित किसानों के अलावा कृषि पत्रकार एवं पशुपालन लेखन पुरस्कार भी दिया जाता है।

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