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Saturday, October 24th, 2020

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आज दी जाएगी आखिरी विदाई

नई दिल्ली | भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार की शाम निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। प्रणब मुखर्जी को पिछले 10 अगस्त को सेना के ‘रिसर्च एंड रेफ्रल हास्पिटल’ में भर्ती कराया गया था। उसी दिन उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। उसके बाद वह काफी दिनों तक सेना के अस्पताल में कोमा में थे।  मुखर्जी को बाद में फेफड़ों में संक्रमण हो गया। वह 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति थे। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। केंद्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर सोमवार को सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। उनके सम्मान में भारत में 31 अगस्त से लेकर छह सितंबर तक राजकीय शोक रहेगा।तो चलिए जानते हैं कब होंगे प्रणब मुखर्जी के आखिरी दर्शन और कब होंगे पंचतत्व में विलीन से जुड़े सारे अपडेट्स...
-पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सम्मान में केंद्र सरकार ने 7 दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है, जिसके बाद आज राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के झंडे को झुका दिया गया है।
-माना जा रहा है कि प्रणब मुखर्जी का आज दिल्ली में दोपहर 2.30 बजे लोधी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

-सूत्रों की मानें तो सुबह 8 बजे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का पार्थिव शरीर अस्पताल से उनके सरकारी आवास राजाजी मार्ग पर लाया जाएगा। उसके बाद साढ़े नौ बजे उनके सरकारी आवास पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उनके पार्थिव शरीर के दर्शन करेंगे।

-करीब सुबह 10 बजे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री उनके अंतिम दर्शन करेंगे। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को विशिष्ट लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा।

-अंतिम संस्कार कब
दोपहर 2 से ढाई बजे के बीच  प्रणब मुखर्जी का अंतिम संस्कार लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पीएम समते तमाम हस्तियों ने जताया शोक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें ऐसा प्रबुद्धजन बताया जिसने पूरी निष्ठा से देश की उत्कृष्ट सेवा की है। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट किया, 'पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। उनका जाना एक युग का अंत है। सार्वजनिक जीवन में विराट कद हासिल करने वाले प्रणब दा ने भारत माता की सेवा एक संत की तरह की।'उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर यह कहते हुए शोक प्रकट किया कि देश ने एक राजनेता खो दिया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उन्हें सर्वोत्कृष्ट विद्वान और उच्च कोटि का राजनीतिज्ञ बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में पहले दिन से उन्हें उनका मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।पीएलसी।PLC.

 

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