कोरोना संक्रमण के आए दिन बढ़ते मामलों के चलते अमृतसर में जिला प्रशासन की तरफ से अगले 10 दिन के लिए फुल टाइम कर्फ्यू का ऐलान किया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन में घोषित अमृतसर के छह इलाकों ब्रह्म नगर, गोपाल नगर, जवाहर नगर, गली कक्कियां वाली, शमिला मार्केट और कटड़ा बघ्घियां में 10 दिन के लिए पूरी तरह से कर्फ्यू लगाया गया है। यहां सिर्फ जरूरी सेवाएं ही जारी रहेंगी। विवाह समारोह में सिर्फ 30 लोग, जबकि अंतिम संस्कार मौके सिर्फ 20 लोगों की इजाजत है।

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने जिलावासियों से स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों की सख्ती से पालना करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पहले हमारे जिले में रोज औसतन 50 मरीज ही आते थे, लेकिन अब औसत के हिसाब से 65 मरीज रोज पॉजिटिव पाए जाते हैं। 24 अगस्त को एक ही दिन 100 से अधिक कोरोना पॉजिटिव केस जिले में आए हैं, जो खतरे की घंटी है। इन बढ़ रहे मामलों को रोकने के लिए जरूरी है कि लोग सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई गई हिदायतों का पालन करें।

कोरोना के कारण पंजाब के अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली और पटियाला जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। पिछले दिनों कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ज्यादा सख्ती करने के संकेत दिए थे। इसी के मद्देनजर आज डॉ. हिमांशु ने बताया कि इस समय पर शहर में 6 इलाके माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किए जा चुके हैं, जहां लगातार 10 दिन तक कर्फ्यू रहेगा और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को छोड़कर किसी भी गतिविधि पर रोक रहेगी।

रोज शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा कर्फ्यू
उन्होंने बताया कि इस समय पर सरकार द्वारा शनिवार और रविवार को रोज शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक पूरी तरह से कर्फ्यू लगाया गया है। इसमें डॉक्टरी सहायता, यात्रियों और वस्तुओं की गतिविधियों की इजाजत है, लेकिन गैरजरूरी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसी तरह रोज 50 प्रतिशत दुकानें ही खोली जा रही हैं। चौपहिया वाहनों पर तीन सवारियों और बसें 50 प्रतिशत सीटों के साथ ही चल सकती हैं। इसी तरह सरकारी और निजी दफ्तर 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ चलाने के आदेश हैं।

विवाह में 30 और अंतिम संस्कार में 20 लोग हो सकेंगे शामिल
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खहरा की ओर से जिले में हर तरह के जलसे पर पूरी तरह रोक लगाई जा चुकी है। विवाह समारोह में सिर्फ 30 लोग, जबकि अंतिम संस्कार मौके सिर्फ 20 लोगों की इजाजत है। हिमांशु ने लोगों से अपील की कि वह जिले को कोरोना के प्रकोप से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन यकीनी बनाएं, इसी में उनकी और उनके परिवार की भलाई है। plc.

 

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