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रायपुर,
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर जगदलपुर में आयोजित समारोह में बस्तर जिले के 41 सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया। डॉ. सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा शिक्षकों को बच्चों की ओर से तथा समाज की ओर से मिलने वाला सम्मान मुख्यमंत्री अथवा शासन द्वारा दिए जाने वाले सम्मान से बढ़कर होता है। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी हमारे शिक्षकों पर है। मुख्यमंत्री ने आज शिक्षक दिवस और श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व एक साथ मनाए जाने को एक अच्छा संयोग बताते हुए कहा – हम लोग बचपन से यह पढ़ते आए हैं कि ’गुरू गोविन्द दोऊ खड़े काके लागू पांव’ । आज भगवान श्री कृष्ण का भी जन्म दिवस है और देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस मौके पर हम दोनों को नमन करते है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति सर्वश्री डॉ. राधाकृष्णन एवं डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को याद करते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने वास्तव में अपने व्यक्तित्व और विचारों से तथा अपनी कार्यशैली से शिक्षक के पद को गौरवान्वित किया है।  डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक (मिडिल) स्कूलों में  शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।  इसकी शुरूआत शुरूआत बस्तर जिले से होगी। अभियान के तहत विश्वविद्यालयों के कुलपति, कलेक्टर, वनमण्डलाधिकारी बड़े अधिकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएंगे और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए मार्गदर्शन भी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभवों का भी लाभ लेना चाहिए। शाला विकास समितियों में उनका मनोनयन किया जाना चाहिए। डॉ. रमन सिंह ने अपने स्कूली जीवन के पहले दिन को याद किया। उन्होंने कहा मेरे जीवन में जिस व्यक्ति की याद कभी ओझल नहीं होती वे है, मुझे प्राईमरी स्कूल तक ले जाने वाले व्यक्ति जो जन्म से दृष्टिबाधित थे, किन्तु उनका नाम गुडनाईट था। इसके बावजूद उन्हें भजन गाने और संगीत के क्षेत्र में महारत हासिल थी और वह विलक्षण प्रतिभा के धनी थे।
समारोह को स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग शिक्षा के एक बड़े केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है। इसके दूरगामी नतीजे मिलेंगे। यहां शिक्षा को लेकर जनता में एक नया नजरिया दिखता है। उन्होंने कहा ऐसे कार्यक्रमों में अतिथियों को अच्छी पुस्तकों से सम्मानित करने की परम्परा शुरू की गई है। इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। बस्तर के लोक सभा संासद श्री दिनेश कश्यप ने और जिला कलेक्टर श्री अमित कटारिया ने भी समारोह को सम्बोधित किया। इस अवसर पर वन एवं विधि और विधायी कार्य मंत्री श्री महेश गागड़ा, जगदलपुर विधायक श्री संतोष बाफना, जिला पंचायत अध्यक्ष जबीता मण्डावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

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