Monday, October 14th, 2019
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पीड़ित महिला हिन्दू अदालत में हाजिर हो : स्वामी ओम जी

आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन की अध्यक्षता में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रंजन गोगोई पर यौन शौषण का आरोप लगाने वाली महिला को बिना पक्षपात के सच्चा न्याय दिलाने का फैसला लिया गया।

बैठक में हिन्दू नेता और नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से हिन्दू महासभा के प्रत्याशी स्वामी ओम जी ने यौन शौषण से पीड़ित महिला के मामले की सुनवायी शनिवार को छुट्टी के दिन बन्द अदालत में किये जाने को गलत और संविधान के अनुच्छेद 145.4 का उल्लंघन बताया । जिसके अनुसार हर सुनवायी खुली अदालत में ही किया जाना जरूरी है। स्वामी ओम जी ने चिन्ता जाहिर की कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, सैकरेटरी जनरल सहित महान्यायाविद् श्री तुषार मेहता और बार कांेसिल के अध्यक्ष श्री मनन कुमार मिश्रा ने बिना जांच पड़ताल किये और पीड़ित महिला का पक्ष सुने बिना ही जिस प्रकार से श्री रंजन गोगोई का समर्थन किया वह न्याय के हित में नहीं है उससे सर्वोच्च न्यायालय की साख को बट्टा लग रहा है। स्वामी ओम जी ने कहा कि पूर्व में भी सर्वोच्च न्यायालय के यौन शौषण के आरोपी न्यायाधीश स्वतन्त्र कुमार, न्यायाधीश गांगुली और अल्तमस कबीर को सर्वोच्च न्यायालय के जजों और वकीलों ने तथ्यों की छानबीन किये बिना ही बचाया उसी के फलस्वरूप सर्वोच्च न्यायालय के जजों की यौन शौषण करने की प्रवृति और हिम्मत बढ़ी है। स्वामी ओम जी ने महान्यायाविद् श्री तुषार मेहता द्वारा इस मामले में मीडिया रिर्पोटिंग को दबाने की अदालत से गुहार लगाने को सच्चाई से देश की जनता को गुमराह करने की कौशिश बताया। बैठक में फैसला लिया गया कि पीड़ित हिन्दू महिला का पक्ष हिन्दू महासभा भवन में खुली अदालत लगाकर पांच हिन्दू नेताओं द्वारा सुना जायेगा। जिसके मुख्य न्यायाधीश स्वामी ओम जी होंगे। इस मामले में पीड़ित हिन्दू महिला को हिन्दू महासभा भवन में तलब किया जा रहा है। उसका पक्ष सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश श्री रंजन गोगोई को भी हिन्दू अदालत में तलब करके बिना पक्षपात के सच्चा न्याय दिया जायेगा।



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