Saturday, October 19th, 2019
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पीएम मोदी के साथ अक्षय कुमार की बातचीत

नई दिल्लीः अभिनेता अक्षय कुमार ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बुधवार को ‘‘निष्पक्ष और पूरी तरह से गैर राजनीतिक’’ बातचीत की. प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बातचीत में अक्षय कुमार ने पीएम मोदी की जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की. पीएम मोदी ने इस बातचीत में अपने परिवार, खान-पान और हंसी-मजाक जुड़े किस्से भी साझा किए.
अक्षयः इंटरव्यू की शुरुआत में अक्षय ने अपने ड्राइवर की बेटी का सवाल पीएम मोदी से पूछा कि क्या आप आम खाते हैं?

पीएमः पीएम मोदी ने कहा कि मैं आम खाता हूं, जब छोटा था तब मैं खेत में जाकर आम खाने चला जाता था. आम के पेड़ पर पके हुए आम खाना ज्यादा पसंद था. जैसे जैसे समय आगे बढ़ा आम रस खाने की आदत लगी. लेकिन अभी कंट्रोल करना पड़ता है.

अक्षयः कभी आपने सोचा था कि आप प्रधानमंत्री बनेंगे?

पीएमः कभी ऐसा विचार नहीं आया कि मैं कभी पीएम बनूंगा. अगर मेरी कहीं नौकरी लग जाती तो मेरी मां पूरे गांव में गुड़ बांट देती.

अक्षयः क्या आप सन्यासी बनना चाहते थे, आप सेना में भर्ती होना चाहते थे?

पीएमः 1962 की लड़ाई के दौरान मेहसाणा स्टेशन पर जब जवान जाते थे तो मैं भी चला जाता था. मन को खुशी होती थी. गुजरात में सैनिक स्कूल के बारे में जाना और मैं भी उसमें भर्ती होना चाहता था. हमारे मोहल्ले में एक प्रिंसिपल रहते थे. मैं उनके पास चला गया. मैं कभी भी बड़े आदमी से मिलने से पहरेज नहीं करता था. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं पीएम बनूंगा.

अक्षयःआपको कभी गुस्सा आता है, किस पर और कैसे निकालते हो?

पीएमः कभी कोई कहेगा कि मुझे गुस्सा नहीं आता है तो बहुत लोगों को हैरानी होगी. आप अच्छी चीजों पर जोर दें ताकि नकारात्मक चीजें अपने आप रुक जाएंगी. चपरासी से लेकर प्रिंसिपल सेक्रेट्री तक पर मुझे गुस्सा व्यक्त करने का अवसर नहीं आया. मैं किसी को नीचा दिखाकर काम नहीं करता हूं. मैं हैल्पिंग हैंड की तरह काम करता हूं. मेरे अंदर गुस्सा होता होगा लेकिन मैं उसे व्यक्त करने से रोक लेता हूं.

अक्षयः आपका मन करता है कि आप अपनी मां, परिवार के साथ रहें?

पीएमः मैंने बहुत छोटी आयु में घर छोड़ दिया था. कोई मोह माया नहीं रही, अब मेरी जिंदगी वो बन गई है. मेरी मां मुझसे कहती है कि तुम मेरे पीछे क्यों समय खराब करते हो. मैं भी अपनी मां को समय नहीं दे पाता हूं. यहां मां रहीं थीं लेकिन मैं फील्ड में ही लगा रहता था. मैं रात को 12 बजे आता था तो मां को दुख होता था. यहां मां का मन नहीं लगता, वो गांव के लोगों के साथ रहती है तो अच्छा लगाता है.

अक्षयः आपकी छवि बहुत कठोर प्रशासक की है?

पीएमः ये छवि सही नहीं है. काम का अनुशासन मैं अपने जीवन में खुद लेकर आया. मैं सख्त हूं, अनुशासित हूं लेकिन कभी किसी को नीचा दिखाने का काम नहीं करता. अक्सर कोशिश करता हूं कि किसी काम को कहा तो उसमें खुद इन्वॉल्व हो जाऊं. सीखता हूं और सिखाता भी हूं और टीम बनाता चला जाता हूं.

अक्षयः विपक्षी पार्टियों में आपके दोस्त हैं?

पीएमः गुलामनबी आजाद मेरे अच्छे दोस्त हैं. जब भी मिलते हैं बहुत अच्छे से मिलते हैं. ममता बनर्जी मेरे लिए खुद कुर्ते भेजतीं है. शेख हसीना मेरे लिए बंगाली मिठाई भेजती हैं.

बता दें कि एक दिन पहले अक्षय (51) ने ट्वीट कर बताया था कि वह कुछ ‘‘अनोखा करने जा रहे हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया.’’ अभिनेता ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत चुनाव के समय में ‘‘सुकून भरा माहौल’’ देगी. कुमार ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर लिखा, ‘‘देश में जहां हर ओर चुनाव और राजनीति की बात हो रही है, यहां आप चैन की सांस ले सकेंगे. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निष्पक्ष और पूरी तरह गैर राजनीतिक बातचीत करने का अवसर पाकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं.’’PLC




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