Tuesday, March 31st, 2020

पिछले साल से 18 प्रतिशत ज्यादा किसानों ने बेचा धान

आई एन वी सी न्यूज़  
दंतेवाड़ा ,


राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के तहत इस वर्ष जिले में एक लाख 4 हजार 185 क्विंटल धान की खरीदी की गई है।जो गत वर्ष के 78 हजार 882 क्विंटल से 25 हजार क्विंटल अधिक है। बीते साल जहां 2 हजार 445 किसानों ने धान बेचा था, वहीं इस साल जिले में 3 हजार 218 किसानों ने धान का विक्रय किया है। इस तरह इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 773 ज्यादा किसानों ने राज्य सरकार की धान खरीदी का लाभ उठाया है।

जिले में सहकारी केंद्रीय बैंक  के अंतर्गत 11आदिम जाति सहकारी समितियों के 11 धान खरीदी केन्द्रों के जरिये इस वर्ष धान की खरीदी की गई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 1 दिसम्बर 2019 से धान खरीदी की शुरुआत हुई जो 20 फरवरी 2020 तक चली। पूर्व में 15 फरवरी 2020 तक धान खरीदी के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन बेमौसम बारिश की वजह से आयी दिक्कतों के मद्देनजर इसे 5 दिन और वृद्धि कर 20 फरवरी की गई।
 
 राज्य सरकार की धान खरीदी योजना का लाभ वास्तविक किसानों को मिले, इसे ध्यान रखकर जिला प्रशासन द्वारा पूरी चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। जिले में मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन श्री आरपी मण्डल सहित कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा और अन्य उच्चाधिकारियों ने कई बार धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिया। इस दौरान धान के अवैध कारोबार में सलंग्न बिचौलियों तथा व्यवसायियों पर भी कार्यवाही की गई और अवैध धान को जप्त किया गया। जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन 2019-20 के तहत धान खरीदी केंद्र गीदम में 17064.60 क्विंटल, छिंदनार में 3331.20 क्विंटल, नकुलनार में 19090.60 क्विंटल,फरसपाल में 4127.80 क्विंटल,पालनार में 6738.20 क्विंटल, बड़ेतुमनार में 7667.60 क्विंटल, बारसूर में 3354.40 क्विंटल, भांसी में 5774.80 क्विंटल और मोखपाल में 8058.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई। जिले में सर्वाधिक 23015 क्विंटल धान की खरीदी दन्तेवाड़ा धान खरीदी केंद्र में की गई, वहीं सबसे कम 2962 क्विंटल धान की खरीदी दूरस्थ धान खरीदी केन्द्र कटेकल्याण में हुई है।इस वर्ष 2019-20 में कुल पंजीकृत 7266 किसानों में से 3218 किसानों अर्थात 44 प्रतिशत किसानों ने धान का विक्रय किया है। जबकि गत वर्ष 2018-19 में कुल पंजीकृत 9196 किसानों में से 2445 किसानों अर्थात केवल 26 प्रतिशत किसानों ने ही धान का विक्रय किया था। इस तरह गत वर्ष की अपेक्षा इस साल 18 प्रतिशत ज्यादा किसानों ने अपने धान का विक्रय किया है।

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