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Thursday, October 29th, 2020

पारम्परिक शिक्षा एवं दूरस्थ शिक्षा एक दूसरे के सम्पूरक

drmanormasingh,ignou-luckno,Vice Chancellor of University of Lucknow Prof. S. B. Nimseआई एन वी सी न्यूज़ लखनऊ , इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय केन्द्र लखनऊ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में स्थापित इग्नू के नवीन अध्ययन केन्द्र - 27220 का उद्घाटन समारोह लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आज दिनांक 06 अक्टूबर 2016 को आयोजित किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 एस0 बी0 निमसे जी थे। कार्यक्रम का आरम्भ दीपप्रज्जवलन एवं माँ सरस्वती के माल्यार्पण से हुआ। इग्नू अध्ययन केन्द्र के समन्वयक प्रो0 नवीन कुमार खरे ने माननीय कुलपति महोदय एवं इग्नू की क्षेत्रीय निदेशक डाॅ0 मनोरमा सिंह का इस उद्घाटन समारोह में स्वागत करते हुए सभागार में उपस्थित समस्त जनों को इस अध्ययन केन्द्र के विषय में सूचित किया। डाॅ0 मनोरमा सिंह, क्षेत्रीय निदेशक ने सभी नवप्रवेशित छात्रों को इस जन-जन के वि”वविद्यालय इग्नू से जुड़ने पर बधाई देते हुए उनका अभिवादन किया और कहा कि इस कार्यक्रम में छात्रों को ष्दीक्षारम्भ से दीक्षान्तष् तक समस्त जानकारियां प्रदान की जायेगी जिससे छात्रों को इस नई भिन्न “ौक्षणिक पद्धति से अध्ययन करने में कठिनाईयां न हो सके। परिचय सत्र के महत्व को बताते हुए समन्वयक ने इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र की इस पहल की सराहना की क्योंकि इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को अपने क्षेत्रीय केन्द्र के अधिकारियों से संवाद करने का भी अवसर प्राप्त हो सकेगा एवं छात्र अपनी जिज्ञासाओं का भी उत्तर प्राप्त कर सकेंगे। माननीय कुलपति महोदय में अपने सम्भाषण में इस अध्ययन केन्द्र का उद्घाटन करते हुए सभी को बताया कि इग्नू ही एक मात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जिसनें समस्त उच्च शिक्षा से वंचित विद्यार्थियों को शिक्षा के नये आयाम से जोड़ते हुए राष्ट्र के सकल पंजीकरण अनुपात (जी.ई.आर.) को बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होने दूरस्थ शिक्षा के समस्त विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में उन्हें उनकी शिक्षा को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने की सभी सुविधायें सुलभ करायी जायेंगी। प्रो0 निमसे ने अपने भाषण यह भी कहा कि पारम्परिक शिक्षा एवं दूरस्थ शिक्षा एक दूसरे के सम्पूरक हैं एवं दोनों शिक्षा प्रणालियों को आपस में एक-दूसरे को साथ लेते हुए ही वर्तमान समय में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। तकनीकि सुलभ शिक्षा का सर्वाधिक उपयोग दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से ही किया जा सकता है। इग्नू के उप-निदेशक डाॅ0 अश्विनी कुमार ने इग्नू के नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं इग्नू के परिचय सत्र में स्वागत करते हुए उन्हें इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र एवं अध्ययन केन्द्र पर प्रदत्त विद्यार्थी सहायता सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। स्वाध्याय के तकनीकों तथा पाठ्य सामग्री अध्ययन, सत्रीय कार्य एवं परियोजना से जुड़े अनेक पहलुओं पर चर्चा करते हुए डाॅ0 कुमार ने कहा कि इग्नू द्वारा प्रदत्त पाठ्य सामग्री छात्रों के लिए प्रथम गुरू हैं अतः हर छात्र से यह अपेक्षा की जाती है कि वे इनका गहनतापूर्वक अध्ययन करें। दूरस्थ ”िाक्षा पद्धति में परामर्”ा सत्रों के महत्व की जानकारी देते हुए डाॅ0 कुमार ने छात्रों को यह भी बताया कि उन्हें अपने सत्रीय कार्य एवं सत्रांत परीक्षाओं को किस प्रकार सफलतापूवर्क करना है। सहायक क्षेत्रीय निदेशक डाॅ0 अमित कुमार श्रीवास्तव ने सभी शिक्षार्थियों को इग्नू की वेबसाईट संचालन के विषय में अवगत कराते हुए उन्हें किस प्रकार आॅन लाईन अपना पुनः पंजीकरण, परीक्षा परिणाम, ग्रेड कार्ड एवं परीक्षा फार्म को डाऊनलोड करने के विषय में बताया।  परिचय सत्र का संचालन सहायक क्षेत्रीय निदेशक डाॅ0 अनामिका सिन्हा ने किया।

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