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Tuesday, April 20th, 2021

पाकिस्‍तान की राजधानी युद्ध के मैदान  तबदील 

पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद युद्ध के मैदान में बदल गई। वेतन बढ़ोत्‍तरी की मांग कर रहे कर्मचारियों को पुलिस ने बेरहमी से पीटा। हालत यह हो गई कि पूरा इलाका आंसू गैस के गोले से निकले धुएं से भर गया। ये प्रदर्शनकारी इस्‍लामाबाद के प्रतिब‍ंधित रेड जोन इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे थे।तभी पुलिस ने शहर में घुसने के लिए जरूरी श्रीनगर हाइवे को बंद कर दिया, ताकि प्रदर्शनकारी देश में घुस न सकें। वहीं, पुलिस की नासमझी की वजह से हाइवे पर जाम लगाने से काम से घर लौट रहे लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ा।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस्‍लामाबाद के इतिहास में पहली बार इतना हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ।सूत्रों के हवाले से कहा कि इमरान सरकार ने सैलरी को लेकर लापरवाही बरती और इसका नतीजा हुआ कि कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट गया।
इससे पहले एक विशेष कमिटी बनी जिसमें इमरान सरकार के शीर्ष मंत्री शामिल थे। कमिटी ने प्रधानमंत्री इमरान को चेतावनी दी थी कि जल्‍द से जल्‍द सरकारी कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे सुलझाए नहीं,तब गंभीर समस्‍या पैदा हो सकती है। इमरान ने लापरवाही बरती और वहीं हुआ जिसका डर था। इसके बाद लाठी और बंदूकों के दम पर लोगों को दबाकर रखने वाली इमरान सरकार के इशारे पर पुलिस ने इन निहत्थे कर्मचारियों के ऊपर न केवल आंसू गैस के गोले दागे, बल्कि लाठीचार्ज कर खदेड़ने की कोशिश की। बुधवार को पाकिस्तानी सचिवालय के पास इकट्ठा हुए कई कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब के बाहर भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसमें बलूचिस्तान और पंजाब में तैनात कर्मचारी भी शामिल थे। बाद में प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च शुरू किया। जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागते हुए लाठियां भांजी। कर्मचारियों के इस्लामाबाद की सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को इमरान सरकार ने देश की सुरक्षा से जोड़ दिया है। सूचना मंत्री शिबली फराज ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान रेड जोन की सुरक्षा और कर्मचारियों के आंदोलन पर बहुत चिंतित हैं। उन्होंने दावा किया कि इमरान खान ने संबंधित मंत्रालयों को कर्मचारियों के मुद्दों को तुरंत हल करने का निर्देश दिया है। PLC.

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