Tuesday, February 25th, 2020

परीक्षाओं के खराब परिणामों पर जिला शिक्षा अधिकारियों कि जवाबदेही होंगे : गीता भुक्कल

geeta bhukkal education ministerआई एन वी सी,
हरयाणा,
हरियाणा की शिक्षा मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे जिला स्तर पर विद्यालयों की नियमित मोनीटरिंग सुनिश्चित करें ताकि सरकारी स्कूलों के कार्य प्रदर्शन में और अधिक सुधार लाया जा सके।  श्रीमती भुक्कल आज यहां निकट पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में बुलाई गई जिला शिक्षा अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। सरकारी स्कूलों के खराब परिणामों पर चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसका एक मुख्य कारण जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा सही मोनीटरिंग का नहीं होना भी है। उन्होंने कहा कि आपकी जिम्मेवारी है कि इसमें सुधार लाया जाए ताकि स्कूलों में बेहतर नतीजे सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि बाल केन्द्रित विभाग होने के कारण यह हमारा कर्तव्य है कि बेहतर से बेहतर परिणाम दें। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के खराब परिणामों पर जिला शिक्षा अधिकारियों कि जवाबदेही होंगे और यदि वे अपने कार्य प्रदर्शन में सुधार नहीं करेंगे तो उनके विरूद्घ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पूर्ण निष्ठा भाव से डयूटी करनी चाहिए न कि अपनी जवाबदेही से पीछे हटना चाहिए। बैठक में शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिये कि खण्ड शिक्षा अधिकारी की भी जवाबदेही तय की जाए।  और परिणामों में सुधार के लिए मिलकर कार्य करे। उन्होंने कहा कि नियमित अन्तराल पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा स्कूलों का निरीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी जिन-जिन स्कूलों में अध्यापकों की कमी है वहां पर आवश्यकतानुसार अध्यापकों की अस्थायी प्रतिनियुक्ति के लिए अधिकृत हैं। ऐसी प्रतिनियुक्तिओं की जानकारी विभाग की वेबसाईट पर भी डाली जानी चाहिए। सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा का अधिकारी अधिनियम लागू होने से शिक्षा की पहुंच हर बच्चे का अधिकार हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्कूलों में ड्राप आऊट के मामलों की भी मोनीटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा बीच में ही स्कूल छोड़ जाता है तो कारणों का पता लगाने के लिए स्कूल मुखिया की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे का स्कूल में दाखिला नहीं होता है तो सम्बंधित अधिकारी बच्चे का दाखिला भी सुनिश्चित करवाएं।  शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों में पाठय पुस्तकें भेजी जा रही हैं तथा ये जुलाई के अन्त तक पहुंच जाएंगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मियों को दिशानिर्देश दें कि सभी किताबें पहुंचने तक उपलब्ध पुस्तकों के साथ अध्यापन कार्य जारी रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि हर स्कूल में पाठय पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होेंने कहा कि डयूल डेस्क भी भेजे जा रहे हैं। उन्होंने मिड डे मिल की भी समीक्षा की। बच्चों में गिरते नैतिक मूल्यों पर चिंता व्यक्त करते हुए श्रीमती भुक्कल ने कहा कि यह हम सभी के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि स्कूलों में छात्राओं के साथ किसी प्रकार की छेड़खानी या छींटाकशी की जानकारी मिलती है तो मुख्यालय को उसके बारे में तुरन्त सूचित किया जाए। ऐसे मामलों में जिला शिक्षा अधिकारी अपने स्तर पर भी कार्यवाही कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में नैतिक मूल्यों का समावेश करें।  श्रीमती भुक्कल ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभाग की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारियों के साथ तालमेल कर प्रैस विज्ञप्तियां जारी करनी चाहिए। बैठक में इस बात की भी जानकारी दी गई कि राज्य के स्कूलों में आरम्भ किये गए कक्षा तत्परता कार्यक्रम काफी सफल रहा और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी सराहना की गई है। इस कार्यक्रम में पंचकूला, कैथल, कुरूक्षेत्र, रेवाड़ी और फतेहाबाद जिलों का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है।  बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती सुरीना राजन, महानिदेशक श्री अशोक यादव, प्राथमिक शिक्षा के महानिदेशक डी. सुरेश, सर्वशिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक श्री टी.एल.सत्याप्रकाश, अतिरिक्त निदेशक श्रीमती रितु और सभी जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

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