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Monday, November 30th, 2020

परिवहन निगम की बसों में तेल का खेल जारी - क़ायदा - क़ानून ताक़ पर

- कमीशन के लालच में लांग रूट से लिया जा रहा तेल -शार्ट रूट से बसों में तेल लेने का है नियम
corruption3 प्रवीण राय,
आई एन वी  सी ,
इलाहाबाद,2 दिसंबर। परिवहन निगम की बसों में  तेल का खेल महीनों से जारी हैं। बीच-बीच में परिवहन निगम के आलाधिकारी यहां मुआयना करने आते हैं लेकिन यह सच उन्हें दिखाई नहीं देता। तेल कंपनियों द्वारा दिये गये थोड़े से कमीशन के चक्कर में आरएम व एआरएम की सहमति पर ड्राइवर व कंडेक्टर शार्ट रूट की जगह लांग रूट से तेल ले रहे हैं।
परिवहन निगम में कई महीनों से चलने वाला यह खेल अत्यंत रोचक है। तेल कंपनियों द्वारा अपने यहां तेल भराने पर अलग-अलग तरीके से कमीशन व प्रलोभन दिये जाने के कारण परिवहन निगम के अधिकारी मनमाने तरीके से बसों में  तेल दूर के पेट्रोल पंपों पर भरा रहे हैैं। तेल कंपनियां अपनी -अपनी शर्तों पर प्रति लीटर 10, 20 व 30 पैसे तक कमीशन देती हैं। विभाग में तेल भराने के बाद आधे कमीशन की जानकारी दी जाती है और पैसा बंदर-बांट कर लिया जाता है। बादशाहपुर की बसों में फूलपुर, सिविल लाइंस की बसों में फाफामऊ व लीडर रोड की बसों मे बमरौली से तेल लिया जा रहा है। यह दूरी तय करने में परिवहन निगम की बसों को आने-जाने में औसतन 20 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। इस अतिरिक्त दूरी को तय करने में परिवहन निगम की बसों से रोज हजारो लीटर उड़ाया जाता है जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है। परिवहन निगम में तेल का यह खेल निरंतर चल रहा है और परिवहन निगम के लाखो रूपये की बर्बादी हर महीने की जार रही है। बस को 20 किमी जाने व आने में लगे समय के लिए बस के ड्राइवर व कंडेक्टर को कुछ नहंी दिया जाता व उनकी ड्यूटी बताकर यह अनावश्यक कार्य करवा लिया जाता है और यदि गाड़ी में कोई समस्या आती है तो उसका भुगतान फोरमैन ड्राइवर व कंडेक्टर की तनख्वाह से कटौती कर रहे हैं। परिवहन निगम के अधिकारियों की इस मनमानी से कर्मचारियों में रोष है लेकिन एआरएम व आरएम की मीलीभगत के आगे उनकी एक नहीं चल रही है। अभी कुछ दिनों पहले परिवहन निगम के एमडी ने शहर का दौरा किया और परिवहन निगम के अधिकारियों से हाल जाना। बड़े      अधिकारियों की मिलीभगत होने के कारण इस मुद्दे पर कोई बोल नहीं सका और बसों में दूर से तेल भराये जाने का खेल बदस्तूर जारी है।

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