Monday, July 13th, 2020

पत्रकारिता को मिशन बनाए कारोबार नहीं : संजय राय

जयश्री राठौर ,, आई,एन,वी,सी, हरियाणा , हरियाणा यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (एचयूजे) की पंचकूला इकाई की बैठक सेक्टर-6 के जिमखाना क्लब में हुई। इसमें मीडिया से जु़ड़े कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में दो दर्जन से ज्यादा पत्रकारों ने हिस्सा लिया। बैठक में एचयूजे के प्रदेशाध्यक्ष और नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय सचिव संजय राठी को भी आना था लेकिन अपरिहार्य कारण से वे पहुंच नहीं सके। उनके बताए कुछ मुद्दों पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई और मौजूद पत्रकारों से सुझाव मांगे गए। इस दौरान जिला इकाई के सदस्यों को पहचान पत्र वितरित किए गए। बैठक की अध्यक्षता समन्वय समिति के प्रदेशाध्यक्ष संजय राय ने की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोकतंत्र के इस चौथे स्तंभ को कड़ी चुनौती मिल रही है। यह चुनौती बाहर और अंदर दोनों से है। दरअसल पत्रकारिता ही कसौटी पर है और इसमें खरा उतरना कोई आसान काम नहीं लेकिन असंभव भी तो नहीं है। उन्होंने पत्रकारों का आह्वान किया कि वे पत्रकारिता के धर्म से डिगे नहीं वरना यह मिशन भी कारोबार में बदल जाएगा। ऐसे में मीडियाकर्मियों का दायित्व है कि वे सच को सच कहने की हिम्मत जुटाए। एचयूजे की जिला इकाई के संरक्षक सत्यनारायण गुप्ता ने कहा कि आज पत्रकारिता की सबसे बड़ी चुनौती इसकी साख को बचाना है। आज के दौर में मीडिया की साख दाव पर है। बिना साख बचाए मीडिया का क्या मतलब रह जाएगा। जिला इकाई के अध्यक्ष सुखजीवन शर्मा ने कहा कि हर महीने जिला इकाई की बैठक होगी जिसमें पत्रकारों को दरपेश आ रही मुश्किलों पर चर्चा की जाएगी। एचयूजे प्रदेश का बड़ा संगठन है, उन्हें बड़ी जिम्मेवारी मिली है जिसके निर्वहन के लिए उन्हें सभी का सहयोग दरकार है। बैठक में कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में एचयूजे और एनयूजे के राज्य और राष्ट्रीय स्तरीय सम्मेलनों की रणनीति पर विचार कर सुझाव मांगे गए। बताया गया कि दोनों सम्मेलनों की तारीखों की घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी। बैठक में हरियाणा में पत्रकारों पर हुए हमलों और उत्पीड़न की घटनाओं की निंदा की गई। आसाराम बापू के मीडिया पर दिए ओछे बयान की भर्त्सना करते हुए कहा गया कि अपने आश्रम के कच्चे चिट्ठे खोलने से चिढ़े हुए हैं। बात मीडिया का नहीं उन्होंने दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म पर नारी अस्मिता को कम कर उसे अबला बनाने की जो बात कही उससे उनकी मानसिकता का भी पता चलता है। जिस लड़की की बहादुरी को देश सेल्यूट कर रहा है आसाराम उसे इज्जत बचाने के लिए आरोपियों को भाई बनाने की बात कह रहे हैं। बैठक में अजय गुप्ता, विनोद शर्मा, इंदिरा राय, गुरबख्श सैनी, जगदीप शर्मा, अतुल सूद, विजय श्योराण, उमंग श्योराण, कमल कलसी, राजीव, विपिन लूथरा, भरत भंडारी, प्रदीप शुक्ला और एमएस राठौड़ आदि मौजूद

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rajkumar, says on January 12, 2013, 9:53 PM

sach ke resate per chalne ki baat kahna galat to nahi.agar koi na chalna chahe to kya kiya ja sakta hai.

Vinod Kumar Singh, says on January 12, 2013, 6:04 PM

पत्रकारिता मिशन? कारोबार नहीं ? ये क्या कह रहे हो ? कौशिश कर के देख लो आखिर में कारोबार ही बन जाएगा !

Rashid khan, says on January 12, 2013, 5:58 PM

journalist agar apna kam thik se kre to sara samaj sudhar jay , good luck mr.rai

Rarnjeet Singh, says on January 12, 2013, 5:56 PM

its only eye wash ?

suman pangay, says on January 12, 2013, 5:54 PM

जर्नालिस्म आज कल चोरो का अड्डा बन गया है , अगर कोई एसा सोच रहा है तो अजीब सा लग रहा है ?

muhmmad Iqubal, says on January 12, 2013, 5:52 PM

पत्रकार एसा कब से सोचने लगे ? अगर एसा है तो फिर समाज के लियें अच्छा है !

Ajay gupta, says on January 12, 2013, 5:49 PM

congrats,its good that journalist thinking like this