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Wednesday, December 2nd, 2020

पंजाब में डेयरी विकास के लिए अहम प्रयत्न किये जाएगें : गुलजार सिंह रणीके

gulzar singh ranikeआई एन वी सी, पंजाब, पंजाब सरकार द्वारा ऋण अधीन दबे किसान और बेरोजगार नवयुवकों को कृषि से संबधित सहायक धंधों के प्रति जागरूकता करने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा नई रणनीति बनाई गई है जिसके तहत बकरी पालन,सुअर पालन,अन्य सहायक धंधों को राज्य के समूचे जिलों तक ले जाया जाएगा। इस के साथ राज्य के किसानों की आमदन को बढाने के उदेश्य दूध का उत्पादन बढाने की नई तकनीक की जानकारी के लिए उच्च स्तर पर दूध उत्पादक जागरूकता कैंप लगाने की योजना तैयार कर ली गई है। यह जानकारी आज यहां राज्य के पशुपालन , मछली पालन और डेयरी विकास मंत्री स. गुलजार सिंह रणीके ने दी। उन्होने बताया कि दूध उत्पादकों को डेयरी फार्मिंग के व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए विभाग के सभी प्रशिक्षण केन्द्रों पर 45 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें डेयरी फार्मिंग के प्रंबध की विभिंन तकनीकों का ज्ञान देने के अतिरिक्त दूध से विभिंन दूध पदार्थो पशुओं के कृत्रिम गर्भदान और गभण चैक के अतिरिक्त विभिंन दूध पदार्थो की बनावट संबधी प्रशिक्षण दिया जाएगा उन्होने बताया कि पिछले वर्ष 21812 किसानों को ब्लाक स्तरीय एक दिवसीय , 5745 पढे लिखे बेरोजगारों को 15 दिनों और 1208 डेयरी फार्मरों को 45 दिवसीय डेयरी उद्यम प्रशिक्षण दिया जा चुका है पंजाब में श्वेत क्रांति लाने के लिए अपनी वचनबद्धता दोहराते हुये उन्होने कहा कि पशुपालन के धंधे में छोटे किसानों को जोडे रखने के उदेश्य के लिए एक जनरल वर्ग के लिए 25 प्रतिशत और अनुसूचित जातियों के लिए 33 प्रतिशत सबसिडी दुधारू पशुओं की खरीद , कटियों -बछियों के पालन और दूध व दूध पदार्थ बनाने के यूनिट लगाने के लिए दी जाएगी। उन्होने बताया कि पिछले वर्ष इस योजना अधीन 9 करोड रूपये की राशि उपलब्ध करवाई गई थी जबकि वर्तमान वर्ष दौरान यह लक्ष्य 20 करोड रूपये (दुगने से अधिक)रखा गया है। मंत्री ने बताया कि पंजाब उन 14 राज्यों में शामिल है जिनमें भारत सरकार के दूध की उपज दुगनी करने के लिए नेशनल डेयरी प्लान कार्यक्रम चालू किया हेै। इस योजना तहत 6.37 करोड रूपये की राशि जारी की जा चुकी है जिसके तहत सीमन बैंक नाभा का नवीनीकरण किया जाना है। श्री रणीके ने बताया कि विभाग द्वारा इस समय 85 प्रतिशत गाय और 45 प्रतिशत भैंसे कृत्रिम गर्भदान के लिए सेवाए पशुपालकों को प्रदान की जा रही है। जोकि आगामी वर्षो में बढा कर 95 प्रतिशत गाय और 60 प्रतिशत भैंसे करने का लक्ष्य है उन्होने बतायाकि इस कार्यक््रम अधीन पंजाब में वर्तमान वर्ष दौरान पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए राशन संतुलन और दूध की प्रोसैसिंग समर्था बढाने के लिए कार्य शुरू किये जाएगें। स. रणीके ने बताया कि पंजाब देश की कुल दूध पैदावार में 9 प्रतिशत से अधिक हिस्सा डालता है और यहां प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 961 ग्राम है जो पूरे भारत में सबसे अधिक हेै। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 256 ग्राम है। उन्होने बताया कि कृषि के सहायक धंधे पशुपालन और डेयरी क्षेत्र,ग्रामीण आर्थिकता का प्रारूप बदलने के पूरी तरह समर्थ है। क्योकि यह देश के कुल घरेलू उत्पादन में 5.9 प्रतिशत हिस्सा डाल रहे है।

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