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Wednesday, December 2nd, 2020

‘पंजाब ने एन सी टी सी के बिना ही दशक लंबे आंतकवाद का सामना किया है : स. सुखबीर सिंह बादल

sukhbir singh badalआई एन वी सी, दिल्ली, पंजाब के उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय आंतकवाद विरोधी केंद्र (एन सी टी सी) की स्थापना का तीखा विरोध करते हुए इसको देश के संघीय ढांचे से सीधी छेड़छाड़ करार देकर केंद्र द्वारा राज्यों के आंतरिक मामलों में हस्ताक्षेप करने वाली कार्रवाई बताया है। आज यहां प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिह की अध्यक्षता में आंतरिक सुरक्षा संबंधी मुख्यमंत्रीयों की हुई कान्फ्रैंस में बोलते हुए स. बादल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस वार्षिक बैठक को केवल एक दिखावा बना दिया गया है क्योंकि गत् 4 वर्षो के दौरान किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा दिए गये सुझावों पर अमल तक नही किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘पंजाब ने एन सी टी सी के बिना ही दशक लंबे आंतकवाद का सामना किया है। एवं हमें यह समझ नही आ रही कि अब एन सी टी सी की क्या जरूरत है?’ उन्होंने कहा कि यदि एन सी टी सी तहत केंद्रीय बलों को राज्यों में किसी मसले की गंभीरता समझे बिना ही कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया तो केंद्रीय बल तो एक तरफ की कार्रवाई करके चले जांएगे जबकि उस कार्रवाई के परिणाम राज्य सरकार भोगेगी। उन्होंने कहा कि केद्रीय बलों द्वारा स्थानीय स्थितियों, भावनाओं को नज़रअंदाज करके कार्रवाईयां करने के परिणामों संबंधी अनुमान पंजाब में ब्लू स्टार ऑपरेशन के बाद की स्थिति से लगाये जा सक ते हैं, जहां कि कार्रवाई करने के लिए गुरू अर्जन देव जी के शहीदी पर्व वाले दिन को चुना गया। उन्होंने कहा कि वह दिन चुनने से बहुत बड़े स्तर पर जानी नुकसान हुआ क्योंकि बड़ी संख्या में संगत शहीदी पर्व के अवसर पर श्री दरबार साहिब में पहुंची हुई थी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार केद्रीय बलों की सीधी दखलअंदाजी किसी भी राज्य में स्थिति को सुधारने की जगह और बिगाड़ देगी। स. बादल ने कहा कि एन सी टी सी की जगह केंद्रीय गृह मंत्रालय से खुफिया जानकारी सांझी करने की व्यवस्था बहुत बढिय़ा कर रही है एवं केंद्र सरकार को राज्यों के सुरक्षा दस्तों के आधुनिकीकरण के लिए सहायता करनी चाहिए। आंतरिक सुरक्षा संबंधी होती वार्षिक बैठक के आरंभिक उद्धेश्य पर सवाल उठाते हुए स. बादल ने कहा कि इस बैठक से अभी तक इच्छित परिणाम प्राप्त नही हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक की जगह केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रत्येक राज्य से अलग बैठक करके वहां के स्थानीय स्थितियों से भूमि हकीकतों के मद्देनज़र तथा उसकी जरूरतों अनुसार बातचीत करके समस्या के हल के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘यह बैठक केवल एवं केवल एक दिखावा बनकर रह गई है, जहां मुख्यमंत्री 5 मिनट भाषण देते हैं एवं केंद्र सरकार उनके एक भी सुझाव को नही मानती। ’ सीमावर्ती राज्यों द्वारा प्रधानमंत्री का विशेष ध्यान मांगते हुए स. बादल ने कहा कि सीमापार घुसपैठ, जाली करैंसी तथा नशों की तस्करी होने के कारण इन राज्यों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है । केंद्र सरकार द्वारा किसी भी समस्या के उत्पन्न होने समय दिखाये जाती सुस्ती संबंधी सवाल उठाते हुए स. बादल ने कहा कि केंद्र सरकार तबतक सोई रहती है जबतक पानी सिर से उपर निकल नही जाती। उन्होंने कहा कि आज केंद्र सरकार नक्सलवादियों विरूद्ध कार्रवाई संबंधी लगी हुई है, जबकि इतने में कोई और समस्या हमारे सामने खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि नक्सली समस्या का हम दो दशक से सामना कर रहें हैं तो इससे साबित होता है कि इसके सामने के लिए अपनाई जाने वाली नीति गलत है। उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री द्वारा नक्सलवाद प्रभावित राज्यों की बैठक बुलाई गई है इसी प्रकार सीमावर्ती राज्यों की बैठक भी बुलाई जाये। सीमा पार नशीले पदार्थो, जाली करैंसी की बढ़ रही तस्करी का मुद्दा उठाते हुए स. बादल ने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा गत् कुछ वर्षो के दौरान बरामद किए नशीले पदार्थो से स्पष्ट होता है कि बी एस एफ सीमापार तस्करी रोकने में नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि बी एस एफ सीधे तौर पर केंद्र सरकार अधीन कार्य करती है जोकि सभी मसलों पर आखें बंद कर बैठी है। जबकि सीमावर्ती तस्करी को ना रोकने के कारण पंजाब का सामाजिक तौर पर बड़ा नुकसान हो रहा है। सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण पर अधिक निवेश करने की जरूरत पर बल देते हुए स. बादल ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार भोजन सुरक्षा बिल तहत 91000 करोड़ और मनरेगा तहत 33000 करोड़ खर्च कर रही है जबकि दूसरी तरफ सुरक्षा आधुनिकीकरण बजट एक हजार करोड़ से घटाकर तीन सौ करोड़ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें से भी पंजाब को केवल तीस करोड़ रुपये अनेकों शर्त लगाकर दिए गये हंै। उन्होंने कहा कि इसके मुकाबले पंजाब सरकार ने कानून व्यवस्था की बढ़ रही चुनौतियों के सामने के लिए गत् 5 वर्षो के दौरान पुलिस का बजट 5 गुणा कर दिया है। स. बादल ने कहा कि हमें अमेरिका से सबक सीखना चाहिए जिसने 9/11 के बाद रक्षा पर बड़ा निवेश किया है। उन्होंने कहा कि हम यह उम्मीद नही करते कि हमें भी अमेरिका की तरह खर्च करें किंतु हमारे प्रधानमंत्री कम से कम इस बार 10000 करोड़ के फंड से शुरूआत कर सकते हैं, जिसने की आगामी वर्ष दौ गुणा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश विरोधी ताकतों को दूर भगाने के लिए हमें यह लड़ाई मिलकर लडऩी होगी और यह केंद्र सरकार का कत्र्तव्य है कि वह सुरक्षा बलों के तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए राज्यों को खुले हृदय से सहायता दे। पंजाब को विशेष सुरक्षा पैकेज देने की मांग करते हुए स. बादल ने कहा कि राज्य आंतकवाद को समाप्त करने में कामयाब हुआ है जबकि अभी भी सीमा पार ताकतों द्वारा इसको पुन: आरंभ करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी समस्या के गंभीर परिणाम निकालने की जगह पहले ही इसको रोकना चाहिए। स. बादल ने कहा कि आंतकवाद के दौरान राज्य को विशेष टर्म लोन कहकर 5800 करोड़ रुपये दिए गये जोकि ब्याज लगाकर 7723 करोड़ कर दिए गये। उन्होंने कहा कि पंजाब को आंतकवाद के दौरान जो जानी एवं माली नुकसान हुआ है उसको कभी भी आंका नही जा सकता। उन्होंने कहा कियह लड़ाई देश की लड़ाई थी जबकि इसके लिए राज्य को 2694 करोड़ देने पड़े हैं। पंजाब सरकार द्वारा पुलिस को मज़बूत करने के लिए किए प्रयासों संबंधी जानकारी देते हुए स. बादल ने कहा कि गत् वर्ष 16000 पुरूष एवं 2800 महिला पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई थी जिससे कुल संख्या 75600 हो गई है।

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