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Friday, January 22nd, 2021

नेताओं को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रगति की बात करनी चाहिए ना कि धर्म -मजहब की - राहुल गांधी

आई.एन.वी.सी,,
हापुड़,,
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि चिट्ठी   लिखने और वायदे करने से कुछ नहीं होता। जनता काम चाहती है और प्रधानमंत्री डॉ॰ मनमोहन के नेतृत्व वाली कांग्रेस की केंद्र सरकार ने जनता के हित में काम करके दिखाया है।
वे आज उत्तर प्रदेश के हापुड़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी गजराज सिंह के पक्ष में चुनावी रैली को सम्बोधित कर रहे थे। अपनी
विशिष्ट शैली के धुंआधार भाषण में राहुल ने ग़ैर कांग्रेसी दलों  को गलत नीतियोें के लिए घेरा और जनता से सोच समझकर सभी धमाzे और
समुदायों को साथ लेकर चलने वाली कांग्रेस party को समर्थन देने का पुरज़ोर आuान किया। रैली में आयोजकों की उ मीद से ज्यादा जनसैलाब
उमड़ा और ताराचन्द डिग्री कॉलेज का विशाल मैदान राहुल के आने से पहले ही ठसाठस भर गया, जिसके चलते सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह
गई। आलम यह था कि भीड़ ने मीडिया के लिए बनाए गए मंच पर भी कब्जा कर लिया , जिससे मीडियाकर्मियों को काफी परेशानियां हुई। इस रैली में महिलाओं, किसानों, युवाओं की सं या काफी थी, और महिलाओं की भागीदारी के लिए राहुल ने अपना भाषण समाप्त करने के बाद वापिस
आकर  विशेष रूप से उनका धन्यवाद किया।
मु यमंत्री मायावती और मुलायम सिंह पर प्रहार करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि चि_ी लिखने और वायदे करने से कुछ नहीं होता। जनता काम चाहती है और सरकारों को वो करके दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता में शक्ति  होती है और हम चाहते हैं कि जनता का पैसा जनता पर ही ख़र्च हो। केंद्र की कांग्रेस सरकार ने काम करके दिखाया है और जनता द्वारा मौका देने पर पांच साल में उत्तर प्रदेश में बदलाव लाएंगे और अगले पांच सालों में पूरी तस्वीर बदल देंगे। उन्होंने जनता से बदलाव लाने और कांग्रेस-रालोद गठबन्धन की सरकार बनाने का आuान किया।
रैली में राहुल गांधी ने हरियाणा की कांग्रेस सरकार द्वारा करवाए गए विकास कायोz और लागू की गई योजनाओं की भरपूर प्रशंसा की और जनता को उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार चुनने का आuान किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा जैसे कांग्रेस शासित प्रदेशों में आम आदमी की सरकार है और वहां किसान, मजदूर, ग़रीब की आवाज सुनी जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के कारण ही उत्तर प्रदेश के उद्योग हरियाणा में पलायन कर रहे हैं, जिससे वहां के नौजवानों को तो रोजगार मिला है, लेकिन उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपना घर छोड़कर रोजगार की तलाश में हरियाणा और दिल्ली जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे जनता की लड़ाई लड़ते रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नेताओं को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रगति की बात करनी चाहिए ना कि धर्म -मजहब की।
       समाचार पत्रों में छपी सीएजी सम्बन्धी समाचारों का हवाला देते हुए कांग्रेस सांसद एवं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-रालोद गठबन्धन के संयोजक दीपेंद्र हुaा ने कहा कि किसान गन्ना बोते हैं, परंतु उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार ने यहां अपने चहेतों को फ़ायदा पहंुचाने के लिए 11 चीनी मिलों में सरकार का हिस्सा औन्ो-पौने दामों पर बेच दिया। इस पूरे प्रकरण में प्रदेश को 2 हज़ार करोड़ रूपए से भी ज्यादा का नुक़सान हुआ। भ_ा परसौल प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश के किसानों की जमीन कोçड़यों के भाव में लेकर बिल्डरों की दी जा रही थी और किसान आंदोलन की राह पर था और उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने किसानों की छाती पर पुलिस द्वारा गोलियां चलाने का काम किया था। तब राहुल गांधी ही वे एकमात्र नेता थे, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के किसान की जमीन हड़पने की आवाज संसद में उठाई। बाद में राहुल पुलिस की गोलियां झेल रहे किसानों के साथ जाकर खड़े हुए थे और इससे ही किसानों पर गोलियां चलना बंद हुआ था।
       विशाल रैली को कांग्रेस सांसद व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया, फ़िल्म अभिनेत्री नगमा व party प्रत्याशी गजराज सिंह ने भी सम्बोधित किया।

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