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Tuesday, January 19th, 2021

निवेश के लिए गाँव जाना सही

investor just focus on indian villageआई एन वी सी न्यूज़

राँची, मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड बदल रहा है। विकास  की ओर उन्मुख इस राज्य में निवेषकों के लिए लाल फीताशाही की जगह अब लाल कालीन ने ले ली है। जवाबदेह प्रषासन तंत्र में तय समय-सीमा के भीतर काम करने की जिम्मेवारी होती है।खाद्य-प्रसंस्करण उद्योग लगाने के इच्छुक निवेषकों का उन्होंने आहवान किया कि वे यहां उद्योग लगाकर प्राथमिक क्षेत्र में अधिकाधिक रोजगार के अवसर सृजित करें। झारखण्ड को देष-दुनिया में खान-खनिज के लिय जाना जाता है, अब झारखण्ड को फूड प्रोसेसिंग के लिए जाना जायेगा। वे आज खेलगांव, होटवार, रांची में फूड प्रोसेसिंग पर दो दिवसीय सम्मेलन का उदघाट्न कर रहे थे।  रांची के खेल गांव में शुरू हुए इस सम्मलेन में देश के करीब आठ राज्यों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं , जबकि फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिये 50 से भी ज्यादा स्टॉल लगाये गये हैं।  मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्षनी का उद्घाटन किया एवं प्रकाषित स्मारिेका का विमोचन भी किया । मुख्यमंत्री श्री दास ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केे मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुये कहा कि यह मेक इन झारखंड से ही सफल साबित हो पायेगा।  उन्होंने प्रदेश में कृषि , पर्यटन और आई0टी0 के क्षेत्र में प्रचूर संभावना की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट कराया।  उन्होंने कहा कि कृषि रोजगार का सबसे बड़ा प्रक्षेत्र है और प्रदेश के किसान फूल और सब्जी का उत्पादन कर रोजगार के नए अवसरों का लाभ ले सकतें हैं।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान एक के बजाय दो से तीन फसल का उत्पादन करें।  इसके लिये किसानों को बागवानी या दूध उत्पादन के क्षेत्र में काम करने की जरुरत हैं।  उन्होंने कहा कि इसकी सफलता और किसानों के हित के लिये गांवों में कृषक समूह बनाये जाने का भी निदेष दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड मटर के उत्पादन में देश का तीसरा और टमाटर के उत्पादन में छठा राज्य हैं। उन्होंने सम्मलेन में भाग लेने वाले तमाम उद्यमियों से राज्य में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने और झारखंड में विकास के नए आयाम सृजित करने की अपील की।  इस अवसर पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री टी0 नंदकुमार ने अपने ामल ंककतमेे में कहा के भविष्य की चुनौतियों को देखते हुये निवेषको को गांव की ओर जाना होगा। फूड प्रोसेसिंग उद्योग में छोटे निवेषों से भी वृहत्तर लाभ की संभवानाएं है। हुनर को फूड प्रोसेसिंग के रोड मैप में शामिल किया जाना आवष्यक है ताकि यह अन्य उद्योगों के साथ प्रतियोगी हो सके। आज खाद्य प्रसंस्करण उद्योग भारत का सर्वाधिक तेज गति से विकसित होने वाला प्रक्षेत्र है। यह परिवर्तन हमारी जनसंख्या में हो रहे बदलाव के मद्देनजर भी जरुरी है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री राजीव गौबा ने विषय प्रवर्तन करते हुये झारखण्ड में खाद्य- प्रसस्ंकरण उद्योग की संभावनाओं को रेखांकित किया। सचिव उद्योग विभाग श्रीमती हिमानी पाण्डेय ने स्वागत संबोधन किया। धन्यवाद ज्ञापन उद्योग निदेषक श्री के0रवि कुमार ने किया। कार्यक्रम को कैवेन्टर ग्रुप के चेयरमैन एम0के0जलान, आई0एल0एफ0एस0 के कार्य कारी निदेषक श्री ए0के0 कृष्णकुमार ने भी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आये उद्यमी, किसान, व्यावसायिक ईकाईयों के प्रतिनिधिगण, केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों के पदाधिकारीगण सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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