Tuesday, August 4th, 2020

नियमित आय स्रोत नहीं होने पर वृद्घावस्था एवं विधवा पेंशन मिलेगी

Elderly man walks in park in Mumbaiआई एन वी सी, जयपुर, राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्घता दिखाते हुए वृद्घावस्था, विधवा एवं योग्यजन पेंशन नियमों में संशोधन किया है। नये नियमों के तहत पात्रता में छूट दी गई है ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा वित्तीय वर्ष 2013-14 के बजट में की गई घोषणा की अनुपालना में राजस्थान वृद्घावस्था एवं विधवा पेंशन नियम 1947 में संशोधन करते हुए सामाजिक सुरक्षा, वृद्घावस्था, विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा पेंशन नियम 2013 बनाये गये हैं। पूर्व के नियमों में निर्धारित सीमा से कृषि भूमि अधिक होने एवं प्रकट स्रोतों से नियमित आय होने पर पेंशन दिये जाने का प्रावधान नहीं था। नये नियमों में जीवन निर्वाह के लिए स्वयं की नियमित आय का स्रोत नहीं होने पर पेंशन स्वीकृत किये जाने का प्रावधान किया गया है तथा परिवार में 25 वर्ष व अधिक आयु का सदस्य नहीं होने की शर्त को हटा लिया गया है। पेंशन स्वीकृति एवं आय प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। नये नियमों में शहरी क्षेत्र के आवेदनों के लिये संबंधित निकाय में पदस्थापित मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आयुक्त, अधिशासी अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है जबकि विद्यमान नियमों में शहरी क्षेत्र के लिए तहसीलदार या नायब तहसीलदार जांच अधिकारी के रूप में नामित थे। राजस्थान वृद्घावस्था एवं विधवा पेंशन नियम 1947 में 65 वर्ष व अधिक आयु के बी.पी.एल. परिवार के एवं 60 वर्ष व अधिक आयु के सहरिया परिवार के व्यक्तियों को पात्रता शर्तों में छूट प्रदान की गई थी। नये नियमों मेें 55 वर्ष व अधिक आयु की महिला तथा 58 वर्ष व अधिक आयु के पुरूष जो बी.पी.एल., अन्त्योदय, सहरिया, कथौड़ी, खैरवा जाति एवं आस्था कार्डधारी परिवार के व्यक्तियों को पात्रता शर्तों में छूट देने का प्रावधान किया गया है। विद्यमान नियमों में किसी भी आयु की विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिला को पात्रता पूर्ण करने पर पेंशन दिये जाने का प्रावधान है। प्रस्तावित नियमों में किसी भी आयु की विधवा के स्थान पर 18 वर्ष एवं अधिक आयु की विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा महिला को पात्रता पूर्ण करने पर पेंशन दिये जाने का प्रावधान किया है। यही नहीं अन्त्योदय परिवार की विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा महिलाओं को पात्रता शर्तों में छूट दिये जाने का प्रावधान नये नियमों में किया गया है। राजस्थान वृद्घावस्था एवं विधवा पेंशन नियम 1974 एवं राजस्थान विशेष योग्यजन पेंशन नियम 1965 के अन्तर्गत पेंशन स्वीकृति, पी.पी.ओ. जारी करने तथा भुगतान की समय सीमा निर्धारित थी। नये सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम 2013 में पेंशन आवेदन के सत्यापन के लिए अधिकतम 30 दिन तथा पेंशन स्वीकृति के लिए अधिकतम 15 दिवस में पेंशन भुगतान आदेश जारी करने की अवधि निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण नहीं करने पर राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2011 के तहत निर्धारित जुर्माना राशि अदा करने का दायित्व निर्धारित किया गया है।इसी तरह उक्त दोनों नियमों के अन्तर्गत वार्षिक सत्यापन के लिए प्रत्येक वर्ष अपे्रल माह में पेंशन भुगतान अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने अथवा पटवारी एवं सरपंच के द्वारा प्रमाणित संयुक्त जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का प्रावधान है। नये नियमों मेें ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित कैम्पों में सरपंच एवं पटवारी द्वारा भौतिक सत्यापन कर संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित जीवन प्रमाण पत्र अथवा राजपत्रित अधिकारी से हस्ताक्षरित जीवन प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र के पेंशनर संबंधित नगरीय निकाय में पदस्थापित अधिकारी अथवा राजपत्रित अधिकारी से हस्ताक्षरित जीवन प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है। नये सामाजिक सुरक्षा विशेष योग्यजन पेंशन नियम 2013 में विशेष योग्यजन प्रार्थी की स्वयं की एवं परिवार की सम्मिलित वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 14 हजार के स्थान पर 48 हजार रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 16 हजार के स्थान पर 60 हजार रुपये होने पर पेंशन स्वीकृत करने का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा विशेष योग्यजन पेंशन नियम 2013 में परिवार की परिभाषा में पुत्र को विलोपित किया गया है।

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