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Thursday, May 6th, 2021

निजी क्षेत्र के लिए एक इंच भूमि का भी अधिग्रहण नहीं : बिरेन्द्र सिह

birendra singh,ministerbirendrasinghआई एन वी सी न्यूज़
चंडीगढ़ , केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री  बिरेन्द्र सिह ने आज यह स्पष्टï किया कि केन्द्र सरकार निजी क्षेत्र के लिए एक इंच भूमि का भी अधिग्रहण नहीं करेगी, लेकिन सडक़, जल परियोजनाओं, रेलवे, रक्षाप्रतिष्ठापन व अन्य अवसंरचना विकास के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। वर्तमान केन्द्र सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर आज यहां एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित प्रदेशों समेत 18 राज्य इस बात के पक्षधर थे कि संशोधन के बिना विकास परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि विधेयक संयुक्त संसदीय समिति को संदर्भित किया गया है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण विधेयक में सरकार संशोधन करेगी, जोकि किसानों के हित में होगा। संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को न मानना प्रतिष्ठïा का मुद्दा नहीं है। विधेयक  लोकसभा में चर्चा के बाद पारित हो गया लेकिन इस पर राज्यसभा में चर्चा नहीं हुई। मनरेगा के क्रियान्वयन से सम्बन्धित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि इसका नाम बदलने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इसका बजट बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि इसकी तुलना में पिछला बजट आबंटन कभी भी 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बजट में 35 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। लेकिन वित्त मंत्री ने पांच हजार करोड़ रुपये और देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्रम और सम्पत्ति का बजटीय अनुपात      60:40 था और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आरोप भी निराधार निकला है कि सरकार इस अनुपात को बदलकर 51:49 करेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत काम करने वालों का दक्षता विकास किया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि सोच के अनुरूप सरकार ने एक नई स्कीम 'दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजनाÓ शुरू की है, जिसके तहत युवाओं को उनके हुनर के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों में 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर दक्ष किया जाएगा। देश व विदेशों में कुशल व अकुशल श्रम बल की मांग है। राष्टï्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत भी कौशल विकास किया जाएगा और मनरेगा के तहत दिए जा रहे अकुशल रोजगार को कुशल रोजगार में बदला जाएगा। देश और विदेशों में इसकी काफी मांग है।  उन्होंने कहा कुछ प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में भी कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देने की पहल की है। प्रशिक्षित युवाओं में से लगभग 70 प्रतिशत से अधिक को उन्होंने अपने ही संस्थानों में रोजगार देने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के तहत सडक़ों के निर्माण के कार्यों में तेजी लाई गई है और आज प्रतिदिन 101 किलोमीटर लम्बी सडक़ें बनती हैं, जबकि  पहले प्रतिदिन 67 किलोमीटर लम्बी सडक़ें बनती थी। उन्होंने कहा कि एक साल में 36 हजार किलोमीटर लम्बी सडक़ें बनाई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसलिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच करोड़ मकान बनाने की जरूरत है। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में बनाये जाने वाले 2.95 लाख मकान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हर साल 50 लाख मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले इंदिरा आवास योजना के तहत 15 से 20 लाख मकान हर वर्ष बनाए जाते थे। उन्होंने कहा कि इंदिरा आवास योजना के तहत उपलब्ध करवाए जा रही 70000 रुपये की राशि में भी भारी वृद्धि की जाएगी ताकि निर्मित मकान कम से कम 40 वर्ष तक सही रहे। सांसद आदर्श ग्राम योजना के सम्बंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में  बीरेन्द्र सिंह ने कहा कि अब तक राज्यसभा व लोकसभा के 679 सांसदों ने गांव गोद लेेने की सहमति प्रकट की है। केवल 108 सांसदों ने सहमति नहीं दी है। उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम योजना के तहत पांच साल में एक सांसद अपने क्षेत्र में तीन गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करवा सकेगा। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास योजना तैयार की जा रही है और उसी के अनुरूप सांसदों को 30 जून को गोद लिए गांव की रिपोर्ट देने को कहा गया है। जुलाई माह से विकास कार्य होना निर्धारित है। उन्होंने कहा कि इसी की तर्ज पर हरियाणा सहित महाराष्ट्र, मिजोरम, मेघालय जैसे छ: राज्यों में विधायक आदर्श ग्राम योजना स्कीम लागू करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत धन की कमी आड़े नहीं आएगी। स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के अलावा सांसद प्रमुख विभागों से फंड हस्तांतरण करवाकर भी कार्यों को पूरा करवा सकेंगे। इसके अलावा मनरेगा के तहत भी फंड उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन में अपने मंत्रालय को एक नोडल विभाग बताते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयन्ती पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत देने के सपने को साकार करने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2019 तक लगभग 6 करोड़ शौचालयों का निर्माण करवाने का प्रस्ताव है। लोगों की खुले में शौच जाने की प्रवृति को समाप्त करने के लिए पहले अपनी मानसिकता बदलनी होगी और शौचालयों का उपयोग करना होगा। तभी हम इसके वास्तविक उद्देश्य को पूरा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 11 करोड़ घरों में निजी शौचालय हैं परन्तु बिना प्रयोग के लगभग 1 करोड़ 30 लाख से अधिक खराब पड़े हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का स्वच्छ शरीर से सम्बंध है। उन्होंने कहा कि राज्यों को शुद्ध पेयजल योजना के लिए 2600 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लोगों को देश की अर्थव्यवस्था से जोडऩे की एक नई पहल की है। प्रधानमंत्री बीमा योजना, जनधन योजना, अटल पेंशन जैसी योजनाओं के तहत 15 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले हैं, जो पहले मात्र 3.5 करोड़ थे।

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