लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ जामिया मिलिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (Aligarh Muslim University) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने ट्वीट कर चिंता जाहिर की है. मायावती ने कहा है कि अलीगढ़ व जामिया यूनिवर्सिटी (Jamia University) में बेक़सूर छात्र और आमजन पुलिस का शिकार हुए हैं. यह अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और यूपी सरकार को इसकी उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को सजा देने की मांग की है.

पार्टी पीड़ितों के साथ

मायावती ने सोमवार को एक के बाद एक तीन ट्वीट कर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और हिंसक झड़पों पर चिंता व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, “नए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में की गई हिंसा में पहले उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ व फिर जामिया यूनिवर्सिटी में तथा पूरे जामिया क्षेत्र में भी जो काफी बेकसूर छात्र व आमलोग शिकार हुए हैं यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है तथा पार्टी पीड़ितों के साथ है.”

शान्ति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “ऐसे में यूपी व केन्द्र सरकार को चाहिये कि वे इन वारदातों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराये और उनके मूल दोषी किसी भी कीमत पर बचने नहीं चाहिये तथा पुलिस व प्रशासन को भी निष्पक्ष रूप में कार्य करना चाहिए. वरना यह आग पूरे देश में व खासकर शिक्षण संस्थानों में भी काफी बुरी तरह से फैल सकती है. साथ ही, सभी साम्प्रदायों से यह भी अपील है वे शान्ति-व्यवस्था को बनाये रखें.”

अखिलेश और प्रियंका ने भी ट्वीट कर सरकार को घेरा

इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर सरकार को घेरा. अखिलेश ने ट्वीट कर लिखा कि “जिस प्रकार जामिया मिलिया के छात्र-छात्राओं से बर्बरतापूर्ण हिंसा हुई है और विद्यार्थी अभी भी फँसे हुए हैं, ये बेहद निंदनीय है. पूरे देश को हिंसा में फूंक देना ही क्या आज के सत्ताधारियों का असली ‘गुजरात मॉडल’ है.” उधर प्रियंका ने लिखा कि “देश के विश्वविद्यालयों में घुस घुसकर विद्यार्थियों को पीटा जा रहा है. जिस समय सरकार को आगे बढ़कर लोगों की बात सुननी चाहिए, उस समय भाजपा सरकार उत्तर पूर्व, उत्तर प्रदेश, दिल्ली में विद्यार्थियों और पत्रकारों पर दमन के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है. यह सरकर कायर है.” PLC.

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