Saturday, May 30th, 2020

नागरिकता संशोधन कानून : भारत का और संविधान का अपमान

लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ मंगलवार को लखनऊ में विधानसभा (Assembly) के बाहर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कार्यकर्ताओं ने कमीज उतार कर विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान एसपी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उनका कहना है कि नागरिकता संसोधन कानून देश को बांटने वाला है. इस कानून के तहत एक खास समुदाय को टारगेट किया गया है.

जानकारी के मुताबिक, एसपी विधायक इनुअल हसन के साथ कई कार्यकर्ताओं ने यूपी विधानसभा के बाहर शर्ट उतार कर अपना विरोध जताया. इनुअल हसन ने कहा कि अलीगढ़ और जामिया विश्वविद्यालय के छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे. इसके बावजूद भी पुलिस ने उनके ऊपर लाठियां बरसाईं जिससे कई छात्र घायल हो गए. उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं रह गई है. प्रदेश में कानून-व्यवस्था की हालत खराब है और महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं.
बता दें कि इससे पहले सोमवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह ने कैंपस में घुसकर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ हाड़ कंपाने वाली ठंड में कमीज उतारकर विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन किया था. छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

दरअसल, इस कानून के खिलाफ समाजवादी पार्टी शुरू से विरोध में है. पार्टी के सांसदों ने नागरिकता संशोधन बिल का लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में विरोध किया था. वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर बिल को भारत और संविधान का अपमान बताया था. अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था कि न किसान की आय दोगुनी हुई और न ही गंगा साफ हुई. मैंने पहले कहा था कि इनकी राजनीति ध्यान हटाने और समाज बांटने की है. #CitizenshipBill भारत का और संविधान का अपमान है. PLC.

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