00000आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, खनिज ब्लॉक के अन्वेषण/पूर्वेक्षण कार्यों के लिए और नवीन खनिजों के भंडारों की खोज में तीव्र गति लाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के खनिज संसाधन विभाग ने क्षेत्रीय स्तर पर कार्य करने की योजना बनाई है। इस योजना में लगभग 16.39 करोड़ का खर्च आयेगा। यह बात आज यहां खान मंत्रालय में आयोजित एन.एम.ई.टी. की संचालक मंडल (गवर्निंग बॉडी) की बैठक में भाग लेते हुए मध्यप्रदेश के खनिज एवं ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कही और आग्रह किया कि केन्द्र सरकार इसकी भरपाई एन.एम.ई.टी. फण्ड से करे। बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय खनन मंत्री श्री नरेन्द्र तोमर ने की। केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक में गुजरात, झारखण्ड, तेलंगाना, नगालैंड के अतिरिक्त केन्द्र सरकार के कोयला और खान सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। खान मंत्रालय में आयोजित राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास (एन.एम.ई.टी.) के संचालक मंडल की पहली बैठक थी। इसकी अध्यक्षता केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र तोमर और संयोजक केन्द्रीय खान सचिव श्री बलविन्दर सिंह ने की। यह बैठक खान एवं खनिज विकास एवं विनियम संशोधन (एम.एम.डी.आर.) अधिनियम 2015 में किये गये नीलामी प्रावधान पर विचार विमर्श करने के लिए बुलाई गई थी जिससे इससे जुड़े मुद्दों पर रूपरेखा तैयार की जा सके। केन्द्र सरकार द्वारा एन.एम.ई.टी. के संबंध में संशोधित अधिनियम की धारा 9 सी (4) के अनुसार देय रॉयल्टी पर दो प्रतिशत राशि एन.एम.ई.टी. फण्ड में जमा किया जाना निर्धारित किया गया है।

श्री शुक्ला ने कहा कि वे केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एन.एम.ई.टी. फण्ड योजना से सहमत हैं और राज्य सरकार केन्द्र सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इस योजना को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान देगी। श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि प्रदेश के मुख्य खनिजों से प्राप्त राजस्व के अनुसार अक्टूबर 2015 तक 2 प्रतिशत लगभग 36 करोड़ होती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रत्येक वर्ष में प्राप्त एन.एम.ई.टी. फण्ड में जो भी राशि प्राप्त होगी वह सम्पूर्ण राशि प्रदेश में खनिजों के अन्वेषण कार्यों पर व्यय किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अनुरोध किया कि भारत सरकार के उपक्रम मैसर्स एम.ई.सी.एल. जो राज्य में चार ब्लॉक का अन्वेषण कार्य कर रहा है से 16.39 करोड़ रुपये का भुगतान एन.एम.ई.टी. फण्ड में कराया जाना उचित होगा।
श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के पांच कोल ब्लॉक की नीलामी होने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही खनिज विभाग के आधुनिकीकरण के लिए 25 करोड़ की योजना बनाई है और उसका प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। खनिज विभाग का सारा कार्य विभागीय ई-खनिज पोर्टल पर किया जा रहा है जिससे कि निविदा एवं अन्य कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।बैठक में अन्य राज्य सरकारों के प्रतिनिधि के अलावा भारतीय भौगोलिक सर्वेक्षण और एन.ई.सी.एल. के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे।