Thursday, February 27th, 2020

नया शिक्षण सत्र ‘‘प्रारम्भिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार वर्ष‘‘ के रूप में मनाया जाएगा : प्रो. देवनानी

प्रो.-वासुदेव-देवनानीआई एन वी सी न्यूज़
जयपुर,
शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता को और बढ़ाने के लिए नया शिक्षण सत्र ‘‘प्रारम्भिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार वर्ष‘‘ के रूप में मनाया जाएगा। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एक उच्च प्राथमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इस साल नया शैक्षणिक वर्ष एक मई से शुरू होगा। शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. देवनानी ने रविवार को अजमेर के तोपदड़ा स्थित विद्यालय में सर्व शिक्षा अभियान की संभाग स्तरीय गुणवत्ता आमुखीकरण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षो में राजस्थान में शिक्षा का स्तर तेजी से सुधरा है। आमजन अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने के प्रति आकर्षित हुए है। यही कारण है कि पिछले साल नामांकन में 9 लाख विद्यार्थियों की वृद्घि हुई । हमें इस रफ्तार को और तेज करना है। प्रो. देवनानी ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में गुणवत्ता को सुधारने के लिए आगामी शैक्षणिक सत्र को ‘‘प्रारम्भिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार वर्ष‘‘ के रूप में मनाया जाएगा। इसके तहत वर्ष भर विभिन्न नवाचारों एवं लगातार निरीक्षण के जरिए विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली जाएगी। स्कूलों व शिक्षकों की गे्रडिंग होगी। जिम्मेदारी सभी की तय की जाएगी चाहे वह शिक्षक हो या अधिकारी । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इन प्रयासों में अधिकारी व शिक्षकों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। इस गति को हम और बढ़ाएं। हम अपने आप से पूछे कि हम समाज को क्या योगदान दे रहे है। एक शिक्षक विद्यार्थी का भविष्य निर्माता होता है। यही सुयोग्य विद्यार्थी आगे जाकर एक बेहतर समाज का निर्माण करते है। शिक्षा राज्य मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे स्कूलों के निरीक्षण कार्यों को और अधिक प्रभावी व नियमित बनाएं। ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण की कार्य नीति तय कर काम किया जाए। सभी अधिकारी अपने दिए हुए कार्य को तय समय में पूरा करें। उन्होंने सभी अधिकारियों व शिक्षकों का आह्वान किया कि हम सभी आज से ही तय कर लें कि स्कूल समय पर पहुंचेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। विद्यालय प्रबन्धन समिति स्कूलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। संस्था प्रधान इन समिति की बैठकों को गम्भीरता से लें तो इसके शानदार परिणाम सामने आएंगे। शिक्षा राज्य मंत्री ने भामाशाह और शिशु वाटिका के विभिन्न उदाहरण देकर कहा कि शिक्षक वर्ग ठान ले तो कोई भी कार्य मुश्किल नहीं है। नया शैक्षणिक सत्र एक मई 2016 से शुरू होगा। नये शैक्षणिक सत्र में नये कार्यो के साथ हम शिक्षा जगत में गुणवत्ता सुधार एवं नवाचारों की पहल करें। राज्य सरकार भी इन कार्यो में सक्रिय सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक मिडिल स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। यह प्रयोग उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बेहद सफल रहा है। प्रो. देवनानी ने बताया कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में वर्ष 2016-17 का नया शैक्षणिक सत्र इस वर्ष एक मई से शुरू होगा। शिक्षा विभाग ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं आठवीं बोर्ड सहित सी.बी.एस.ई. के विद्यालयों में शिक्षण एवं परीक्षाओं की तिथियों में समन्वय के लिए यह प्रस्ताव लिया है। इस बदलाव से सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों की छुट्टियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एक मई से दस मई तक प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा एवं स्कूल की परीक्षा से संबंधित अन्य गतिविधियां सम्पन्न होंगी। प्रो. देवनानी ने जानकारी दी कि गर्मी की छुट्टियां 11 मई से 20 जून तक रहेंगी। इसके पश्चात 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्कूल पुन: शुरू होंगे । स्कूलों में 21 जून से 30 जून तक प्रवेशोत्सव रहेगा। एक जुलाई से पुन: शिक्षण प्रारम्भ होगा। इस अवसर पर सर्व शिक्षा अभियान, प्रारम्भिक शिक्षा परिषद एवं शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।

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