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Thursday, November 26th, 2020

नगरपालिका एवं पंचायतीराज उपचुनाव घोषित

rajesthanआई एन वी सी, जयपुर, राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य के 5 जिलों की 6 नगर पालिकाओं के 7 वार्डों एवं नागौर जिले के उप सभापति के एवं पंचायती राज संस्थाओं के रिक्त हुए पदों को भरने के लिए उप चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव के अनुसार नगर पालिका उप चुनाव जैसलमेर की पोकरण नगर पालिका के वार्ड नं. 7 (अनुसूचित जाति), नागौर नगरपालिका केवार्ड नं. 34 (अनुसूचित जाति), व वार्ड नं. 24 (सामान्य) एवं कुचामन नगर पालिका के वार्ड नं. 27 (अ.पि.वर्ग), पाली की सोजट नगर पालिका के वार्ड नं. 6 (सामान्य),सीकर की श्री माधोपुर नगरपालिका के वार्ड नं. 10 (अनुसूचित जाति) एवं श्री गंगानगर की करणपुर नगरपालिका के वार्ड नं. 7 (सामान्य) एवं नागौर के उप सभापति के लिए14 फरवरी, गुरूवार को लोक सूचना जारी की जायेगी। 18 फरवरी सोमवार को प्रात: 10.30 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि होगी। 19 फरवरी, मंगलवार को नामांकन पत्रों की संवीक्षाहोगी तथा 21 फरवरी, गुरूवार अपरान्ह 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापिस ली जा सकेगी। कार्यक्रम के अनुसार मतदान आश्यक होने पर 22 फरवरी, शुक्रवार को चुनाव चिन्हों का आवंटन, 28 फरवरी गुरूवार को प्रात: 8 बजे से सायं 5 बजे तक मतदान, 2 मार्च, शनिवार को प्रात: 8 बजे मतगणना होगी तथा 4 मार्च, सोमवार को जिला नागौर हेतु उप सभापति का चुनाव होगा। इसी प्रकार पंचायत राज संस्थाओं में विभिन्न कारणों से रिक्त हुए जिला परिषद सदस्यों के 2 पद, प्रधान का एक पद, पंचायत समिति सदस्यों के 12 पद तथा सरपंचो के23 पद एवं उप सरपंचों के 27 पद एवं पंचों के 283 पदों को भरने के लिए उप चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार ें जिला परिषदों/ पंचायत समिति सदस्यों के उप चुनाव के लिए 14 फरवरी को अधिसूचना जारी की जाएंगी तथा 18 फरवरीसोमवार को पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक नाम निर्देशकों को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि होगी, 19 फरवरी मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी तथा 20 फरवरी बुधवार को पूर्वाह्न 10 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक नाम निर्देशन पत्र वापिस लेने की अंतिम तिथि होगी। 20 फरवरी बुधवार को अपरान्ह 3 बजे बादचुनाव चिन्हों का आवंटन किया जायेगा। 28 फरवरी गुरूवार को आवश्यक हुआ तो मतदान करवाया जायेगा। मतदान का समय प्रात: 8 बजे से सायं 5 बजे तक का होगा तथा 2 मार्च को प्रात: 8 बजे से जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्धारित स्थानों पर मतगणना होगी। 4 मार्च को प्रधान/उप प्रधान का चुनाव होगें। इसी प्रकार पंच/सरपंचों उप चुनाव के लिए 14 फरवरी वार गुरूवार को लोक नोटिस जारी किया जाएगा तथा 22 फरवरी शुक्रवार को नाम निर्देशन दरों की प्राप्ति, संवीक्षा व वापिसी, प्रात: 8 बजे से 11 बजे तक का नाम निर्देशनों की प्राप्ति, 11.30 बजे से नाम निर्देशनों की संवीक्षा औरअपरान्ह 3 बजे तक अभ्यार्थिता वापिसी का समय होगा।28 फरवरी गुरूवार को यदि आवश्यक हुआ तो मतदान करवाया जाएगा जिसका समय प्रात: 8 बजे से 5 बजे तक का होगा। इसी दिन 28 फरवरी को ही मतदान समाप्ति केतुरन्त पश्चात् मतों की गणना की जाएगी। एक मार्च शुक्रवार को उप सरपंच का उप चुनाव करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि उक्त स्थानीय निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं के उप चुनाव कराने के लिए एकजनवरी, 2012 की अर्हता तिथि के आधार पर तैयार मतदाता सूची का उपयोग किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता संबंधित नगरपालिका एवं ग्राम पंचायत केनिर्वाचन क्षेत्रों में लागू हो गयी है जो चुनाव समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। नगरपालिकाओं के रिक्त स्थानों के उप चुनाव के लिए मतदान इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से करवाया जायेगा तथा पंचायतीराज संस्थाओं के उप चुनाव के लिए मतदानपरम्परागत मतपेटी मत पत्रों से ही होगा। उन्होंने बताया कि मतदान डालने के लिए मतदाता को अपनी पहचान के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा, यदि मतदाता केपास पहचान पत्र नहीं है तो राशन कार्ड, बीपीएल कार्ड, पारिवारिक नरेगा कार्ड, स्वास्थ्य बीमा कार्ड स्वतंत्रता सैनानी पहचान पत्र, पेंशन दस्तावेज, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासप्रमाण पत्र, छात्र पहचान पत्र, विकलांग पहचान पत्र, ड्राईविंग लाइसेंस, सम्पति दस्तावेज, बैंक/ डाकघर, किसान पास बुक, सेवा पहचान पत्र, आयकर पहचान पत्र, पासपोर्ट एवंसस्त्र लाइसेंस में से किसी एक दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा जो एक फरवरी 2013 से पूर्व का हो। उन्होंने बताया कि यदि परिवार के मुखिया के पास उक्त फोटो दस्तावेज है और उस परिवार के किसी सदस्य के पास नहीं है, तो परिवार के मुखिया की पहचान के आधार पर भी मतदाता की पहचान स्थापित की जा सकती है, बशर्ते कि परिवार का मुखिया भी साथ है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की हंै कि वे मतदान के समय आयोग के उक्त आदेश के तहत दस्तावेजों को साथ लाये जिससे मतदान शांति पूर्वक एवं निष्पक्षता सेसम्पन्न हो सकें।

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